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बेनीवाल बोले - पुनर्विचार याचिका दायर करे सरकार

नागौर| अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 21 मार्च 2018 को दिए गए निर्णय पर...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 05:45 AM IST
नागौर| अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 21 मार्च 2018 को दिए गए निर्णय पर खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि केंद्र सरकार को उक्त निर्णय पर पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए। विधायक ने कहा कि अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण के संबंध में कोर्ट के निर्णय के बाद देश के दलित समाज में रोष व भय बढ़ा है। जब संविधान में अलग से दलितों के हक के लिए आरक्षण का प्रावधान तय किया है तो उनके लिए अलग से बने कानून में संशोधन की जरूरत नहीं थी। ऐसी घटनाएं होती है जिसमें दबंग दलितों पर अत्याचार करते है। ऐसे में सरकार को गंभीरता से दलितों के हकों के लिए बने कानून की पालना के लिए गंभीर होना चाहिए। जरूरत पड़े तो संसद में अलग से एक्ट लाना चाहिए। साथ ही विधायक ने कहा की राज्य सरकार को भी इस बारे में केंद्र से बात करनी चाहिए।