Hindi News »Rajasthan News »Nagour News» 13 साल पहले पीएचसी से सीएचसी बनाई, स्त्री व शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं

13 साल पहले पीएचसी से सीएचसी बनाई, स्त्री व शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:25 AM IST

कस्बे के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के क्रमोन्नत होने के 13 साल बाद भी यहां पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र...
कस्बे के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के क्रमोन्नत होने के 13 साल बाद भी यहां पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जैसी सुविधाएं ही मिल रही हैं। राज्य सरकार ने 2005 में औद्योगिक कस्बे व 25 हजार से अधिक की आबादी होने के लिहाज से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गोटन को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में क्रमोन्नत किया था। लेकिन आलम ये है कि अभी तक भी यहां पर चिकित्सकों के पद सृजित नहीं होने के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रह है। क्रमोन्नति के बाद सरकार ने यहां तीस बैड, ईसीजी व एक्सरा मशीन सहित कई उपकरणों की सुविधा दी थी। लेकिन चिकित्सकों नहीं होने से मरीजों को इन सब का लाभ नहीं मिल पा रहा है। छोटी सी बीमारी या घायल होने पर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रैफर किया जा रहा है।

ना स्त्री रोग विशेषज्ञ और ना ही शिशु रोग विशेषज्ञ, लैब भी पड़ी बंद

लैब पड़ी बंद, लोगों को नहीं मिल रहा सुविधाओं का लाभ

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में क्रमोन्नत के 13 वर्ष बाद भी इस चिकित्सालय में स्त्री रोग विशेषज्ञ व शिशु रोग विशेषज्ञ के पद स्वीकृत नहीं किए गए हैं। इनके अलावा एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी तथा कनिष्ठ विशेषज्ञ सर्जन का पद रिक्त होने के साथ ही एक वार्ड बॉय तथा एक स्वीपर का पद रिक्त चल रहा है। ऐसे में चिकित्सकों के पद रिक्त होने के कारण ईसीजी, सोनोग्राफी, कोडियों मॉनिटर व एक्सरा लैब की सुविधाओं का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।

सार्वजनिक धर्मशाला के लिए कोई निर्देश नहीं

कस्बे के सामुदायिक चिकित्सालय में लगभग 3 वर्ष पूर्व 50 लाख रुपए की लागत से धर्मशाला का निर्माण करवाया गया। लेकिन चिकित्सा विभाग द्वारा किसी तरह के दिशा निर्देश नहीं होने के कारण इसका लाभ मरीजों के परिजनों को नहीं मिल पा रहा है। गोटन का लोकसभा क्षेत्र राजसमंद लगता है। गोटन व आस पास के गांवों का विधानसभा क्षेत्र मेड़ता तथा खींवसर होने के कारण यहां के जनप्रतिनिधि भी रूचि नहीं दिखा रहे हैं। यही कारण है कि 13 वर्ष बाद भी यहां पर डॉक्टरों पर्याप्त डॉक्टर नहीं लगाए गए हैं। इस समस्या से परेशान होकर कई ग्रामीणों को बाहर उपचार करवाने के लिए जाना पड़ता है।

लोग बोले

औद्योगिक कस्बा होने के कारण अधिकतर दु्र्घटनाएं होती रहती हैं। सरकार द्वारा चिकित्सकीय सुविधाएं नहीं बढाने के कारण यहां से अधिकतर मरीजों को जोधपुर रैफर किया जा रहा है। मरीज परेशान है। विजयसिंह सांगवा, उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी नागौर

करीब 13 वर्ष पहले क्रमोन्नत की गई सीएचसी पर आज तक डॉक्टरों का टोटा है। लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार से कई बार इसकी मांग की गई लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई। रामकिशोर सिखवाल वार्ड पंच

महिला चिकित्सक नहीं, उपचार के लिए अन्य सेंटर जाना मजबूरी

गोटन में सीएचसी होने के बावजुद यहां पर महिला चिकित्सक का पद स्वीकृत नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं को निजी चिकित्सालयों में जाना पड़ता है। ममता कंवर, पूर्व पंचायत समिति सदस्य

आबादी क्षेत्र अधिक होने के कारण यहां पर महिला चिकित्सक का पद भरने के साथ ही अन्य रिक्त पदों पर भी डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए। सरकार ने डॉक्टर नहीं लगाए हैं। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। सरोज सिखवाल, वार्ड पंच

गोटन में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सकों के पद स्वीकृत करवाने को लेकर विधान सभा प्रतिपक्ष नेता रामेशवर डूडी से जनहित के मुद्दे को विधानसभा में उठाने की मांग की है। ताकि लोगों को सुविधाएं मिल सके। इससे लोगों को उपचार के लिए दूर नहीं जाना होगा। लक्षमणराम मेघवाल, कांग्रेस नेता, मेड़ता

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Nagour News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: 13 साल पहले पीएचसी से सीएचसी बनाई, स्त्री व शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      रिजल्ट शेयर करें:

      More From Nagour

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×