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मेरी आधी उमर तो इंतजार में गई, अब बूढ़ी आंखें बंद होने से पहले उनके दर्शन चाहती हैं... -गजानंद की पत्नी मखनी देवी

Dainik Bhaskar

Jun 01, 2018, 05:30 AM IST
मेरी आधी उमर तो इंतजार में गई, अब बूढ़ी 
 आंखें बंद होने से पहले उनके दर्शन चाहती हैं... 
 -गजानंद की पत्नी मखनी देवी

पॉलिटिकल रिपोर्टर|जयपुर

आखिरकार...इंटेलीजेंस की जांच में पुष्टि हो गई है कि जयपुर के गजानंद 36 साल से पाकिस्तान की लाहौर जेल में कैद हैं। दैनिक भास्कर ने सबसे पहले 23 मई को इसका खुलासा किया था। इंटेलीजेंस की पड़ताल के बाद गृह विभाग ने जांच रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है। अब केन्द्र के स्तर पर तय होगा कि गजानंद की वापसी कब तक हो पाती है।

गौरतलब है कि करीब एक महीने पहले गजानंद शर्मा की भारतीय राष्ट्रीयता के सत्यापन के संबंध में गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को दस्तावेज भेजे थे। वो दस्तावेज 4 मई को सामोद पुलिस के पास आए थे। सात मई को पुलिस ने गजानंद के परिवार को ढूंढकर उनसे संपर्क किया था। इसी के बाद खुलासा हुआ था कि गजानंद पाकिस्तान की लाहौर जेल में है। हालांकि इंटेलीजेंस अभी यह पता लगाने की कोशिश में है कि गजानंद आखिर कैसे और किन हालातों में पाकिस्तान पहुंच गए। साथ ही पाकिस्तान ने 36 सालों में इससे पहले कभी भी उनकी नागरिकता की पड़ताल क्यों नहीं की? उधर, गजानंद के परिजनों ने सुषमा स्वराज को इस संबंध में ट्वीट कर मदद की अपील की है, हालांकि अभी तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है।


जयपुर में गुरुवार को कैंडल मार्च निकालतीं गजानंद की प|ी मखनी देवी और उनके पुत्र।

36 साल पर भारी इंतजार के 23 दिन

पुराने एलबम में पति का फोटो देखकर वृद्ध हो चुकी प|ी मखनी देवी के आंसू, उनकी टूटी हुई आस और खत्म हो चुके जज्बात अब फिर से जिंदा हो गए है। पति के इंतजार में 68 वर्षीय मखनी देवी ने आधी उमर निकाल दी। जब पति से साथ छूटा तब एक बेटा 15 और एक 12 साल का था...तभी से मखनी देवी की हर हर घड़ी, हर लम्हा, हर पहर पति के इंतजार में गुजरा। 23 दिन पहले जब से मखनी देवी को पता चला है कि पति जिंदा हैं...तब से उनकी बूढ़ी आंखों में फिर से उम्मीद की एक चमक दिख रही है। कहती हैं : मैं एक बार उनके पैरों को छूना चाहती हूं। मेरी आंखें बंद होने से पहले उनके दर्शन करना चाहती हैं। फतेहराम का टीबा, नाहरगढ़ क्षेत्र निवासी मखनी देवी ने बताया कि वर्ष 1982 का दिन था जब उनके पति गजानंद अचानक घर से चले गए। इसके बाद वापस नहीं लौटे। छोटे बेटे मुकेश ने बताया : पिता के जीवित होने की ख़बर का आना हमारे लिए खुशी भी थी...तो एक दर्द भी था। पाकिस्तान का नाम ही मन में हताशा भर देता है। अब तो चाहे जैसे हो..पिता को पाक जेल से रिहा करवाकर ही लाएंगे, ताकि बूढ़ी मां को उनका सुहाग फिर मिल सके। फिर हमारे सिर पर पिता का हाथ हो। मुकेश कहते हैं कि पिछले 36 सालों से ज्यादा भारी तो पिछले 23 दिन हैं। पर एक टीस भी है...पता चलने के बाद भी कोई सरकारी प्रतिनिधि अब तक मिलने ही नहीं आया।


गृह विभाग : हमने केन्द्रीय गृह मंत्रालय को जांच रिपोर्ट भेज दी है



गजानंद तब...


गजानंद अब...


मेरी आधी उमर तो इंतजार में गई, अब बूढ़ी 
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 -गजानंद की पत्नी मखनी देवी
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 -गजानंद की पत्नी मखनी देवी
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 -गजानंद की पत्नी मखनी देवी
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