Hindi News »Rajasthan »Nagour» पश्चिमी देशों की तर्ज पर पहली बार विद्यार्थियों से पूछेंगे 21 सवाल, उसी फीडबैक से तय होगी कॉलेजों की ग्रेडिंग

पश्चिमी देशों की तर्ज पर पहली बार विद्यार्थियों से पूछेंगे 21 सवाल, उसी फीडबैक से तय होगी कॉलेजों की ग्रेडिंग

अब विद्यार्थियों के फीडबैक के आधार पर विश्वविद्यालय और कॉलेजों की यूजीसी ग्रेडिंग तय करेगी। नैक टीम को संबंधित...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 05:40 AM IST

अब विद्यार्थियों के फीडबैक के आधार पर विश्वविद्यालय और कॉलेजों की यूजीसी ग्रेडिंग तय करेगी। नैक टीम को संबंधित छात्र बताएंगे कि क्लास में शिक्षक ने कितना प्रतिशत सिलेबस कवर किया है और क्लास में शिक्षक पढ़ाने के लिए कितनी अच्छी तरह से होमवर्क करके आएं हैं? इसी तरह संस्थान ने छात्रों को सीखने और आगे बढ़ने के लिए कितने अवसर प्रदान किए और संस्थान में शिक्षा की क्वालिटी कैसी है? दरअसल, नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (नैक) अब छात्रों के फीडबैक के आधार पर संस्थानों और शिक्षकों की गुणवत्ता की सही पहचान और आकलन करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए नैक टीचिंग, लर्निंग और इवैल्यूएशन के बारे में छात्र संतुष्टि सर्वेक्षण कराने जा रहा है। इस सर्वे में छात्रों से 21 वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाएंगे। सभी का जवाब देना जरूरी होगा।

क्योंकि : मिर्धा कॉलेज को सितंबर-2016 में 42 साल बाद मिला था बी प्लस ग्रेड

राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यानयन परिषद (नेक) टीम द्वारा जिला मुख्यालय के मिर्धा कॉलेज का 21 से 23 जुलाई तीन दिवसीय निरीक्षण करने के बाद बीआर मिर्धा कॉलेज को सितंबर-2016 में परिणाम जारी करते हुए मूल्यांकन ग्रेड बी-प्लस दिया था। समन्वयक डॉ. हरसुख छरंग ने बताया कि जिला मुख्यालय की इस कॉलेज में यह बी-प्लस ग्रेड स्थापना के 42 साल बाद पहली बार मिला था। इससे पहले कॉलेज सबसे नीचे के ग्रेड सी-प्लस में शामिल थी। ऐसे में मिर्धा कॉलेज को यूजीसी से 2 करोड़ से ज्यादा का बजट मिलने सहित शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार के कई तरह की सुविधा उपलब्ध करवाई जा चुकी है। इससे पूर्व में इस कॉलेज में पिछला निरीक्षण वर्ष 2005 में हुआ था। कॉलेज स्टाफ विद्यार्थियों ने वर्ष 2021 तक ग्रेड प्राप्त करने की तैयारी करने का संकल्प ले चुके है।

संस्थान से जुड़े ये सवाल पूछे जाएंगे

1. क्या संस्थान ने छात्र को बेहतर अवसर दिलाने के लिए इंटर्नशिप या स्टूडेंट एक्सचेंज में कोई रुचि दिखाई ?

3. कॉलेज में संचालित कोर्स, शिक्षकों के पढ़ाने का तरीका, शोध कार्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, छात्रों की की सामाजिक भागीदारी को भी शामिल किया गया है।

2. संस्थान या शिक्षकों द्वारा रोजगार के लिए तैयार करने के लिए व्यवहार कुशलता, जीवन कौशल और रोजगार योग्यता कौशल का आकलन करने या समझाने का प्रयास किया गया?

शिक्षक से जुड़े कुछ इस तरह के सवाल पूछे जाएंगे

क्लास में कितना प्रतिशत सिलेबस कवर किया?

शिक्षक ने कितनी अच्छी तरह से तैयारी की है?

पढ़ाई के लिहाज से छात्रों को विषय के बारे में कितना अच्छा बताया जा रहा है ?

शिक्षकों द्वारा आंतरिक मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता?

असाइनमेंट में छात्र के परफार्मेंस पर कभी कोई चर्चा की है ?

क्या शिक्षकों ने अपेक्षित दक्षताओं, पाठ्यक्रमों और कार्यक्रमों के परिणाम के बारे में सूचित किया?

सिखाने के समय कितने प्रतिशत शिक्षक एलसीडी प्रोजेक्टर, मल्टीमीडिया आदि जैसे आईसीटी उपकरणों का प्रयोग करते हैं।

शिक्षक आपको अतिरिक्त गतिविधियों में भाग लेने के प्रोत्साहित करते हैं ?

ई-मेल पर भेजेंगे सर्वे फॉर्म

सर्वे के लिए सभी संस्थानों को अपने पोर्टल पर नामांकित छात्र-छात्राओं के नाम, आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी अपलोड करना होगा। इसके आधार पर नैक सभी छात्रों को उनके ई-मेल पर सर्वे के प्रश्न और फार्मेट का लिंक भेजेगा। तय समय में यह फॉर्म भरकर जमा करना होगा।

इस तरह का यह पहला सर्वे : अभी तक संस्था द्वारा तैयार रिपोर्ट और दो दिन के निरीक्षण के आधार पर आकलन किया जाता था। लेकिन छात्र संस्थान और शिक्षक के बारे में क्या सोचते हैं, इसका सर्वे पहली बार हो रहा है। इस तरह छात्रों के बीच सर्वे पश्चिमी देशों में होता है। डॉ. शशि राय, शिक्षाविद् व यूजीसी की पूर्व सदस्य।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Nagour

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×