Hindi News »Rajasthan »Nagour» प्रदेश की 10 हजार सहकारी संस्थाएं अब जांच के दायरे में, हर महीने किया जाएगा निरीक्षण

प्रदेश की 10 हजार सहकारी संस्थाएं अब जांच के दायरे में, हर महीने किया जाएगा निरीक्षण

सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और लोगों का विश्वास बढ़ाने अब प्रदेश की लगभग 10 हजार सहकारी संस्थाएं निरीक्षण के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:20 PM IST

सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और लोगों का विश्वास बढ़ाने अब प्रदेश की लगभग 10 हजार सहकारी संस्थाएं निरीक्षण के दायरे में आएंगी। यह निर्णय सहकारी विभाग ने संस्थाओं की मजबूती की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए लिया है। सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने बुधवार को बताया कि राज्य की सहकारी समितियों में अनियमितताओं की संभावनाओं को पूर्णतया दूर करने के लिए सहकारी समितियों का अब वर्ष में एक बार निरीक्षण किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान समिति की अवधिपार ऋण, बकाया ऋण, साधारण सभा, ऑडिट एवं रिकार्ड की स्थिति तथा समिति के कार्य संचालन को देखा जाएगा। उन्होंने बताया कि कई बार ऐसी शिकायतें प्राप्त होती हैं जिसमें किसी सहकारी संस्था या समिति में अनियमितता, दुरुपयोग या गबन के मामले प्रकाश में लाए जाते हैं। ऐसी संस्थाओं की जांच सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2001 की धारा 55 के तहत करवाई जाती है।

मंत्री किलक ने बताया कि संस्थाओं में ऐसी घटनाएं नहीं हों इसको रोकने के लिए पूर्व में ही संस्थाओं के नियमित निरीक्षण करने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार ने बताया कि हमारा प्रयास है कि सभी कार्यशील सहकारी संस्थाओं का वर्ष में एक बार निरीक्षण किया जाए और उनके कार्य में जो कमियां पाई जाए उनमें समय रहते सुधार किया जा सके। इसके लिए यह प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।

हर अधिकारी को दिया निरीक्षण का लक्ष्य

अधिकारियों एवं संबंधित उप रजिस्ट्रार को उनके अधीन सहकारी समितियों के निरीक्षण का कार्यक्रम तैयार करने एवं वित्तीय वर्ष समाप्ति तक उनका निरीक्षण पूर्ण करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि खंडीय अतिरिक्त रजिस्ट्रार को दो, जिला उप रजिस्ट्रार को दो एवं निरीक्षक कार्यकारी को चार सहकारी संस्थाओं का निरीक्षण प्रतिमाह करना होगा। उन्होंने बताया कि निरीक्षणकर्ता अपनी रिपोर्ट तत्काल संबंधित अतिरिक्त या उप रजिस्ट्रार को भेजेंगे। अतिरिक्त या उप रजिस्ट्रार निरीक्षण पत्रों के आधार पर समिति में अनियमितता या गबन का प्रकरण पाए जाने पर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Nagour

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×