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बजट पर प्रतिक्रिया : आयकर में राहत नहीं, उद्योगों के लिए भी कुछ नहीं, चिकित्सा में जरूर राहत मिली

वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से प्रस्तुत बजट कई तरह के फ्लेवर लिए हुए है। इसमें की गई घोषणाओं को लेकर हर कोई...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 05:55 AM IST

वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से प्रस्तुत बजट कई तरह के फ्लेवर लिए हुए है। इसमें की गई घोषणाओं को लेकर हर कोई अपने-अपने तरीके से व्याख्या कर रहा है। दैनिक भास्कर की ओर से गुरुवार को चिकित्सा, शिक्षा, राजनीति, ऑटोमोबाइल, ज्वैलरी सहित विभिन्न क्षेत्र के लोगों से की गई बातचीत में उभर कर आया कि यह एक तरह से चुनावी बजट है। हालांकि किसानों, पेंशनर, सीनियर सिटीजन के लिए की गई घोषणाओं को सभी ने एक स्वर में सराहा, लेकिन आयकर में दी गई राहत को नाकाफी बताया। शिक्षा पर सैस बढ़ाने को भी उचित नहीं माना।

गोल्डन टॉवर में आयोजित परिचर्चा में नगर परिषद सभापति सुदेश अहलावत ने कहा कि मोदी सरकार का ये बजट देश में विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। इसमें की गई घोषणाएं गरीबों, किसानों, पेंशनर के लिए लाभकारी होंगी। कांग्रेस सेवादल के प्रदेश संगठन सचिव एमडी चोबदार ने कहा कि ये सिर्फ चुनावी और लुभावना बजट है। चार साल मोदी सरकार को आम आदमी की याद नहीं आई। अब भी जो घोषणाएं की हैं, उन्हें 2022 तक पूरा करने की बात है। सीए सुभाष चंद्र ने कहा कि बजट खास नहीं है। नौकरी पेशा को आयकर में मामूली छूट से कुछ भी हासिल नहीं होगा। मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम और महंगे होंगे। सीमेंट व्यवसायी अनुराग टीबड़ा ने कहा कि पैट कॉक पर किए गए बदलाव से सीमेंट और महंगा हो जाएगा जो रियल स्टेट उद्योग के लिए अच्छा संकेत नहीं है। स्टार एकेडमी के अख्तर अली तथा न्यू राजस्थान पब्लिक स्कूल के सचिव इंजीनियर पीयूष ढूकिया ने कहा कि शिक्षा को लेकर सैस एक प्रतिशत और बढ़ा दिया है, लेकिन राहत की खास घोषणा इस बजट में नहीं की गई है। सीए महेन्द्र धनकड़ और सीए मनु धनकड़ का कहना था कि उज्वला और सौभाग्य संबंधी घोषणाएं अच्छी बात है, चिकित्सा के क्षेत्र में भी जो कुछ कहा गया है, उससे लोगों को फायदा ही होगा। धनकड़ का कहना था कि देश के गांवों को स्मार्ट बनाने की जरूरत है। बजट जुमलेबाजी से ज्यादा कुछ नहीं है। दंत चिकित्सक डॉ. संजय कटेवा, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक चौधरी, शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. पीएल काजला ने कहा कि चिकित्सा को लेकर देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढा़ने की घोषणा स्वागत योग्य है। यह एक तरह से देश के लोगों तक चिकित्सा की सुविधाएं आसान तरीके से पहुंचाने की दिशा में उठाया गया कदम है। ज्वैलरी के व्यवसाय से जुड़े गीतांजली ज्वैैलर्स के चेयरमैन शिवकरण जानू, जीएम ज्वैलर्स के महेश सोनी का कहना था कि ज्वैलरी व्यवसाय के लिए कुछ समय पहले बड़ी दिक्कतें हो गई थीं, लेकिन फिलहाल तो इस बजट में ऐसी कोई नकारात्मक बात नजर नहीं आती। जीएसटी में भी लगातार संशोधन हो ही रहे हैं। धनलक्ष्मी साड़ी के गगन शर्मा, सोमरा होंडा से महेंद्र सोमरा ने भी विचार रखे।

परिचर्चा में शामिल झुंझुनूं के चिकित्सा, शिक्षा, राजनीति व बिजनस से जुड़े गणमान्य लोग।

भास्कर न्यूज | झुंझुनूं

वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से प्रस्तुत बजट कई तरह के फ्लेवर लिए हुए है। इसमें की गई घोषणाओं को लेकर हर कोई अपने-अपने तरीके से व्याख्या कर रहा है। दैनिक भास्कर की ओर से गुरुवार को चिकित्सा, शिक्षा, राजनीति, ऑटोमोबाइल, ज्वैलरी सहित विभिन्न क्षेत्र के लोगों से की गई बातचीत में उभर कर आया कि यह एक तरह से चुनावी बजट है। हालांकि किसानों, पेंशनर, सीनियर सिटीजन के लिए की गई घोषणाओं को सभी ने एक स्वर में सराहा, लेकिन आयकर में दी गई राहत को नाकाफी बताया। शिक्षा पर सैस बढ़ाने को भी उचित नहीं माना।

गोल्डन टॉवर में आयोजित परिचर्चा में नगर परिषद सभापति सुदेश अहलावत ने कहा कि मोदी सरकार का ये बजट देश में विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। इसमें की गई घोषणाएं गरीबों, किसानों, पेंशनर के लिए लाभकारी होंगी। कांग्रेस सेवादल के प्रदेश संगठन सचिव एमडी चोबदार ने कहा कि ये सिर्फ चुनावी और लुभावना बजट है। चार साल मोदी सरकार को आम आदमी की याद नहीं आई। अब भी जो घोषणाएं की हैं, उन्हें 2022 तक पूरा करने की बात है। सीए सुभाष चंद्र ने कहा कि बजट खास नहीं है। नौकरी पेशा को आयकर में मामूली छूट से कुछ भी हासिल नहीं होगा। मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम और महंगे होंगे। सीमेंट व्यवसायी अनुराग टीबड़ा ने कहा कि पैट कॉक पर किए गए बदलाव से सीमेंट और महंगा हो जाएगा जो रियल स्टेट उद्योग के लिए अच्छा संकेत नहीं है। स्टार एकेडमी के अख्तर अली तथा न्यू राजस्थान पब्लिक स्कूल के सचिव इंजीनियर पीयूष ढूकिया ने कहा कि शिक्षा को लेकर सैस एक प्रतिशत और बढ़ा दिया है, लेकिन राहत की खास घोषणा इस बजट में नहीं की गई है। सीए महेन्द्र धनकड़ और सीए मनु धनकड़ का कहना था कि उज्वला और सौभाग्य संबंधी घोषणाएं अच्छी बात है, चिकित्सा के क्षेत्र में भी जो कुछ कहा गया है, उससे लोगों को फायदा ही होगा। धनकड़ का कहना था कि देश के गांवों को स्मार्ट बनाने की जरूरत है। बजट जुमलेबाजी से ज्यादा कुछ नहीं है। दंत चिकित्सक डॉ. संजय कटेवा, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक चौधरी, शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. पीएल काजला ने कहा कि चिकित्सा को लेकर देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढा़ने की घोषणा स्वागत योग्य है। यह एक तरह से देश के लोगों तक चिकित्सा की सुविधाएं आसान तरीके से पहुंचाने की दिशा में उठाया गया कदम है। ज्वैलरी के व्यवसाय से जुड़े गीतांजली ज्वैैलर्स के चेयरमैन शिवकरण जानू, जीएम ज्वैलर्स के महेश सोनी का कहना था कि ज्वैलरी व्यवसाय के लिए कुछ समय पहले बड़ी दिक्कतें हो गई थीं, लेकिन फिलहाल तो इस बजट में ऐसी कोई नकारात्मक बात नजर नहीं आती। जीएसटी में भी लगातार संशोधन हो ही रहे हैं। धनलक्ष्मी साड़ी के गगन शर्मा, सोमरा होंडा से महेंद्र सोमरा ने भी विचार रखे।

व्यापारियों ने जताई निराशा, बोले-कुछ भी नहीं है

झुंझुनूं के छावनी बाजार के व्यापारियों का कहना था कि व्यापारियों के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है। उम्मीद थी कि जीएसटी में कुछ बिन्दुओं पर संशोधन होगा। श्री गल्ला व्यापार संघ के अध्यक्ष संपत चुड़ैलेवाला ने कहा कि व्यापारियों को बजट में कृषि जिंस, अन्य चीजों पर छूट की उम्मीद थी, लेकिन जेटली ने व्यापारियों को निराश किया है। इस चर्चा में सचिव रोहितास बंसल, विश्वनाथ टीबड़ा, सुरेश हेतमसरिया, आनन्द टीबडा, पवन गुढ़ावाला, पुरुषोत्तम चुड़ैलेवाला, अमित टीबड़ा ने भी भाग लिया। इसी तरह रोड नंबर दो स्थित एसएस मोदी विद्या मंदिर के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित परिचर्चा में शामिल निर्मला, अर्चना, मीना आर्य, सरला जांगीड़, द्रक्षा. कंचन शर्मा, रेखा दाधीच ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि बजट में की गई घोषणाएं महिलाओं और किसानों के लिए लाभकारी होंगी। स्कूल के प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिपाठी व दिनेश शेखावत ने संचालन किया। सीए लोकेश अग्रवाल ने कहा कि इनकम टैक्स में राहत के मामले में भी जेटली जी की पोटली खाली दिखाई दी।

बिसाऊ. पीसीसी सदस्य बनवारी लाल पहाड़सरिया, नगर कांग्रेस अध्यक्ष अयूब खान एडवोकेट, पूर्व पार्षद मुस्ताक खान ने बजट को आम जन को बेवकूफ‌ बनाने वाला बताया। भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष श्रीकिशन पारीक व पालिका उपाध्यक्ष दीनदयाल खवास ने बजट को सर्व हितकारी बताया।

मुकुंदगढ़. युवा नेता विजेंद्रसिंह डोटासरा ने कहा कि बजट में युवाओं व किसानों के लिए कोई सामान नहीं है। अभी तो पिछले बजट की घोषणाएं ही पूरी नहीं हो सकी हैं। यह पूर्ण रूप से किसान, गरीब को नजर अंदाज कर निराश करने वाला बजट है।

नवलगढ़. जय किसान आंदोलन व स्वराज इंडिया के प्रदेश कोषाध्याक्ष कैलाश यादव ने इस बजट को किसानों के लिए निराशाजनक बजाया। यादव ने कहा कि बजट में किसानों को कर्जा मुक्ति करने, फसल लागत से डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य पर खरीद का बजट में कोई उल्लेख नहीं है। सीए सत्येंद्र मुरारका ने बजट को किसानों व गरीब तबके के लिए फायदेमंद बताया, परंतु बजट में व्यापारियों व मध्यम वर्ग को पूरी तरह से अनदेखी की गई है। इस बजट से बहुत सारे सुधारों की उम्मीद थी, परंतु हर जगह निराशा हाथ लगी है।

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