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आवारा गोवंश लेने के लिए गौशाला संचालक हुए राजी

भरतपुर. आवारा गोवंश के संबंध में गोशाला संचालकों से वार्ता करते आयुक्त। जल्द ही शहर की सड़कों से हटेंगे आवारा...

Danik Bhaskar | May 23, 2018, 05:55 AM IST
भरतपुर. आवारा गोवंश के संबंध में गोशाला संचालकों से वार्ता करते आयुक्त।

जल्द ही शहर की सड़कों से हटेंगे आवारा पशु

भास्कर संवाददाता|भरतपुर

शहर में जबरदस्त समस्या बन चुके आवारा गोवंश को लेने के लिए गोशाला संचालक राजी हो गए हैं। अब जल्द ही नगर निगम की ओर से सड़कों पर घूम रहे आवारा गोवंश को पकड़ कर गोशालाओं में भेजने का अभियान दुबारा शुरू किया जाएगा। इस संबंध में मंगलवार को निगम आयुक्त शिवचरन मीणा की अध्यक्षता में जिले की गोशाला संचालकों की बैठक हुई। इस दौरान 6 गोशाला संचालकों ने आवारा गोवंश लेने पर सहमति जताई है।

बैठक में श्री बृज कामद सुरभि वन शोध संस्थान गोशाला जड़ खोर के वैद्य रामबाबू शर्मा ने बताया उनके पास वर्तमान में 7 हजार गोवंश है। गोवंश के रहने के लिए टीनशेड का निर्माण कार्य जारी है, काम पूरा हाेते ही शहर के आवारा गोवंश को वहां रखने में सहयोग किया जाएगा। इसी तरह श्री लालजी महाराज गढ़ी सांवलदास गोशाला भरतपुर के संचालक शिशुपाल दास विद्यार्थी ने बताया कि वर्तमान में उनकी गोशाला में 1400 गोवंश है। तूफान में टीनशेड आदि उड़ गए थे, जिनकी मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है, काम पूरा होते ही प्रथम चरण में शहर से 700 गोवंश को रखने में सहयोग किया जाएगा।

इसी प्रकार अलीपुर, खानपुर और कलावटा स्थित गोशाला संचालकों ने अपनी गोशालाओं को नवीन बताते हुए कहा कि वे अपनी गोशालाओं में विस्तार के लिए विकास कार्य कराने का प्रयास कर रहे हैं, जैसे ही व्यवस्थाओं का विस्तार होगा, शहर का गोवंश रखने में सहयोग किया जाएगा। इस मौके पर बादीपुर स्थित श्री गोपाल जी गोशाला के संचालक ने बताया कि उनकी गोशाला में फिलहाल 1300 गोवंश है, चारागाह भूमि आवंटन के लिए आवेदन कर रखा है, जो लंबित है। इस पर आयुक्त ने उन्हें जिला कलेक्टर से आग्रह कर भूमि आवंटन जल्द कराने का आश्वासन दिया, जिस पर उन्होंने गोशाला में शहरी गोवंश लेने की सहमति दे दी। बैठक में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक नागेश चौधरी और नगर निगम सचिव बनवारी लाल मीना भी मौजूद रहे।