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मेयर ने बोर्ड मीटिंग में पास कराया 20 लाख की सहायता का प्रस्ताव, ऐसा नियम ही नहीं

सूरजपोल गेट निवासी जुगल किशोर जाटव के घर में अभी भी सन्नाटा पसरा है। घर में परिवार के सभी सदस्य मौजूद हैं, लेकिन न...

Dainik Bhaskar

May 11, 2018, 05:45 AM IST
मेयर ने बोर्ड मीटिंग में पास कराया 20 लाख की सहायता का प्रस्ताव, ऐसा नियम ही नहीं
सूरजपोल गेट निवासी जुगल किशोर जाटव के घर में अभी भी सन्नाटा पसरा है। घर में परिवार के सभी सदस्य मौजूद हैं, लेकिन न कहीं किलकारी न कहीं चहल-पहल। वजह, आवारा सांडों की लड़ाई में पांच वर्षीय कुणाल की मौत। पिता जुगल किशोर को समझ नहीं आ रहा है कि बाकी बच्चों का भविष्य बनाने के लिए आर्थिक मदद का भरोसा तो मिला, लेकिन सहायता राशि अभी तक नहीं मिली। जुगल ने बताया कि बुधवार को नगर निगम की आपात बैठक में मुझे बुलाया था। डीएलवी को भी 20 लाख रुपए की सहायता का प्रस्ताव भेजा है। यदि मुआवजा नहीं मिलता है तो नगर निगम के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।


भास्कर संवाददाता|भरतपुर

आवारा सांडों की लड़ाई में 5 वर्षीय कुणाल की मौत के बाद आनन-फानन में बुलाई बोर्ड मीटिंग नगर निगम ने परिवार को 20 लाख रुपए की सहायता राशि दिलाए जाने का प्रस्ताव पारित कर दिया। यह प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग (डीएलबी) के भेजा जाना बताया है। जबकि डीएलबी के क्षेत्रीय उप निदेशक ओमप्रकाश बिश्नोई के मुताबिक इस तरह के मामलों में सीधे सहायता राशि दिए जाने का न तो कोई प्रावधान है और न ही डीएलबी में इस तरह का कोई खाता है। हां, यदि राज्य सरकार चाहे तो वह अपने पास से कितनी भी मदद दे सकती है। ऐसा कोई अन्य उदाहरण भी नहीं है जिसमें सांडों के हमले से मौत पर किसी को इतनी सहायता राशि दी गई हो।

अब पार्षदों का आरोप है कि महापौर ने अपना संकट टालने के लिए इस तरह का प्रस्ताव पारित करवाया। क्योंकि, कुणाल की मृत्यु के बाद जिस तरह सूरजपोल गेट पर प्रदर्शन हुआ उससे मामला और उग्र होने की आशंका थी। इधर, सत्तारूढ़ दल के विधायक विजय बंसल का दावा है कि नगर निगम को ऐसा प्रस्ताव लेने का कोई अधिकार ही नहीं है। जबकि डिप्टी मेयर इंद्रपाल सिंह का भी कहना है कि नियमानुसार नगर निगम अपनी आय की केवल 5 फीसदी राशि ही अनुदान एवं बतौर सहायता में दे सकता है। निगम की आय करीब 114 करोड़ रुपए सालाना है। इसमें भी उसे कई मदों में अनुदान देना होता है।

लोगों का आक्रोश दबाने और अपना राजनीतिक संकट टालने के लिए...

सख्ती... जिला कलेक्टर के दबाव में गोवंश धरपकड़ अभियान शुरू

जुगल को मिला भरोसा, सहायता नहीं

हरियाणा ने इस तरह किया समस्या का समाधानः शहर की सड़कों पर आवारा गोवंश की समस्या को हरियाणा ने लगभग दूर कर दिया है। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि राज्य के 19 जिलों में 34 नंदीशाला बनाकर 25347 गोधन को रखा गया है। इन नंदी शालाओं के निर्माण और रखरखाव पर सरकार ने करीब 12.81 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

देर रात आवारा गोवंश पकड़ते निगमकर्मी।

कार्रवाई... 150 गोवंश को पकड़कर आश्रय स्थल में भेजा

इनसाइड स्टोरी...सीएमओ से मिले, आपात बैठक के निर्देश

इधर, बच्चे की मौत की घटना के तुरंत बाद नगर निगम की बोर्ड मीटिंग बुलाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि भरतपुर में इस तरह की यह पहली बैठक थी। पड़ताल में पता चला कि इस बारे में सीएमओ से मेयर को निर्देश दिए गए थे कि यह शहर में मुद्दा नहीं बनना चाहिए। क्योंकि, इससे पहले 25 जनवरी को भी भरतपुर दौरे के समय सीएम वसुंधरा राजे ने आवारा गोवंश को सड़कों से हटाकर गौशालाओं में भिजवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन उनकी बात निगम प्रशासन ने हवा में उड़ा दी थी। अगर यह मुद्दा बनता तो सरकार को चुनावी नुकसान हो सकता था।

बिना संसाधन शुरू हुई धरपकड़, अब तक क्यों नहीं

कुणाल की मौत से हिला नगर निगम प्रशासन गुरुवार रात से ही आवारा गोवंश की धरपकड़ में जुट गया। हालांकि, गुरुवार सुबह तक नगर निगम के अधिकारी गोवंश धरपकड़ अभियान को लेकर बहानेबाजी कर टालमटोल का रवैया अपनाते रहे। लेकिन, जिला कलेक्टर संदेश नायक की सख्ती की वजह से रात्रि में ही यह अभियान शुरू करना पड़ा। इससे पहले दिन में महापौर शिव सिंह भोंट, एडीएम प्रशासन और निगम आयुक्त की इसी मुद्दे पर करीब डेढ़ घंटे मीटिंग हुई। मीटिंग के बाद मेयर शिव सिंह भोंट ने बताया कि अगले 10 दिन में तमाम आवारा गोवंश को पकड़ कर गढ़ी सांवलदास गौशाला में भेज दिया जाएगा।

देर शाम सांड के हमले से महिला घायलः बी नारायण गेट निवासी 74 वर्षीय सोनो देवी प|ी बने सिंह गुरुवार देर शाम सांड के हमले में घायल हो गईं। उनको रात 11 बजे आरबीएम में भर्ती कराया गया है। परिजनों ने बताया कि सांड लड़ते हुए आए और टक्कर मार दी।

दावा : मेयर बोले- अगले 10 दिन में सड़कों से हटाएंगे गोवंश

नंदी घरों के लिए हर जिले को मिलेंगे 50 लाखः किलक

जयपुर. गोपालन मंत्री अजय सिंह किलक ने कहा है कि शहरी क्षेत्र में आवारा गोवंश (सांड) को पकड़ने का जिम्मा नगरीय निकायों का है। अगर किसी निकाय के अधिकारी सांडों को पकड़ने से इनकार कर रहे हैं तो यह गलत है। वे भरतपुर में सांडों की लड़ाई में बच्चे की मौत से उत्पन्न स्थिति पर स्पष्टीकरण दे रहे थे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से अब नंदी घर बनाने के लिए हर जिले को 50 लाख रुपए दिए जा रहे हैं। यह राशि हर साल दी जाने वाली अनुदान की राशि से अतिरिक्त होगी। गौशालाओं की अनुदान की राशि भी जारी कर दी गई है।

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