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पैसे की तरह एटीएम से निकलेगा राशन का गेहूं, देश के पहले आर-एटीएम का नागौर में सीएम करेंगी उद्‌घाटन

रुपयों की तरह अब एटीएम से राशन के गेहूं भी निकलेंगे। जी हां, देश का संभवत: पहला ऐसा राशन एटीएम (आर-एटीएम) नागौर जिला...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 05:30 AM IST

रुपयों की तरह अब एटीएम से राशन के गेहूं भी निकलेंगे। जी हां, देश का संभवत: पहला ऐसा राशन एटीएम (आर-एटीएम) नागौर जिला प्रशासन की पहल पर यहां तैयार किया जा रहा है। यानी उपभोक्ता अब मास्टर कार्ड इनसर्ट कर आर-एटीएम से राशन का गेहूं जब चाहे प्राप्त कर सकेगा।

इस आर-एटीएम से राशन का गेहूं निकलते ही संबंधित उपभोक्ता के मोबाइल पर तुरंत यह मैसेज भी मिलेगा कि उनके खाते से कितने गेहूं निकाले गए है। नागौर कलेक्टर कुमारपाल गौतम के निर्देशन में यह शुरुआत की जा रही है। ई-गवर्नेस परियोजना प्रभारी जब्बार खान, रिसर्च एवं डवलपमेंट टीम के स्तर पर राशन एटीएम मशीन का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिले के प्रभारी मंत्री बंशीधर बाजिया तथा प्रभारी सचिव संजय मल्होत्रा ने इस योजना को पहले ही मंजूरी दे चुके है। खाद्य़ सुरक्षा योजना के लाभार्थी गेहूं वितरण के लिए एटीएम का नवाचार जिले में इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल रहने पर प्रदेश के अन्य जिलों में इसे लागू कर दिया जाएगा। आर-एटीएम का उद्‌घाटन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अप्रैल अंत में उद्‌घाटन करने का कार्यक्रम है।

जिला मुख्यालय और बासनी में लगेगा एटीएम

बासनी व जिला मुख्यालय पर राशन एटीएम लगाने की योजना जिला प्रशासन ने तय की है। बासनी पहला गांव होगा, जहां उपभोक्ताओं को एटीएम कार्ड से राशन का गेहूं मिलेगा।

नवाचार

नागौर कलेक्टर कुमारपाल की पहल पर तैयार हो रहा राशन एटीएम, गेहूं निकलते ही मोबाइल पर मिलेगा मैसेज

ऐसे काम करेगा यह एटीएम, जानिए पूरी प्रक्रिया

1. एटीएम के ऊपर बनेगा सुरक्षित राशन कक्ष (भंडारण कक्ष): कलेक्टर कुमारपाल गौतम ने बताया कि राशन एटीएम ठीक वैसे ही कार्य करेगा, जैसे रुपए निकालने वाला एटीएम कार्य करता है। बस इसकी इंजीनियरिंग में थोड़ा फर्क होगा। शुरुआत में इसके जरिए सिर्फ गेहूं का ही वितरण किया जाएगा। इसकी सफलता के बाद अन्य उत्पाद इसमें शामिल किए जाएंगे। गेहूं के स्टोरेज के लिए कुछ अधिक स्थान की आवश्यकता होगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी अभियंताओं के सहयोग से मशीन के ऊपरी भाग में ऐसे सुरक्षित कक्ष का निर्माण किया जा रहा है, जहां गेहूं या अन्य राशन उत्पाद पर मौसम का कोई असर ना हो।

2. अपनी भाषा में मिलेगा मैसेज कि कितना गेहूं निकला व बचा : आर-एटीएम मशीन की प्रोग्रामिंग इस तरह होगी कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उनकी भाषा में सूचना मिलेगी। इसके लिए तकनीक से स्थानीय भाषा में प्रोग्रामिंग की जाएगी। ताकि राशन लेते समय उपभोक्ता आसानी से समझ सके कि उसे क्या करना है। साथ ही यह बताएगा कि गेहूं कितना निकला व खाते में कितना बचा है।

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