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3 से 11 तक उदयपुर के लोगों और पुलिस अफसरों के होंगे बयान

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में 25 दिन बाद सोमवार से सेशन कोर्ट मुंबई में पेशियां शुरू होंगी। खासबात है कि आने वाले 10...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 05:35 AM IST
3 से 11 तक उदयपुर के लोगों और पुलिस अफसरों के होंगे बयान
सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में 25 दिन बाद सोमवार से सेशन कोर्ट मुंबई में पेशियां शुरू होंगी। खासबात है कि आने वाले 10 दिनों में उदयपुर के निवासियों और पुलिस अधिकारियों के बयान होंगे। इन सभी लोगों के बयान एनकाउंटर में शामिल टीम के लिए काफी अहम रहेंगे। 2 अप्रैल को चार गवाहों को कोर्ट आना है, ये सभी गुजरात से संबंधित हैं। उदयपुर से संबंधित पुलिस अधिकारी भंवर सिंह हाड़ा, रणविजय सिंह और सुधीर जोशी के सीबीआई जांच के दौरान सेशन कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान हो चुके हैं। ऐसे में अन्य लोगों के साथ ही इन तीनों के बयान उदयपुर टीम के लिए काफी अहम होंगे।

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस

कोर्ट में किस दिन किससे होंगे बयान और केस से क्या ताल्लुक

3 अप्रैल : 1. नयाबुद्दीन यह हैदराबाद में बस पिकअप मैन था और जिस बस से सोहराबुद्दीन हैदराबाद से अहमदाबाद आ रहा था, उस बस तक नयाबुद्दीन ने ही पहुंचाया था। 2. आजम खान उदयपुर का गैंगस्टर है और 2005 में सोहराबुद्दीन का साथी था।

4 अप्रैल : 1. मजीद मोहम्मद हामिद लाल का भाई है। आजम, सोहराबुद्दीन, तुलसी गैंग ने मिलकर हामिद लाल की हत्या की थी, इसमें सोहराबुद्दीन और तुलसी फरार चल रहे थे। 2. डीएसपी भंवर सिंह हाड़ा तत्कालीन हाथीपोल थानाधिकारी और हामिदलाल हत्याकांड के जांच अधिकारी थे। तुलसी को गिरफ्तार करने ये भीलवाड़ा गए थे।

5 अप्रैल : 1. एडि.एसपी सुधीर जोशी को तत्कालीन डीएसपी पश्चिम थे और तुलसी को गिरफ्तार कर भीलवाड़ा जो टीम गई थी, उसके टीम लीडर थे। 2. डीएसपी रणविजय सिंह तत्कालीन घंटाघर निरीक्षक थे। तुलसी को भीलवाड़ा से गिरफ्तार करने वाली टीम के सदस्य थे। मामले से जुड़ी जगमंदिर में हुई एक मीटिंग के समय भी घंटाघर निरीक्षक थे।

9 अप्रैल : आईपीएस हिंगलाज दान तत्कालीन प्रशिक्षु आईपीएस और पूर्व डीएसपी थे। इनके अंडर प्रतापनगर थाना भी था और एनकाउंटर टीम के हिस्सा निरीक्षक अब्दुल रहमान उस समय प्रतापनगर थानाधिकारी थे। खूम सिंह तत्कालीन एसपी ऑफिस की डीएसबी शाखा के हेडकांस्टेबल थे।

10 अप्रैल : कोमल झा, चंदन झा ये दोनों भीलवाड़ा में उस मकान के मालिक है, जिसमें तुलसी किराए पर रहता था और सुधीर जोशी की टीम ने इसी मकान से तुलसी को गिरफ्तार किया था। वकील सलीम खान उस समय तुलसी प्रजापति के वकील थे।

11 अप्रैल : एडीजी राजीव दासोत 2005 में उदयपुर आईजी थे। रामअवतार 2010 में उदयपुर सेंट्रल जेल में जेलर थे और सीबीआई ने जांच के दौरान 2010 में सेंट्रल जेल से तुलसी प्रजापति के 2005 से 06 के बीच न्यायिक अभिरक्षा में होने से संबंधित दस्तावेज जब्त किए थे।

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