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चांदनी पंचतत्व में विलीन...

प्रशंसकों की ऐसी भीड़ गायक मोहम्मद रफी (1980) और राजेश खन्ना (जुलाई 2012) के अंतिम संस्कार में ही देखी गई थी। इन दोनों...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 05:55 AM IST
प्रशंसकों की ऐसी भीड़ गायक मोहम्मद रफी (1980) और राजेश खन्ना (जुलाई 2012) के अंतिम संस्कार में ही देखी गई थी। इन दोनों हस्तियों की अंतिम यात्रा में करीब 10 लाख लोग शामिल हुए थे।

एजेंसी | नई दिल्ली

बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी का बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। तमिलनाडु से आए पंडितों ने विले पार्ले सेवा समाज श्मशान गृह में अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करवाईं। उनकी चिता को पति बोनी कपूर ने मुखाग्नि दी। इससे पहले सफेद रंग के फूलों से सजे ट्रक से उनकी अंतिम यात्रा उनके लोखंडवाला के ग्रीन एकर्स आवास के पास सेलिब्रेशंस स्पोर्ट्स क्लब से निकाली गई। यहां 2013 में पद्मश्री से सम्मानित की गई श्रीदेवी को बंदूक दागकर सलामी दी गई। श्रीदेवी का शव लाल कांजीवरम साड़ी, माथे पर लाल बिंदी, मांग में सिंदूर और गले में हार से सजाया गया था। शव के साथ बोनी कपूर, बेटी जाह्नवी, खुशी के अलावा सौतेले बेटे अर्जुन कपूर, देवर अनिल कपूर और संजय कपूर मौजूद थे। ट्रक के आगे और अंदर श्रीदेवी की बड़ी तस्वीर भी रखी गई थी। इससे पहले पार्थिव शरीर तीन घंटे तक सेलिब्रेशंस स्पोर्ट्स क्लब में लोगों के दर्शनार्थ रखा गया, जहां सुबह से ही लोग कतार में खड़े थे। 10 बजे से आम लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्रीदेवी के अंतिम दर्शन के लिए कर्नाटक और चेन्नई से भी लोग बसों से यहां पहुंचे। श्रीदेवी का शनिवार को दुबई एक होटल में बाथटब में डूबने से मौत हो गई थी। मंगलवार रात को दुबई से उनका पार्थिव शरीर मुंबई लाया गया।


6 किमी की दूरी तय करने में साढ़े तीन घंटे लगे

लोखंडवाला के स्पोर्ट्स क्लब से अंतिम यात्रा दोपहर 2 बजे शुरू हुई और करीब 5:17 बजे विले पार्ले श्मशान पहुंची। प्रशंसकों की भारी भीड़ होने के कारण छह किमी की दूरी तय करने में करीब साढ़े तीन घंटे का समय लगा।


श्मशानगृह के बाहर मौजूद भारी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। भीड़ को संभालने के लिए 200 पुलिसकर्मियों को लगाया गया था। इसके अलावा निजी सुरक्षा गार्ड अलग लगे रहे।