• Hindi News
  • Rajasthan
  • Nagar
  • जीवन की गुणवत्ता सुधारना चाहते हैं, तो अच्छे कामों की सराहना करें
--Advertisement--

जीवन की गुणवत्ता सुधारना चाहते हैं, तो अच्छे कामों की सराहना करें

Dainik Bhaskar

Jun 11, 2018, 05:10 AM IST

Nagar News - जब आपको लगे कि किसी ने कुछ ऐसा पूर्ण समर्पण के साथ किया है, जो आप उसकी स्थिति में होने पर करते या करना पसंद करते तो...

जीवन की गुणवत्ता सुधारना चाहते हैं, तो अच्छे कामों की सराहना करें
जब आपको लगे कि किसी ने कुछ ऐसा पूर्ण समर्पण के साथ किया है, जो आप उसकी स्थिति में होने पर करते या करना पसंद करते तो उससे सिर्फ यह कहिए ‘बहुत अच्छा’ या ‘धन्यवाद’। फिर देखिए कि वह व्यक्ति वह अच्छा काम फिर कैसे दोहराता है। लेकिन, यहां एक पेच है। यह छोटी-सी सराहना कोई एक बार दिखाई गई सौजन्यता नहीं है। यह सतत चलने वाली प्रक्रिया है और यदि आप चाहते हैं कि आप के आसपास का दिन-प्रतिदिन का जीवन सुगमता से चले तो आभार देना या सरहना करना दैनिक क्रिया होनी चाहिए। ख्याल रहे कि किसी के प्रति आभार व्यक्त करने की यह क्रिया कृत्रिम या फर्जी न हो, यह पूरी ईमानदारी से व्यक्त भावना हो। शुद्ध हृदय से की गई सराहना ही अपना असर दिखाती है।

किसी भी शहर की गलियों में तैनात सिपाही को ही लीजिए। हम उन्हें ऐसे ‘पांडु’ (मराठी अपमानजनक संदर्भ) के रूप में देखते हैं, जो हमेशा पान मसाला चबाकर चारों तरफ थूकते रहते हैं। लेकिन, क्या आपने कभी एक सेकंड के लिए भी सोचा है कि यह व्यक्ति चिलचिलाती धूप में या बरसते पानी में, कई बार तो बिना सिर पर किसी आसरे के खड़ा रहता है, यह सुनिश्चित करने के लिए उस चौराहे पर कोई ट्रैफिक जाम न हो और हम समय से दफ्तर पहुंच जाएं। हम हमेशा कार के शीशे चढ़ाकर एसी फुल कर देते हैं, क्योंकि हमारे आगे खड़े विशाल ट्रक द्वारा छोड़ा गया धुआं हमें बर्दाश्त नहीं होता। किंतु शायद ही हमारा ध्यान कभी इस तथ्य की ओर जाता है कि सामने खड़ा यातायात का सिपाही भी उस धुएं से प्रभावित होता है। यही वजह है कि वे सिपाही अधिक थूकते रहते हैं। यह उन पर होने वाले वायु प्रदूषण का प्रभाव है, जो उनकी सेहत को खराब करता है।

हम कभी कार के शीशे नीचे गिराकर उसे ‘थैंक्यू’ नहीं कहते। यह कीजिए और अगले दिन फर्क देखिए। फिर कीजिए और उसके अगले दिन फिर फर्क देखिए। हर दिन कीजिए, जब भी संभव हो। यह आपको चकित कर देगा, क्योंकि वे भी मानव हैं और वह सराहना पाने के लिए व्याकूल रहते हैं, जो उन्हें कभी नहीं मिलती।

यही वजह है कि एक कार वाले द्वारा 4 जून को शूट किया वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। वीडियो में यातायात के एक सिपाही का समर्पण दिखाई देता है, जो ढाई घंटे तक बिना रेनकोट के बारिश में सिर्फ इसलिए खड़ा रहा ताकि मुंबई में अत्यधिक व्यस्त रहने वाले वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के निकट के उस रोड पर ट्रैफिक जाम न हो जाए। याद रहें कि भारी बारिश के कारण मुंबई में जगह-जगह पानी जमा हो गया था और महानगर जैसे थम गया था लेकिन, जिस रोड की व्यवस्था नंदकुमार इंगले (47) संभाल रहे थे वहां यातायात तब तक सुगमता से चलता रहा, जब तक कि एक पेड़ वहां नहीं गिर गया। उससे भी थोड़ी देर के लिए ही जाम लगा, जिसे उन्होंने अपने सहयोगी की मदद से हटा दिया। जोरदार हवाओं ने पहले तो कुछ बैरिकैड 150 मीटर दूरी तक फेंक दिए। इंगले ने अपना फोन व वालेट अपने वार्डन को दिया और बैरिकेड्स को सुरक्षित दूरी तक हटा दिया तथा सुनिश्चित किया कि रोज पर कोई अराजकता न हो।

बाद में एक अन्य कॉन्स्टेबल प्रदीप भिलाये उनकी मदद के लिए आए और दोनों रात 11:30 बजे तक उसी रोड पर डटे रहे। मजे की बात है कि ट्रैफिक विभाग में 23 साल से ज्यादा समय से सेवा दे रहे इंगले का सोशल मीडिया पर कोई अकाउंट नहीं है और उन्हें इस वीडियो के बारे में तब तक कुछ पता नहीं था, जब तक उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने अगले दिन काम पर आने के बाद बधाई नहीं दी। वरिष्ठ अधिकारियों की सराहना से उनका मनोबल और बढ़ा होगा।

कोई आश्चर्य नहीं कि महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के सीएमडी आनंद महिन्द्रा जैसी शख्सियत ने वीडियो देखने के बाद ट्वीट में कहा, ‘हमें हीरो की परिभाषा को और विस्तार देने की जरूरत है। वीरतापूर्ण कार्य सिर्फ वही महान कृत्य नहीं होना चाहिए, जो स्मारकों और प्रतिमाओं का औचित्य सिद्ध करते हैं बल्कि हर वह काम इसके दायरे में होना चाहिए जो अपने साथी नागरिकों के प्रति कर्तव्य व चिंता में किए गए हो। रोज की ज़िंदगी के ऐसे जितने हीरो हमारे पास होंगे, हमारे जीवन की गुणवत्ता उतनी ही अच्छी होगी।’

फंडा यह है कि  काम के प्रति समर्पण ही किसी व्यक्ति को सफलता दिलाता है। लेकिन, हममें से ज्यादातर लोग नहीं जानते कि इसे नियमित रूप से सराहना और आभार की भी जरूरत होती है।

मैनेजमेंट फंडा एन. रघुरामन की आवाज में मोबाइल पर सुनने के लिए टाइप करें FUNDA और SMS भेजें 9200001164 पर

एन. रघुरामन

मैनेजमेंट गुरु

raghu@dbcorp.in

X
जीवन की गुणवत्ता सुधारना चाहते हैं, तो अच्छे कामों की सराहना करें
Astrology

Recommended

Click to listen..