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यात्री प्रतीक्षालय है, बसें नहीं रुकती

हाइवे रोड से 2 किलोमीटर अंदर खिमच गांव की आबादी 4 हजार से अधिक है। लोगों को सफर करने के लिए या तो 5 किलोमीटर दूर...

Danik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:45 AM IST
हाइवे रोड से 2 किलोमीटर अंदर खिमच गांव की आबादी 4 हजार से अधिक है। लोगों को सफर करने के लिए या तो 5 किलोमीटर दूर ढाबादेह या 7 किलोमीटर दूर सुकेत जाना पड़ता है। सरकार ने हाइवे पर यात्री प्रतीक्षालय बनवा रखा है, परन्तु रोडवेज की बसें यहां नहीं रुकती हैं। गांव से 10 से अधिक छात्राएं झालावाड़ कॉलेज जाती हैं। रोजाना गांव से पैदल हाइवे तक तो आ जाती हैं, परन्तु यहां से ढाबादेह या सुकेत के लिए कोई साधन नहीं मिलता।

न ही रोडवेज की बसें रुकती हैं। ऐसे में प्राइवेट टैक्सियों में यात्रा करना पड़ता है। छात्राओं ने बताया कि रोडवेज में तो पास बन जाता है, सभी ने पास भी बनवा रखे हैं, परन्तु रोडवेज के नहीं रुकने से कोई काम का नहीं है पास। खिमच गांव के अतिरिक्त अतरलिया गांव के लोगों को भी बसों से यात्रा करने के लिए इसी परेशानी से रूबरू होना पड़ता है। लोगों का कहना है कि जब सरकार ने यात्री प्रतीक्षालय बनवाया है तो बसों का ठहराव भी सुनिश्चित करना चाहिए। पहले लोकल बसों को हाथ देने पर रोक दिया करते थे, अब अधिकांश बसों को सीधे लम्बी दूरी की चला दी है। ऐसी बसें अब यहां नहीं रुकती हैं बसों के नहीं रुकने से यात्री प्रतीक्षालय का भी कोई उपयोग नहीं होता, जिसके चलते प्रतीक्षालय भी जर्जर हो गया। प्रतीक्षालय के चारों ओर झाडिय़ां उग आई हैं।


मोड़क स्टेशन. खिमच का जर्जर यात्री प्रतीक्षालय।

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