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7 लाख रुपए तक बढ़ाई लोन राशि, 45 लाख रु. तक के घर भी सस्ते की श्रेणी में

नई दिल्ली | हाउसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को तीन फैसले हुए। रिजर्व बैंक ने अफोर्डेबल हाउसिंग यानी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 07, 2018, 05:20 AM IST

नई दिल्ली | हाउसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को तीन फैसले हुए। रिजर्व बैंक ने अफोर्डेबल हाउसिंग यानी सस्ते घरों के लिए कर्ज की सीमा 7 लाख रु. तक बढ़ा दी। अभी अधिकतम 28 लाख रु. तक का ही लोन लिया जा सकता था, जिसे 35 लाख तक कर दिया है। सस्ते घरों की कीमत की सीमा भी 10 लाख रु. तक बढ़ाकर 45 लाख रु. तक की है। आरबीआई 30 जून को सर्कुलर जारी करेगा। दिवालिया हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट में खरीदारों को भी बैंकों के बराबर फाइनेंशियल क्रेडिटर का दर्जा दिया गया है। तीसरा फैसला कैबिनेट ने किया। इसके तहत घाटे वाली सरकारी कंपनियों की सरप्लस जमीन पर सस्ते घर बनाए जाएंगे। उधर, रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 0.25% बढ़ा दी, जिससे कर्ज महंगा होगा।

हाउसिंग सेक्टर से जुड़े फैसलों के बारे में वो सब जो आप जानना चाहते हैं

सस्ते घर के लिए कर्ज की सीमा को बढ़ाया गया

रिजर्व बैंक ने महानगरों में अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए कर्ज सीमा 28 लाख से बढ़ाकर 35 लाख की। महानगर से मतलब 10 लाख या ज्यादा आबादी से है। बाकी शहरों के लिए सीमा 20 लाख की जगह 25 लाख की। महानगरों में घर की कीमत 45 लाख व अन्य शहरों में 30 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। पहले महानगरों के लिए कीमत सीमा 35 लाख व अन्य शहरों में 25 लाख थी।

बीमार उपक्रमों को बंद करने की प्रक्रिया सरल हुई

घाटे में चल रही सरकारी कंपनियों की जमीन पर सस्ते घर बनेंगे। बीमार उपक्रमों को बंद करने की प्रक्रिया भी सरल की। कंपनी की देनदारी व कर्मचारियों के बकाया भुगतान आदि की समय सीमा तय की। इन कंपनियों के कर्मचारियों को 2007 के राष्ट्रीय वेतनमान के आधार पर वीआरएस दिया जाएगा।

1 रिजर्व बैंक ने अफोर्डेबल हाउसिंग कर्ज सीमा बढ़ाकर 35 लाख तक की

खरीदार चाहें तो डेवलपर पर दिवालिया कार्रवाई संभव

राष्ट्रपति ने दिवालिया कानून में संशोधन के अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए। अब घर खरीदारों को बैंकों के बराबर फाइनेंशियल क्रेडिटर का दर्जा। डेवलपर दिवालिया हुआ तो उसके एसेट पर पहला हक बैंकों का होता था। खरीदारों का नंबर बाद में आता था। अब खरीदारों को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा। खरीदार भी चाहें तो डेवलपर के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई शुरू कर सकते हैं।

2दिवालिया प्रोजेक्ट में खरीदारों को बैंकों के बराबर लेनदार का दर्जा

...इधर मौद्रिक समीक्षा बैठक में झटका

आरबीआई ने रेपो रेट 0.25% बढ़ाई, लोन महंगे होंगे

रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 0.25% बढ़ाकर 6.25% कर दी है। बैंक जिस ब्याज पर रिजर्व बैंक से पैसे लेते हैं उसे रेपो रेट कहते हैं। जनवरी 2014 के बाद पहली बार रेपो रेट बढ़ी है। अगस्त 2017 से यह 6% पर थी। इससे सभी तरह के कर्ज महंगे होंगे।

होम लोन : 50 लाख लोन तो ईएमआई 800 रु. बढ़ेगी

ईएमआई 25 लाख 50 लाख 75 लाख

ईएमआई@8.75% (नया) 22,093 44,185 66,278

ईएमआई@8.5% (पुराना) 21,695 43,391 65,087

कितना ज्यादा 398 रु. 794 रु. 1191 रु.

ऑटो : 10 लाख के कार लोन की ईएमआई 121 रु. बढ़ेगी

ईएमआई 5 लाख 10 लाख

ईएमआई@9.15% 10,415 20,831

ईएमआई@8.9% 10,355 20,710

कितना ज्यादा 60 रु. 121 रु.

3 घाटे वाली सरकारी कंपनियों की सरप्लस जमीन पर सस्ते घर बनेंगे

आगे भी महंगाई का खतरा, आरबीआई और बढ़ा सकता है रेपो रेट

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