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कश्मीर में दो ग्रेनेड हमलों में सुरक्षा बलों के 8 जवानों सहित 23 लोग घायल

रमजान के मौके पर सरकार के सीजफायर के ऐलान के बीच कश्मीर में सोमवार को शोपियां और पुलवामा में ग्रेनेड हमले किए गए।...

Danik Bhaskar

Jun 05, 2018, 05:25 AM IST
रमजान के मौके पर सरकार के सीजफायर के ऐलान के बीच कश्मीर में सोमवार को शोपियां और पुलवामा में ग्रेनेड हमले किए गए। इन हमलों में सुरक्षा बलों के 8 जवानों सहित 23 लोग घायल हो गए। पिछले पांच दिनों में यह 11वां ग्रेनेड हमला है। पुलिस के मुताबिक शोपियां में आतंकवादियों ने बटपोरा के समीप बाजार में पुलिस वाहन पर ग्रेनेड फेंका। निशाना चूकने के कारण यह सड़क पर फटा। इसमें पुलिस बल के चार जवान और 12 नागरिक घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल एक लड़की को श्रीनगर के अस्पताल रेफर कर दिया गया। दूसरा हमला शाम को पुलवामा जिले के तहाब चौक में सीआरपीएफ के जवानों पर किया गया। सीआरपीएफ के चार जवान और तीन नागरिक इसमें घायल हुए हैं। आतंकवादियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी की है। पिछले पांच दिनों में में घाटी में 11 ग्रेनेड हमले हो चुके हैं। ये ग्रेनेड हमले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की ओर से किए जा रहे हैं। इससे पहले शनिवार को श्रीनगर में सीआरपीएफ के गश्ती वाहन को निशाना बनाकर ग्रेनेड फेंका गया था।

मारे गए पत्थरबाज अमीन के रिश्तेदार ने अलगाववादी गिलानी को पाखंडी बताया

श्रीनगर | कश्मीर में सीआरपीएफ के वाहन से टकरा कर मारे गए पत्थरबाज कैसर अमीन के एक रिश्तेदार ने सोमवार को हुर्रियत के नेताओं पर सवाल खड़े किए हैं। हुर्रियत के नेता सैयद अली शाह गिलानी पर सवाल उठाते हुए अमीन के रिश्तेदार ने अलगाववादियों पर कश्मीर के मुद्दे को लेकर पाखंड और लाखों युवाओं को बरगलाकर राजनीति करने का आरोप लगाया है। कैसर अमीन के रिश्तेदार के इन आरोपों का वीडियो सामने आया है। कैसर अमीन का रिश्तेदार बताया जा रहा युवक कह रहा है, ‘गिलानी साहब ने हमारे बच्चों को क्रिश्चियन स्कूलों में जाने से मना किया है, जबकि अब वह अलगाववादी शब्बीर शाह की बेटी समा को टॉपर बताकर कश्मीरियों का रोल मॉडल कह रहे हैं। जिस कैसर अमीन को इस्लाम के कायदों के मुताबिक इंतकाल के एक घंटे के बाद सुपुर्द-ए-खाक किया जाना चाहिए था, उसे सियासत की नुमाइश के लिए सड़कों पर रखा गया, क्या यही शरीयत है?' कैसर अमीन की श्रद्धांजलि सभा के दौरान भी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का विरोध किया गया था।

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