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बारिश की कमी और अतिक्रमण से नगर में 175 गांव के 350 पोखर और तालाब सूखे

नगर. तरोंडर रोड अध्धमकी पर सूखी पोखर। भास्कर संवाददाता|नगर क्षेत्र में करीब 175 गांव हैं, इनमें करीब 350 पोखर और...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 14, 2018, 05:45 AM IST

बारिश की कमी और अतिक्रमण से नगर में 175 गांव के 350 पोखर और तालाब सूखे
नगर. तरोंडर रोड अध्धमकी पर सूखी पोखर।

भास्कर संवाददाता|नगर

क्षेत्र में करीब 175 गांव हैं, इनमें करीब 350 पोखर और तालाब हैं। जानकर आश्चर्य होगा कि इसमें से एक में भी पानी उपलब्ध नहीं था। जबकि दो दशक पहले तक इन्हीं तालाब और पोखरों के कारण गांव में जमीन के अंदर का जलस्तर ऊंचा रहता था। बारिश होती ही यह पोखर और तालाब भर जाते थे। हालांकि अब मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान से आस जगी है कि इनको सुधारा जाएगा और संभव है कि कुछ साल में ही यहां पर फिर से जल संकट का समाधान होगा।

अब 150 फीट पर ही पानी की गारंटी नहीं

बदलते हालातों में 150 से 200 फीट तक बोरिंग कराने के बाद पीने को मीठा पानी मिल जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं। और लाखों रुपए खर्च करने के बाद बोरिंग का चालू रहना पेयजल की भयावह स्थिति को व्यक्त करता है। ऐसे में किसान व ग्रामीणों को कृषि भूमि व पशुधन को बचाने के लिए 1996 की बाढ़ का इंतजार है। यदि इस तरह इस बार बारिश हो जाए और जिले में बाढ़ जैसे हालात बन जाए तो पानी का स्तर काफी ऊंचा आ सकता है। जिससे पानी का स्तर ऊंचा होते ही आमजन को पेयजल आदि होने वाली समस्याओं से भी राहत मिलेगी। क्योंकि इस समय चारे के के अलावा पशुधन को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहाह ै।

22 साल पहले था महज 50 फीट गहराई में पानी

वर्ष 1995-96 में जमीन में करीब 50 फीट की गहराई में ही पानी उपलब्ध था। यही कारण था कि क्षेत्र के सभी पोखर और तालाब लबालब भरे हुए रहते थे। इस कारण लोगों ने जमकर दोहन किया। इसका कारण यह भी था कि उस समय बाढ़ आई थी जिसके कारण जमीन के अंदर पानी का जलस्तर बढ़ गया था। ऐसे में तालाब, पोखरों के भरे रहने से लोगों को सालभर पीने का पानी उपलब्ध हो जाता था।

17 गांवाें में 322.38 लाख के कार्य है संचालित

बीडीओ जतन सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन के तहत 322 लाख 38 हजार का बजट स्वीकृत है। इससे तृतीय चरण में ग्राम पंचायत बेर्रू, जयश्री, पडलवास, गुलपाडा व पालका के 17 गांवों में 165 काम संचालित हैं। इनमें जल संसाधन के अर्न्तगत 3 मनरेगा, एक निर्बंध, 30 कृषि विभाग, 6 उद्यान व 9 जलदाय विभाग के अधीन पोखर खुदाई, बांध मरम्मत, सरकारी विद्यालयों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, मैडबंदी, नहर सफाई कार्य प्रमुख है।

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