• Home
  • Rajasthan News
  • Nagar News
  • 1.40 करोड़ रु. गबन करने वाले 3 इंजीनियर और 3 कर्मचारी सस्पेंड
--Advertisement--

1.40 करोड़ रु. गबन करने वाले 3 इंजीनियर और 3 कर्मचारी सस्पेंड

जलदाय विभाग के जवाहर नगर सब डिवीजन में 1.40 करोड़ रुपए का गबन करने वाले 3 इंजीनियर और 3 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया...

Danik Bhaskar | Jun 03, 2018, 05:15 AM IST
जलदाय विभाग के जवाहर नगर सब डिवीजन में 1.40 करोड़ रुपए का गबन करने वाले 3 इंजीनियर और 3 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। विभाग के प्रमुख सचिव रजत कुमार मिश्र ने शनिवार को ऑडिट टीम तथा आला अफसरों के सामने आरोपियों से सुनवाई की। आरोपियों ने अपने पक्ष में दलीलें दी, लेकिन जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर शनिवार दोपहर बाद सभी को सस्पेंड कर दिया गया। इंजीनियरों के निलंबन का आदेश सचिवालय से संयुक्त सचिव ने जारी किया है। निलंबित कर्मचारियों को अलग अलग जिलों में अधीक्षण अभियंता कार्यालयों में हाजिरी देने के आदेश दिए हैं। प्रमुख सचिव ने दोषियों और आरोपियों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश भी दिया है।

दैनिक भास्कर ने 30 मई को 3 इंजीनियरों और 3 बाबुओं ने छुट्टी पर चल रहे व रिटायर्ड कर्मचारियों का वेतन उठाकर किया 1.40 करोड़ का गबन- खबर में खुलासा किया था। इसके बाद प्रमुख सचिव ने पूरा मामला तलब किया।

इनको गबन के आरोप में सस्पेंड किया

रजनीश बैरवा : वर्तमान सहायक अभियंता (अक्टूबर 16 से अब तक)

विजय पारीक : सहायक अभियंता (जुलाई 13 से अक्टूबर 16)

एन के वर्मा : सहायक अभियंता (मार्च 09 से जुलाई 13)

दीपक कुमार विजय : तत्कालीन बिल लिपिक

ज्ञान चंद मीना : संस्थापन लिपिक

रमेश चंद मीना : सहायक

अब पुलिस में दर्ज होगी एफआईआर, प्रमुख सचिव ने की सुनवाई

भास्कर में 30 मई को प्रकाशित

जानिए क्या है पूरा मामला

जलदाय विभाग के जवाहर नगर सबडिवीजन में इंजीनियरों ने तीन बाबुओं रिटायर्ड कर्मचारियों के उपार्जित अवकाश (पीएल) की राशि व लंबे समय से छुट्टी पर रहने वाले कर्मचारियों का वेतन ज्यादा बनाकर 1.40 करोड़ रुपए का गबन किया। एक्सईएन एन के वर्मा का तबादला होते ही 2014 से 2017 तक कर्मचारियों का एरियर और मृतक कर्मचारियों का वेतन दूसरे 25 लोगों के खातों में डाल दी। कुछ कर्मचारियों ने अपना दुगना वेतन उठा भी लिया। आरोपी बाबूओं ने फाइल सहायक अभियंता रजनीश बैरवा व विजय पारीक से वेरिफाई व मंजूरी करवाई। स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।