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बीमा कंपनी को माना सेवा में दोषी, 10 लाख रुपए ब्याज सहित देने के आदेश

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच ने निजी बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए बीमित व्यक्ति की आश्रित प|ी...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 06:00 AM IST
बीमा कंपनी को माना सेवा में दोषी, 10 लाख रुपए ब्याज सहित देने के आदेश
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच ने निजी बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए बीमित व्यक्ति की आश्रित प|ी को बीमा धन मय ब्याज के अदा करने का फैसला सुनाया है। जानाकरी के अनुसार चितावा निवासी रीना जैन ने बताया कि उसके पति संजय जैन ने बजाज एलियांज कंपनी से इन्वेस्ट गैन प्लान के तहत 20 वर्ष के लिए 10 लाख रूपए की पॉलिसी 53 हजार 746. 76 रूपए प्रति वर्ष प्रीमियम के रूप में ली थी। बीमा के वक्त परिवादिया के प्रति किसी प्रकार की बीमारी से ग्रस्त नहीं थे। इस दौरान बीमा पॉलिसी 10 फरवरी 2012 को निर्धारित प्रीमियम जमा करवाकर ली गई थी। उसके बाद 17 जून 2012 को परिवादिया के पति संजय जैन की ह्रदयगति रूकने से मृत्यु हो गई थी। परिवादिया ने कंपनी के समक्ष नॉमिनी होने के नाते सारे परिलाभ के अनुरूप बीमा धन अदा करने के लिए दस्तावेज जमा करवाए थे। बीमा कंपनी ने परिवादिया के दस्तावेजों पर किसी प्रकार का विचार नहीं कर संजय जैन की असाध्य बीमारी से मृत्यु होने को लेकर बीमा दावा खारिज कर दिया। इस बीच परिवादिया ने उपभोक्ता मंच के समक्ष परिवाद दायर किया। मंच के अध्यक्ष ईश्वर जयपाल व सदस्य राजलक्ष्मी आचार्य ने दोनों पक्षों को सुनकर परिवादिया को 10 लाख बीमा राशि 9 प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ अदा करने का फैसला सुनाया है। परिवादिया को बीमा कंपनी एक माह के भीतर मानसिक परेशानी के लिए 15 हजार व 5 हजार परिवाद खर्च के रूप में अदा करेगी। फैसले का पालन नहीं करने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

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