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500 साल पुराना बरगद का ये पेड़ आधे एकड़ में फैला है, इसके नीचे 4 डिग्री कम रहता है तापमान

अहमदाबाद | गांधीनगर के दहेगाम का कंथारपुरा गांव। यहां करीब 500 साल पुराना बरगद का पेड़ है। 40 मीटर ऊंचा यह पेड़ आधे एकड़...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 05, 2018, 05:25 AM IST

  • 500 साल पुराना बरगद का ये पेड़ आधे एकड़ में फैला है, इसके नीचे 4 डिग्री कम रहता है तापमान
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    अहमदाबाद | गांधीनगर के दहेगाम का कंथारपुरा गांव। यहां करीब 500 साल पुराना बरगद का पेड़ है। 40 मीटर ऊंचा यह पेड़ आधे एकड़ में फैला हुआ है। पेड़ के नीचे मां काली का मंदिर है। इसलिए इस पेड़ को महाकाली वट भी कहा जाता है। हर पूर्णिमा पर यहां महाआरती होती है। करीब 3 हजार लोग जुटते हैं। 2006 में इसे पर्यटन स्थल घोषित किया गया। इस पेड़ के नीचे तापमान बाहर की तुलना में चार डिग्री सेल्सियस तक कम रहता है।

    देश की सेहत सुधारने के लिए 200 से ज्यादा कानून बने, 45 विभाग, 7 लाख एनजीओ, सालाना 3 हजार करोड़ रु. का बजट, स्वच्छ भारत सेस से 16,500 करोड़ रुपए आए, सभी राज्यों में प्रदूषण बोर्ड, सुप्रीम कोर्ट के 100 से ज्यादा बड़े फैसले, बावजूद इसके पर्यावरण संतुलन बिगड़ता जा रहा है...

    67 हजार करोड़ का एन्वॉयर्नमेंट बिजनेस देश में

    दुनिया में एन्वॉयर्नमेंट का बिजनेस 53 लाख करोड़ और भारत में करीब 67 हजार करोड़ रुपए का है।

    भारत ने 2016-17 में पर्यावरण के लिए 2675 करोड़ दिए। इसमें सिर्फ 0.3% रिसर्च के लिए।

    गुजरात: गांधीनगर के कंथारपुरा गांव में है यह पेड़...

    प्लास्टिक प्रदूषण को हराएं

    देश में भी प्लास्टिक इंड्रस्टी 10-20% की दर से बढ़ रही है। एक प्लास्टिक प्रोडक्ट को खत्म होने में 450 से 800 साल तक लग जाते हैं।

    देश में

    1.10लाख करोड़ की है भारत की प्लास्टिक इंडस्ट्री। 30 हजार से ज्यादा कंपनियां इससे जुड़ी हुई हैं।

    12 राज्यों में पॉलीथीन पर बैन है। पर वहां धडल्ले से प्लास्टिक से जुड़े सामान बिक रहे हैं। प्लास्टिक बिजनेस 20% की दर से बढ़ रहा है।

    दुनिया में

    50%प्लास्टिक वेस्ट सिंगल यूज के लिए बनते हैं, इसमें पानी की बॉटल, प्लास्टिक चम्मच-कांटे, प्लेट जैसे प्रोडक्ट आते हैं।

    खास बात: 1950 में प्लास्टिक प्रोडक्ट का चलन बढ़ा। 20 लाख टन से 40 करोड़ टन प्रोडक्शन पहुंच गया।

    रोजना 26 हजार टन कचरा

    भारत में 80% प्लास्टिक वेस्ट हो जाती है। रोजाना 25 हजार 900 टन टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है।

    भारत में प्लास्टिक इंडस्ट्री की ग्रोथ 10-20% रही। खपत 1 करोड़ टन से दो करोड़ टन तक बढ़ रही है।

    सालाना 130 टन प्लास्टिक खपत हर साल हो रही है। इसमें से 90 लाख टन प्लास्टिक कचरा पैदा हो रहा है।

    एक मिनट में दुनियाभर में 10 लाख पानी बॉटल बिक रहीं

    70 साल में दुनियाभर में 8300 करोड़ टन वजन के प्लास्टिक प्रोडक्ट बने हैं। इनमें 6300 टन कचरे के तौर पर धरती और समुद्र में मिल गया है।

    दुनियाभर में करीब 10 लाख पानी की बॉटल हर मिनट खरीदी जा रही हंै। हर साल दुनिया भर 5 लाख करोड़ प्लास्टिक बैग्स इस्तेमाल हो रहे हैं।

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Web Title: 500 साल पुराना बरगद का ये पेड़ आधे एकड़ में फैला है, इसके नीचे 4 डिग्री कम रहता है तापमान
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