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सफाईकर्मियों को हटाकर मोदी के स्वच्छता अभियान का उड़ाया जा रहा मखौल

पॉलिटिकल रिपोर्टर. जयपुर | प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्न पूछते हुए भाजपा विधायक भवानी सिंह राजावत ने कहा कि...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 05:50 AM IST
पॉलिटिकल रिपोर्टर. जयपुर | प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्न पूछते हुए भाजपा विधायक भवानी सिंह राजावत ने कहा कि गांवों में मनरेगा के तहत लगे सफाई कर्मचारियों को हटाकर सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान का मखौल उड़ा रही है। उन्हें पूछा कि गांवों के सफाई कर्मचारियों को क्यों हटाया गया? इस पर पंचायतराज मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि 150 घरों पर 2 सफाईकर्मी रखने का प्रावधान किया था, लेकिन केंद्र सरकार ने ऐतराज कर दिया था। इसकी अनुमति नहीं दी थी। केंद्र से से पत्राचार जारी है, जिन्होंने मजदूरी की है उनका पैसा नहीं रोका जायेगा।

राठौड़ ने मनरेगा के एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि टोंक जिले में भी 60-40 का अनुपात मेंटेन किया गया है। अधिकारियों की ओर से दी गई सूचना गलत है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करूंगा। अभी राज्य में 250 करोड़ लेबर का, 500 करोड़ का मेटेरियल कम्पोनेंट का पेमेंट बकाया है। झुंझुनूं जिले में 52 फीसदी पैसा मेटेरियल कम्पोनेंट पर खर्च कर दिया, इसकी जांच करवाएंगे। उन्होंने कहा कि चूरू जिले में ज्यादा खर्च नहीं हुआ। इस दौरान बार-बार विपक्ष ने ऐतराज जताया। दरअसल यह मूल प्रश्न भीलवाड़ा जिले में मनरेगा नियमों की अवहेलना को लेकर कांग्रेस विधायक धीरज गुर्जर ने लगाया था। राठौड़ ने कहा कि 9 मार्च 2015 के सर्कुलर में केवल श्रम लेने का प्रावधान, अधिकारी 50-50 लाख की सड़कें स्वीकृत कर रहे हैं। राजेन्द्र राठौड़ ने कहा, अधिकारियों द्वारा की गई प्रावधानों की पालना की गई है। इसलिये कार्रवाई नहीं की जा सकती। सर्कुलर में ग्राम पंचायत में पहले 40-60 का अनुपात था।