• Hindi News
  • Rajasthan
  • Nagar
  • भगवान श्रीगणेश के उदाहरण से मिटाई अंगदान की भ्रांतियां
--Advertisement--

भगवान श्रीगणेश के उदाहरण से मिटाई अंगदान की भ्रांतियां

Dainik Bhaskar

May 13, 2018, 05:30 AM IST

Nagar News - भास्कर संवाददाता, श्रीगंगानगर. दुनिया में दस लाख लोग अंगों का इंतजार कर रहे हैं। आज हर दसवें आदमी की किडनी खराब है।...

भगवान श्रीगणेश के उदाहरण से मिटाई अंगदान की भ्रांतियां
भास्कर संवाददाता, श्रीगंगानगर. दुनिया में दस लाख लोग अंगों का इंतजार कर रहे हैं। आज हर दसवें आदमी की किडनी खराब है। हमारे देश में हर वर्ष दो लाख किडनी, 30 हजार लीवर और 50 हजार हार्ट की लोगाें को जरूरत है लेकिन आपको पता होना चाहिए कि अभी दानदाता नहीं के बराबर हैं। आपकाे ताज्जुब होगा कि वर्ष 2016 में हमारे देश में 6000 किडनी, 1500 लीवर और महज 15 हर्ट ट्रांसप्लांट हो पाए। कारण, विभिन्न भ्रांतियों के चलते लोग अंगदान करना ही नहीं चाहते। सही बात तो ये है कि आज से हजाराें साल पहले भगवान शिव ने गणपति जी को भी हाथी का सिर लगाया था और वो भी एक प्रकार का अंग ट्रांसप्लांट ही था। यह बात आस्था किडनी एवं जनरल अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संदीप चौहान ने शनिवार को बिहाणी चिल्ड्रंस एकेडमी में कही। वे दैनिक भास्कर और हिंदुस्तान जिंक के संयुक्त तत्वावधान में मोहन फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित अंगदान-महादान सेमिनार में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। उन्होंने कहा-रोड एक्सीडेंट, सिर में गहरी चोट लगने की स्थिति में ब्रेन डेड होने पर अंगदान संभव है और एक मनुष्य से 9 लोगों को अंग दान कर नया जीवन दिया जा सकता है। डॉ. संदीप चौहान ने कहा, यदि हम आईपीएल की जगह अंगदान की बात करेंगे तो हालात बदलते समय नहीं लगेगा और लोगों की सोच बदलते ही समाज अपने आप बदल जाएगा। कार्यक्रम में निर्मल जैन ने रक्तदान के बारे में बताया। जैन अब तक 134 बार रक्तदान कर चुके हैं। बीसीए प्रिंसिपल एके पांडे, बिहाणी शिक्षा न्यास के निदेशक राजेंद्र राठी और डॉ. लतिका नायर ने सबका आभार जताया। कार्यक्रम में दैनिक भास्कर के शाखा प्रबंधक अमित शर्मा, मार्केटिंग मैनेजर अशोक मोदी व संपादक राजेंद्र बतरा ने अतिथियों का सम्मान किया।

भगवान गणेश का दिया उदाहरण

डॉ.चौहान ने भगवान गणेश जी के जीवन से अंगदान की भ्रांतियां मिटाते हुए कहा कि कुछ लोग अंगदान करने वाले या लेने वाले थोड़ा दूर रहते हैं लेकिन भगवान गणेश केे भी हाथी का सिर लगा है और वे प्रथम पूज्य हैं। कई बार लोग सोचते हैं कि दूसरे के अंगों से मस्तिष्क तंदुरूस्त नहीं रहता तो भगवान गणेश तो बुद्धि के दाता हैं जबकि उनका भी मस्तिष्क ट्रांसप्लांट हुआ था। तीसरी भ्रांति ये है कि जानवरों से अंग नहीं ले सकते लेकिन हमारे पूर्वजों की साइंस इतनी प्रबल और विकसित की थी जानवरों से भी अंग लिया और गणेश जी के हाथी का सिर लगाया था। इससे पहले ब्लूमिंग डेल्स इंटरनेशनल स्कूल में भी ऐसा ही आयोजन हुआ।

X
भगवान श्रीगणेश के उदाहरण से मिटाई अंगदान की भ्रांतियां
Astrology

Recommended

Click to listen..