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होळी फूलों की

क्योंकि इस बार नागौर में रंग से ज्यादा फूल बरसे भंडारियों की गली में निकली गैर । यह पहला मौका है जब धुलंडी से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 05:00 AM IST

होळी फूलों की
क्योंकि इस बार नागौर में रंग से ज्यादा फूल बरसे

भंडारियों की गली में निकली गैर । यह पहला मौका है जब धुलंडी से पहले गैर निकली।

लोगों से परिचितों, दोस्तों से रामाश्यामा किया।



महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। गैर पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।

जिले में खास

डीडवाना : यहां निकली है 12 बासों की गैर, इसमें लोग विभिन्न वेशभूषा में आते हैं।

डोल्ची गैर: यह परंपरा डीडवाना में है।डोल्ची एसडीएम को मारकर गैर रवाना की जाती है।

आज होली है...चारों तरफ रंग हैं...वैसी ही नागौर की रंग बिरंगी परंपराएं भी हैं।

आज से दो दिन हर चेहरे की पहचान बदल जाएगी। हर सूरत रंगीन होगी और हर दिल में रंगों सा ही उल्लास। शहर में होली के इन रंगों के साथ कुछ नए बदलाव भी दिखे हैं। इतिहास में नागौर काे नागीणा कहा जाता था। उसी नागीणा में रंगों के साथ इस बार फूलों से होली खेलते लोगों को देखा गया। स्कूलों में बच्चे तो शहर की गलियों में जवान व बूढ़ों तथा महिलाओं ने रंगों से ज्यादा फूल बरसाए। पहली बार ऐसा भी हुआ कि धुलंडी से पहले शहर में गैर निकली।

शिव ने पार्वती से, कान्हा ने राधा से खेली फूलों की होली, गैर निकली वहां भी पुष्पों की बारिश

मूर्खाधिराज सम्मेलन: कुचामन में होता है आयोजन। यहां 25 साल से चल रही है यह परंपरा। इसमें मंत्रियों, विधायकों व प्रसिद्ध लोगों को महामूर्खाधिराज की उपाधि दी जाती है। हास्य रंग परंपरा देखने खूब लोग आते हैं।

बच्चे बने शिव, गणेश, पार्वती

फूल बरसाए, उल्लास जगाया

लोहियों का चौक : यहां स्कूली बच्चों ने भगवान शिव, पार्वती, गजानंद महाराज का रूप धारण किया। डमरू भी साथ लाए। शहर में यह पहला मौका था जब बच्चों ने भगवान के अवतार का रूप धारण कर होली पर्व मनाया। इस दौरान नन्हें मुन्हें बच्चों का उत्साह भी देखने लायक था।

खुशियां छुटि्टयों की, होली फूलों की

स्कूलों में भी उत्साह : शहर की स्कूलों में होली पर्व की छुटि्टयों से पहले होली पर्व मनाया गया। इस मौके पर बच्चों ने एक दूसरे पर पुष्प वर्षा की। शहर की अाकांक्षा, मोटेंसरी स्कूल में भी बच्चों ने कुछ इस प्रकार फूल बरसा कर खुशियां मनाईं। इसके लिए पुष्कर से फूल मंगवाए गए थे।

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Web Title: होळी फूलों की
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