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न ट्रेनिंग, न स्टाफ और न ही संसाधन साइबर क्राइम से कैसे निबटे पुलिस

Nagar News - नगर विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनीता सिंह के संबंध में अश्लील भाषा का प्रयोग करते हुए विभिन्न आरोप लगाते हुए...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 05:15 AM IST
न ट्रेनिंग, न स्टाफ और न ही संसाधन साइबर क्राइम से कैसे निबटे पुलिस
नगर विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनीता सिंह के संबंध में अश्लील भाषा का प्रयोग करते हुए विभिन्न आरोप लगाते हुए मैसेज फेसबुक पर अपलोड किया था। ये मैसेज वाट्सएप पर वायरल हो गया। इसके संबंध में विधायक अनीता सिंह ने नगर थाना में मामला दर्ज कराया था।

केस-1

भरतपुर| एटीएम कार्ड बदलने, पासवर्ड पता करके कार्ड छीनकर रुपए निकाल लेने और एटीएम हैंग करने जैसी घटनाएं अब भरतपुर जिले में भी ज्यादा बढ़ने लगी हैं। अगर साइबर क्राइम के आंकड़ों की बात करें तो कुल अपराधों में करीब 80 फीसदी घटनाएं ऐसी ही हैं। इधर, साइबर क्राइम की ये घटनाएं पुलिस के लिए भी चुनौती बनती जा रही हैं। क्योंकि पुलिस के पास न तो पर्याप्त साधन हैं और न ही पर्याप्त स्टाफ। यहां तक कि साइबर क्राइम की घटनाओं को खोलने के लिए भरतपुर जिला पुलिस के पास सॉफ्टवेयर इंजीनियर तक नहीं है।

साइबर क्राइम के अपराधों को कम करने के लिए मथुरागेट थाने को 3 साल पहले नोडल थाना बनाया था। अब नोडल थाने में भी एसएचओ के अलावा एक एसआई और एक हैडकांस्टेबल हैं। जिनके पास ऐसे मामलों की जांच का जिम्मा है। हालांकि एसपी ऑफिस में साइक्लोन शाखा खोली हुई है। लेकिन, वहां भी एक हैड कांस्टेबल और तीन सिपाही हैं। इन्हें कोई ट्रेनिंग भी नहीं दी गई है। हाल ही में सेल्सटैक्स विभाग की बेवसाइट के पासवर्ड चोरी करके बेवसाइट तैयार करने वाली कम्पनी के ही इंजीनियरों ने भरतपुर, अलवर, जयपुर, सवाईमाधोपुर, करौली, मकराना नागौर और अजमेर क्षेत्र में विभाग को करीब 5 करोड़ 13 लाख रुपए का नुकसान पहुंचाया था। 2016 के दौरान साइबर क्राइम के 101 और वर्ष 2017 में 121 मामले दर्ज हुए थे। इस बारे में एसपी अनिल कुमार टांक का कहना है कि साइबर सेल में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए काम किया जा रहा है। ये बात सही है कि वर्तमान में पूर्ण संसाधन नहीं हैं।

भरतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक विजय बंसल ने मथुरागेट थाना में मामला दर्ज कराया था कि किसी महिला के साथ एक व्यक्ति का आपत्तिजनक स्थिति में फोटो वाट्सएप पर वायरल किया गया है। ये उन्हें बदनाम करने की साजिश की जा रही है, जबकि उनका उस फोटो से कोई संबंध नहीं है।

केस-2

साइबर एक्सपर्ट व्यू

साइबर एक्सपर्ट पूर्व डीआईजी डा. सी.बी. शर्मा का कहना है कि साइबर क्राइम के बारे में आमजन को पहले जागरुक होना जरूरी है कि ये क्या होता है और कैसे घटित होता है। ये कम्प्यूटर व इंटरनेट के जरिए घटित है। इसमें बिना अनुमति के कम्प्यूटर के अंदर से अवैध रूप से डाटा ले लिया जाता है या चोरी कर लिया जाता है या फिर डाटा डैमेज कर दिया जाता है। इस संबंध में धारा 78 में पुलिस को ही कार्रवाई करने का अधिकार है। खास बात ये है कि इसमें काल्पनिक साक्ष्य को सीज करके कोर्ट में पेश किया जाना जरूरी होता है। इसके लिए पुलिस कर्मियों में इच्छा शक्ति का होना जरूरी है और फिर उन्हें ट्रेनिंग दी जाए। तभी अपराधियों तक पहुंचा जा सकता है।

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