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5 साल से राजस्थान से कबड्डी खेल रहे हैं हरियाणा के दीपक हुड्डा, जो पता दिया उस मकान मालिक ने बोला, मेरे यहां कभी रहा ही नहीं

कबड्डी ने दीपक हुड्डा को करोड़पति बना दिया। जयपुर पिंक पैंथर्स ने हाल ही में हुए ऑक्शन में दीपक को 1.15 करोड़ रुपए में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 04, 2018, 05:15 AM IST

5 साल से राजस्थान से कबड्डी खेल रहे हैं हरियाणा के दीपक हुड्डा, जो पता दिया उस मकान मालिक ने बोला, मेरे यहां कभी रहा ही नहीं
कबड्डी ने दीपक हुड्डा को करोड़पति बना दिया। जयपुर पिंक पैंथर्स ने हाल ही में हुए ऑक्शन में दीपक को 1.15 करोड़ रुपए में खरीदा। रोहतक, हरियाणा के दीपक पिछले पांच साल से राष्ट्रीय चैंपियनशिप में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने जयपुर का जो पता एक एफिडेविट में दिया उसके मकान मालिक ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि दीपक नाम का कोई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कभी मेरे घर में किराए पर नहीं रहा।

इसके अलावा दूसरे राज्यों के अन्य खिलाड़ियों को भी राजस्थान से खिलाने और फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने के आरोप कबड्डी के पितामह कहे जाने वाले जनार्दन सिंह गहलोत पर लगे हैं। इनमें हरियाणा के जसवीर सिंह और महाराष्ट्र के नितिन मदने भी शामिल हैं।

गहलोत पर फर्जी सर्टीफिकेट जारी करने का आरोप

2007 में 7 कबड्डी खिलाड़ियों दीपक डबास, कपिल देव. अमरजीत, राज विरेन्दर, परविंदर, मनोज कुमार और संजीव शर्मा को ‌फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने के आरोप तत्कालीन भारतीय कबड्डी संघ अध्यक्ष जर्नादन सिंह गहलोत पर लगाए गए। करमवीर ने कहा कि मेरे सामने पैसे लेकर ये सर्टिफिकेट जारी किए गए। एक खिलाड़ी से तो 2.50 लाख रुपए लिए गए। इनमें दीपक डबास के खिलाफ तो चार्जशीट भी दर्ज है। इससे संबंधित एक मामला दिल्ली के मुखर्जी नगर थाने में दर्ज है।

सुमित्रा बोली, मुझे जयपुर से खेलने नहीं दिया

एशियन गोल्ड मेडलिस्ट सुमित्रा शर्मा ने भी जनार्दन सिंह गहलोत और सचिव गोविंद नारायण शर्मा पर उसे जयपुर जिले से नहीं खेलने देने के आरोप लगाए। दूसरे जिले से खेलने की कोशिश की तो वहां से भी नहीं खेलने दिया। यह सिर्फ अपने कोच हीरानंद कटारिया को द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए एफिडेविट देने के लिए किया। यहां तक कि जयपुर में जिला कबड्डी चैंपियनशिप सिर्फ कागजों में होने का भी आरोप लगाया।

लालच से हसन-शालिनी को अपने साथ मिलाया

कबड्डी कोचिंग से लंबे समय से जुड़े और राजस्थान वुशू संघ के अध्यक्ष हीरानंद कटारिया ने कहा कि शालिनी पाठक और हसन कुमार पहले हमारे साथ थे लेकिन लालच देकर गहलोत ने अपने साथ मिलाया। हसन अब पुणे पल्टन के कोच हैं जबकि 36 साल की उम्र में शालिनी को इंडिया कैंप में हैं।

कबड्डी में परिवारवाद खत्म करने के लिए उठी आवाज

भारतीय कबड्डी संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र पहल, एकेएफआई के पूर्व महासचिव केपी राव, पूर्व उपाध्यक्ष विजय प्रकाश और हीरानंद कटारिया ने कबड्डी में परिवारवाद को खत्म करने और वसुंधरा सरकार से अनियमितताओं के खिलाफ सीआईडी से जांच कराने की मांग की।

प्रो कबड्डी में चुने गए राजस्थान के खिलाड़ियों का स्वागत

जयपुर। राजस्थान कबड्डी संघ के अध्यक्ष तेजस्वी गहलोत ने हाल ही में हुए ऑक्शन में प्रो कबड्डी में चुने गए राजस्थान के 9 खिलाड़ियों का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने राजस्थान में हर जिले में मैट पर ही कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि अब राजस्थान में मिट्टी की कबड्डी के बजाय हर जगह मैट पर ही कबड्डी होगी। इसके लिए सभी जिलों को जल्द ही मैट उपलब्ध कराए जाएंगे।

हर बार फर्जी सर्टिफिकेट का मुद्दा उठाते हैं, मेरी ही चिट्ठी पर केस दर्ज हुआ था

हर बार वही फर्जी सर्टिफिकेट का मुद्दा उठाते हैं। मेरी ही चिट्ठी पर दिल्ली में केस दर्ज हुआ था। दीपक ने पांच साल पहले राजस्थान से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था। सुमित्रा को मैंने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनाया। एशियन गेम्स खिलाया, अब यह जरूरी तो नहीं कि हर बार उसे ही मौका मिले। 50 साल की मेहनत के बाद कबड्डी को इस मुकाम तक पहुंचाया है कि खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपए मिलने लगे हैं। -जर्नादन सिंह गहलोत

ये खिलाड़ी चुने गए

दीपक हुड्डा (पिंक पैंथर्स) 1.15 करोड़, वजीह सिंह (हरियाणा स्टीलर्स) 20 लाख, सचिन (गुजरात फॉर्च्यून जाएंट्स) 57 लाख, राजूलाल चौधरी (बेंगलुरू बुल्स) 8.80 लाख, महेंद्र सिंह ढाका (बेंगलुरू बुल्स) 8.00 लाख, कमल किशोर जाट (दबंग दिल्ली) 8.00 लाख, महेंद्र राजपूत (गुजरात), 25 लाख, विजेंदर सिंह (पिंक पैंथर्स) 5.60 लाख, भुवनेश्वर गौड़ (हरियाणा), 5.00 लाख।

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