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विदेश में बने पार्ट्स, जीएसटी बचाने के लिए वाट्स एप पर फोटो भेज चोरी करवाते थे ग्रेंडर के पार्ट, पुलिस ने पकड़ा

नागौर से ग्रेंडर के पार्ट्स चोरी करने के मामले में जिन 3 आरोपी युवकों को पकड़ा है उन्होंने पूछताछ में चोरी करने के...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 05:45 AM IST
नागौर से ग्रेंडर के पार्ट्स चोरी करने के मामले में जिन 3 आरोपी युवकों को पकड़ा है उन्होंने पूछताछ में चोरी करने के नए तरीके बताए है। इसके लिए फोन पर तस्वीरें भेजी जाती थी और इसके बाद वारदात को अंजाम दिया जाता। आरोपी ऐसा करने के लिए वाट्सएप पर मशीन के पार्ट्स की फोटो मंगवाई जाती थी। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया जाता था। यह पूरा प्रकरण विदेश में बने पार्ट्स को चुराने का है। आरोपी युवक जीएसटी बचाने के लिए सामान चुराते थे और महंगा सामान सस्ते में बेच देते थे। वे सामान रामदेवरा, जयपुर ले जाकर बेच देते। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि कैलाश वाट्सएप पर सुनील और सुरेश को भेजता था। इसके बाद दोनों को उन्हें खोलने के बारे में भी बताता था। लेकिन पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।

चोरी का तरीका

आरोपी युवक बाराणी- भदवासी फांटा पर दिखे तो पुलिस वहां पहुंची और आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में बताया कि जयपुर से कैलाश उन्हें वाट्सएप पर सामान की फोटो भेजता। वे मशीनों के कलपुर्जे चुराते। कैलाश खुद ग्रेंडर मशीन चलाता था और उसे मशीन के कलपुर्जों की जानकारी थी। यहां तक कि वह युवकों को उन्हें खोलने के बारे में भी बताता था।

काम बंद, अजमेर-बीकानेर रोड से चुराया अधिक सामान

मामला देवनाथ यादव निवासी जयपुर ने दर्ज करवाया था। जिसमें उसने बताया कि नागौर बाइपास पर कंपनी का ग्रेडर खड़ा किया था। चोरों ने शिविग मोटर गैर बैकट, लीवर कन्टाउल वाल एलआर, ट्रांसमिशन कंट्रोल वाल, हाइड्रोलिक पम्प, सेल्फ मोटर हो गए। 13 लाख है। सीआई सुनील चारण के नेेतृत्व में एएसआई शिवराम, एचसी बनवारी लाल, एचसी सुंदरसिंह, सुरेश, कांस्टेबल राजू गौरान, शंकरलाल, मानसिंह, सुरेश, रामकुंवार ने जांच शुरू की। जांच अधिकारी हैड कांस्टेबल सुंदरसिंह ने बताया कि सथेरण का सुरेश और सुनिल को पकड़ा गया है।

कैलाश चोरी करने वाले पार्ट्स की फोटो भेज चुराने का तरीका भी बताता

नागौर. पुलिस गिरफ्त में ग्रेडर चुराने के आरोपी।

रामदेवरा और पोकरण टीमें हुई रवाना: कलपूर्जे फरवरी व मार्च में चोरी किए गए। बरामदगी के लिए रामदेवरा और पोकरण में दबिश के लिए शनिवार को टीमें रवाना हुई। आरोपी कैलाश जयपुर के मुहाना मण्डी के पास चल रहे रिंग रोड निर्माण कार्य स्थल से गिरफ्तार किया गया था। सभी तीनों आरोपी फिलहाल रिमांड पर है।

चोरी का कारण : भारत में नहीं बनते हैं ऐसे पार्ट्स

ग्रेंडर मशीन के कलपुर्जे भारत में नहीं बनते और न ही मिलते है। विदेशों से मंगवाए जाते है। तो इसके चलते वे महंगे भी होते है। कलपुर्जों का जानकार कैलाश युवकों को फोटो भेजता फिर सुनसान इलाकों में खड़ी जीवीआर मशीनों के कलपुर्जों को चुराया जाता। कैलाशचन्द गुर्जर बतौर ग्रेडर मशीन आॅपरेटर मशीन के ठेकेदार के लिए कार्य करता था व आरोपी सुरेश के पिता की श्रीबालाजी के पास होटल पर उसका आना जाना था। आरोपी सुरेश के साथ उसकी दोस्ती थी। कंपनी के काम बन्द हो जाने व उनकी मशीनरी का गोगेलाव के पास खड़े होने की जानकारी दोनों लोगों को होने पर कैलाश ने वाट्सएप पर चोरी को अंजाम देने की योजना बनाई।