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मेड़ता को जिला बनाने की मांग सांकेतिक धरना हुआ समाप्त

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:00 AM IST

भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी मेड़ता को जिला बनाने की मांग को लेकर चारभुजा चौक में पिछले दो दिनों से चल रहा...
भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी

मेड़ता को जिला बनाने की मांग को लेकर चारभुजा चौक में पिछले दो दिनों से चल रहा सांकेतिक धरना गुरुवार को समाप्त हो गया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन उपखंड अधिकारी को सौंपा गया। उपखंड अधिकारी हीरालाल मीणा खुद धरना स्थल पर आए और धरनार्थियों से बातचीत करके ज्ञापन प्राप्त किया। इस दौरान शहर के भाजपा व कांग्रेस के प्रमुख नेताओं सहित कई लोग मौजूद थे। धरने पर शहर सहित आस पास के गांवों के अनेक ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने भी अपना समर्थन दिया। संघर्ष समिति के संयोजक पुखराज टाक, अध्यक्ष मुकेश जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष अनिल थानवी, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष नंदकुमार अग्रवाल, भाजपा ब्लॉक अध्यक्ष माणक दरक, कांग्रेस पीसीसी सदस्य नंदाराम मेहरिया, कांग्रेस नेता लक्ष्मणराम कलरू, वीरेंद्र वर्मा, हारून रिजवी, सीएलजी संयोजक राजीव पुरोहित, विक्रम शर्मा, धर्मीचन्द सोनी, भाजयुमो के अभिमन्यु शर्मा, सुरेश व्यास, जंवरीलाल दाधीच, त्रिभुवन जोशी, रामकुमार जांगिड़ मौजूद थे।

धरने पर जनप्रतिनिधियों के खिलाफ फूटा गुस्सा

दो दिवसीय सांकेतिक धरने में क्षेत्रीय विधायक, चेयरमैन, पार्षद व सरपंचों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। मेड़ता जिला संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुकेश जोशी ने कहा कि मेड़ता को जिला बनाने से इस क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा मगर विकास की बातें करने वाले ही जनप्रतिनिधि जनहित में दिए जा रहे धरने से नदारद है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस दौरान धरने पर बैठे सभी लोगों ने उनकी अनुपस्थिति की निंदा की।

ज्ञापन में ये दी गई हैं मेड़ता के पक्ष में दलीलें

मेड़ता जिला संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में अवगत कराया है कि रियासतकाल के दौरान मेड़ता परगना था। जोधपुर दरबार ने इसे एक परगना घोषित किया था और ये राजधानी कहलाता था। जब देश आजाद हुआ तो मेड़ता को ही जिला घोषित किया गया था इसी वजह से यहां जिला एवं सत्र न्यायालय खुला जो आज भी मौजूद है मगर बीच में नागौर को जिला मुख्यालय घोषित कर दिया गया। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि भौगोलिक रूप से मेड़ता पूरे प्रदेश का सेंटर प्वाइंट है यानि यह कस्बा प्रदेश के बीचों बीच स्थित है। यहा का मीरा बाई का मंदिर पूरे देशभर में प्रसिद्ध है। जहां लाखों लोग दर्शनार्थ आते हैं। यह शहर कृषि व्यवसाय का भी प्रमुख केन्द्र है। यहां की मंडी देशभर में प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहां खनिज संपदा भी प्रचुर मात्रा में गोटन कस्बे में मौजूद है।

मेड़ता सिटी. जिला संघर्ष समिति का ज्ञापन प्राप्त करते एसडीएम हीरालाल मीणा।

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Web Title: मेड़ता को जिला बनाने की मांग सांकेतिक धरना हुआ समाप्त
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