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एक शरीर के अंगदान से चार लोगों को मिल सकती है नई जिंदगी

Nagar News - जयपुर| स्वर्ग में अंगों की जरूरत नहीं है क्योंकि भगवान को यह नहीं चाहिए। इनकी जरूरत धरती पर रहने वाले लोगों के लिए...

Dainik Bhaskar

May 10, 2018, 05:40 AM IST
एक शरीर के अंगदान से चार लोगों को मिल सकती है नई जिंदगी
जयपुर| स्वर्ग में अंगों की जरूरत नहीं है क्योंकि भगवान को यह नहीं चाहिए। इनकी जरूरत धरती पर रहने वाले लोगों के लिए है। अंग धरती पर रहने वाले लोगों के लिए दुनिया का सबसे अनमोल तोहफा है जिसे हम एक-दूसरे को बतौर उपहार देकर जीवन को खुशहाल और आबाद बना सकते हैं। ये शब्द वक्ताओं ने बुधवार को दैनिक भास्कर और हिंदुस्तान जिंक की ओर से आयोजित अंगदान महादान अभियान के तहत व्यक्ति किए। इंद्रलोक ऑडिटोरियम, भट्टारक जी की नसियां में हुए अंगदान महादान जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य वक्ता मोहन फाउंडेशन जयपुर सिटीजन फोरम के चेयरमैन राजीव अरोड़ा ने अंगदान के महत्व को बताते हुए कहा कि जैसे विदेशों में अंगदान के लिए परिवार की सहमति की जरूरत नहीं होती वैसे ही अवेयरनेस यहां होनी चाहिए। देश में कई सामाजिक-धार्मिक मान्यताएं हैं। ऐसे में लोगों की काउंसलिंग करना आसान काम नहीं है। लेकिन सभी के प्रयासों से पिछले चार सालों में 27 लोगों ने अपने अंग दान कर 100 से ज्यादा लोगों को नया जीवनदान दिया है। कार्यक्रम में तीन डोनर परिवारों के लोग रेणु उबा, शंकर लाल मीणा, राकेश जैन मौजूद थे जिन्होंने अपने घरवालों के अंगदान कर दूसरों के जीवन को रोशन किया। कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा और मोहन फाउंडेशन की कन्वीनर भावना जगवानी, दैनिक भास्कर राजस्थान व महाराष्ट्र के रीजनल हैड संजय शर्मा, एसएमएस नर्सिंग कॉलेज डीन डॉ. जाेगेन्दर शर्मा भी मौजूद थे। सभी ने कहा कि आर्गन डोनेशन को लेकर जो भ्रांतियां है उन्हें दूर करना जरूरी है। हमें कोशिश करनी होगी कि आने वाले समय में अधिक से अधिक लोग आर्गन डोनेट करें ताकि किसी जरूरतमंद का जीवन बचाया जा सके। वहीं दूसरी ओर तिलक नगर स्थित एमपीएस इंटरनेशनल स्कूल में स्टूडेंट्स के लिए अवेयरनेस सेशन रखा गया।

जयपुर| स्वर्ग में अंगों की जरूरत नहीं है क्योंकि भगवान को यह नहीं चाहिए। इनकी जरूरत धरती पर रहने वाले लोगों के लिए है। अंग धरती पर रहने वाले लोगों के लिए दुनिया का सबसे अनमोल तोहफा है जिसे हम एक-दूसरे को बतौर उपहार देकर जीवन को खुशहाल और आबाद बना सकते हैं। ये शब्द वक्ताओं ने बुधवार को दैनिक भास्कर और हिंदुस्तान जिंक की ओर से आयोजित अंगदान महादान अभियान के तहत व्यक्ति किए। इंद्रलोक ऑडिटोरियम, भट्टारक जी की नसियां में हुए अंगदान महादान जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य वक्ता मोहन फाउंडेशन जयपुर सिटीजन फोरम के चेयरमैन राजीव अरोड़ा ने अंगदान के महत्व को बताते हुए कहा कि जैसे विदेशों में अंगदान के लिए परिवार की सहमति की जरूरत नहीं होती वैसे ही अवेयरनेस यहां होनी चाहिए। देश में कई सामाजिक-धार्मिक मान्यताएं हैं। ऐसे में लोगों की काउंसलिंग करना आसान काम नहीं है। लेकिन सभी के प्रयासों से पिछले चार सालों में 27 लोगों ने अपने अंग दान कर 100 से ज्यादा लोगों को नया जीवनदान दिया है। कार्यक्रम में तीन डोनर परिवारों के लोग रेणु उबा, शंकर लाल मीणा, राकेश जैन मौजूद थे जिन्होंने अपने घरवालों के अंगदान कर दूसरों के जीवन को रोशन किया। कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा और मोहन फाउंडेशन की कन्वीनर भावना जगवानी, दैनिक भास्कर राजस्थान व महाराष्ट्र के रीजनल हैड संजय शर्मा, एसएमएस नर्सिंग कॉलेज डीन डॉ. जाेगेन्दर शर्मा भी मौजूद थे। सभी ने कहा कि आर्गन डोनेशन को लेकर जो भ्रांतियां है उन्हें दूर करना जरूरी है। हमें कोशिश करनी होगी कि आने वाले समय में अधिक से अधिक लोग आर्गन डोनेट करें ताकि किसी जरूरतमंद का जीवन बचाया जा सके। वहीं दूसरी ओर तिलक नगर स्थित एमपीएस इंटरनेशनल स्कूल में स्टूडेंट्स के लिए अवेयरनेस सेशन रखा गया।

एमपीएस इंटरनेशनल स्कूल के छात्र

दैनिक भॉस्कर और हिन्दूस्तान जिंक के तहत अंगदान महादान कार्यक्रम में रवि कामरा, राकेश जैन, भावना जगवानी, संजय शर्मा, राजीव अरोड़ा, अजयपाल सिंह, गोपाल मीणा, रेणु उबा और नरेश मेहता।

एमपीएस इंटरनेशनल में अवेयरनेस सेशन

अंगदान महादान कार्यक्रम के दो सेमिनार आयोजित हुए। तिलक नगर स्थित एमपीएस इंटरनेशनल स्कूल में स्टूडेंट्स के लिए रखा गया। स्कूल सेमिनार में सोशल एक्टिविस्ट और एजुकेशनिस्ट डॉ. टीना साहनी, प्रिंसीपल अर्चना सिंह, महेश्वरी समाज के चेयरमैन सत्यनारायण काबरा और संयोजक सुरेन्द्र बजाज ने स्टूडेंट्स को अंगदान के लिए प्रेरित किया। दैनिक भास्कर और हिंदुस्तान जिंक के संयुक्त तत्वावधान में जयपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा, अलवर, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, बाड़मेर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, पाली और सीकर में ऐसे सेमिनार आयोजित किए जा चुके हैं।

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