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जैकेट व पेज एक का शेष...

बीजेपी ने विधानसभा में अश्लील क्लिप मोबाइल पर देखते हुए पाए गए दोनों पूर्व मंत्रियों लक्ष्मण सावादी और सीसी...

Dainik Bhaskar

May 06, 2018, 05:35 AM IST
जैकेट व पेज एक का शेष...
बीजेपी ने विधानसभा में अश्लील क्लिप मोबाइल पर देखते हुए पाए गए दोनों पूर्व मंत्रियों लक्ष्मण सावादी और सीसी पाटिल को फिर से उम्मीदवार बनाया है।

ये विवादित सर्वाधिक चर्चा में

1. रेड्‌डी बंधु : पूर्व मंत्री और खनन घोटाले में आरोपी रहे जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई जी. करुणाकर रेड्डी को बीजेपी ने हरापनहल्ली सीट से उम्मीदवार बनाया है। इनके अलावा दूसरे रेड्डी बंधु जी. सोमशेखर रेड्डी को बेल्लारी सिटी सीट से मैदान में उतारा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ही प्रचार के लिए बेल्लारी जाने की अनुमति मांगने वाले जनार्दन रेड्‌डी को अनुमति नहीं दी है। राहुल गांधी ने रेड्‌डी बंधुओं पर 35 हजार करोड़ रुपए की चोरी का आरोप भी लगाया है। दो रेड्‌डी बंधुओं के अलावा उनके करीबी बी. श्रीरामलू को मोलकालमुरु, रिश्तेदार सन्ना फकीरप्पा को बेल्लारी ग्रामीण, टीएच सुरेश बाबू को कंपली सीट और एक्टर साईंकुमार को बोगेपल्ली से टिकट दिया गया है।

2. येदियुरप्पा सरकार में मंत्री रहे और भाजपा विधायक लक्ष्मण सावादी विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मोबाइल फोन पर ब्लू फिल्म देखते पकड़े गए थे। उनके साथ उसी सरकार में पर्यावरण मंत्री कृष्णा जे. पालेमर और महिला एवं बाल विकास मंत्री सीसी पाटिल भी लक्ष्मण सावदी के फोन में ब्लू फिल्म देखने मशगूल थे। ये तीनों जब ब्लू फिल्म देख रहे थे तब विधानसभा में सूखे के हालात पर चर्चा चल रही थी। इस विधानसभा चुनाव में सीसी पाटिल को नारगुंडा, लक्ष्मण सावादी को अथानी सीट से बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है।

3. सिद्धारमैया सरकार के कई मंत्रियों पर भाजपा और विपक्षी पार्टियां आरोप लगा रही हैं लेकिन निशाने पर सबसे ज्यादा मंत्री डीके शिवकुमार हैं। शिवकुमार भ्रष्टाचार के मामले में ईडी की जांच चल रही है। कांग्रेस ने इन्हें कनकपुरा से उम्मीदवार बनाया है।

4. बेंगलुरु की राजराजेश्वरी नगर सीट से मौजूदा विधायक एन. मुनीर|ा नायडू को कांग्रेस पार्टी से फिर टिकट देने से कांग्रेस की ही कॉर्पोरेटर और कांग्रेस नेता आशा सुरेश नाराज हो गई हैं। उन्होंने जद (सेक्यूलर) के उम्मीदवार जीएच रामचंद्र का खुलेआम समर्थन कर दिया है। नायडू का विवादों से पुराना नाता रहा है। करोड़ों रुपए के फर्जी बिल मामले में सीआईडी आरोपी विधायक के खिलाफ जांच कर रही है। नायडू पर तीन महिला कार्यकर्ताओं ने शोषण का आरोप लगाया था।

5. वरिष्ठ नेता के.एस. ईश्वरप्पा को बीजेपी ने शिमोगा से उम्मीदवार बनाया है। इनके ऊपर कुल चार केस दर्ज हैं। इन पर गंभीर चार धाराओं में मामला दर्ज हुआ है।

6. देवानगिरी उत्तर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार एस.एस. मल्लिकार्जुन पर कुल चार केस दर्ज हैं, जिनमें दो धाराएं गंभीर आरोपों की हैं। मल्लिकार्जुन के पास 60 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है।

एवेंजर्स : प्रचार खर्च...

तरन कहते हैं कि इसका विलेन भी बेहद शक्तिशाली है। विलेन का एक इमोशनल पक्ष भी है इस कारण उसे काफी पसंद किया जा रहा है। ट्रेड विश्लेषक अमोद मेहरा कहते हैं कि एवेंजर्स मल्टीस्टारर फिल्म है इसलिए दर्शक खिंचे चले आ रहे हैं। वे बताते हैं कि पहले हॉलीवुड फिल्में सिर्फ दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में ही लगती थीं, लेकिन अब मल्टीप्लेक्स की बढ़ती संख्या के कारण ज्यादा दर्शक आने लगे हैं। पिछले 8-10 सालों में टीवी पर भी डब हॉलीवुड फिल्में बढ़ी हैं, जिसके कारण यह भारतीय दर्शकों में ज्यादा चर्चित हो पा रही हैं। वहीं सुनील कहते हैं कि हॉलीवुड फिल्में अब बॉलीवुड की फिल्मों के मार्केट पर भी असर डालने लगी हैं। जहां भारत में बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों के बाजार में हाॅलीवुड फिल्मों की हिस्सेदारी वर्ष 2013 में 11 फीसदी थी, वहीं अब 2017-18 में यह बढ़कर 20-21 फीसदी पहुंच चुकी है।

ज्यादा हंसना, बड़ी...

इसके अलावा ज्यादा चलते-फिरते रहना, एक साथ कई कामों को करने की कोशिश करना, यौन संबंध की इच्छा बढ़ना, ज्यादा खर्च करना, गुस्सा व मारपीट करना आदि के लक्षण दिखाई देते हैं। जबकि दूसरा प्रकार है डिप्रेशन (उदासी)। इसमें ज्यादा उदास रहना, कम बोलना, नींद व भूख कम लगना, अकेले रहना, किसी काम में मन नहीं लगना, खुशी महसूस नहीं करना, थकान रहना, आत्मविश्वास में कमी, निराश रहना, खुद को लाचार समझना, मरने की इच्छा होना, आत्महत्या के विचार आना व याददाश्त कम होना आदि।

7वें वेतनमान के...

वित्त विभाग ने प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास भेजा था, जिसे शनिवार को मंजूरी मिल गई। जल्द ही इसके आदेश जारी कर दिए जाएंगे। गहलोत के छह महीने के फैसलों पर सवाल, खुद वही दोहरा रही है सरकार : गहलोत सरकार ने चुनावी साल में कर्मचारियों को जो भी फायदा दिया उसे मौजूदा सरकार ने आखिरी छह महीने किए गए फैसलों के तहत समीक्षा में शामिल कर दिया। गहलोत सरकार ने अधीनस्थ सेवाओं में जिन कैडर्स की ग्रेड पे बढ़ाई थी, मौजूदा सरकार ने उसे विसंगति बताकर फैसले को पलट दिया। इसके बाद कर्मचारियों की ग्रेड पे घटा दी गई। करीब 60 हजार से ज्यादा कर्मचारी इसकी जद में आए। इसके अलावा अधिकारी वर्ग में हायर सुपर टाइम स्केल के प्रमोशनों के पदों में भी कटौती की गई। हालांकि गहलोत सरकार ने अपने स्तर पर ही सभी घोषणाएं की थी लेकिन मौजूदा सरकार यह काम सामंत कमेटी के जरिए करवाएगी। ताकि सरकार के पास यह तर्क हो कि वह सिर्फ कमेटी की सिफारिशों को ही लागू कर रही है।

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