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स्वाइन फ्लू का बदला वायरस महिलाओं के लिए खतरनाक, दो महिला पॉजिटिव, दोनों की मौत

विकास टिंकर | मदनगंज-किशनगढ़ स्वाइन फ्लू का बदला वायरस दिनों दिन खतरनाक होता जा रहा है। यह वायरस महिलाओं पर भारी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:30 AM IST

विकास टिंकर | मदनगंज-किशनगढ़

स्वाइन फ्लू का बदला वायरस दिनों दिन खतरनाक होता जा रहा है। यह वायरस महिलाओं पर भारी पड़ रहा है। नए साल के 31 दिन हो गए हैं। इस अवधि में 13 मरीज पॉजिटिव आ चुके हैं। इसमें से 4 की मौत हो चुकी है। हालात ये है कि इनमें से महिला मरीजों की संख्या ज्यादा है। किशनगढ़ में दो महिला मरीज स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मिली और दोनों की ही मौत हो गई। एक महिला आजाद नगर क्षेत्र और दूसरी ग्राम डींडवाड़ा की है। दोनों महिलाओं की मौत के बाद चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया। अब तक लगातार मिल रहे स्वाइन फ्लू रोगियों में महिलाओं की संख्या अधिक होने पर चिकित्सा विभाग के अधिकारी अपने राय दे रहे हैं। यानि स्वाइन फ्लू महिलाओं पर ज्यादा असर दिखा रहा है। पुरुष और महिलाओं के बीच महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम रहती है।

गर्भवतियों को खतरा... प्रेग्नेंसी के 27वें से 40वें सप्ताह के बीच बरतें सावधानी

नया वायरस खतरनाक साबित होता जा रहा है। महिलाओं को यह अपनी चपेट में ले रहा है। महिलाओं की संख्या अधिक होने और मौत के बाद अब महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। हालांकि अजमेर जिले और किशनगढ़ में हुई मौत में गर्भवती कोई नहीं थी। डॉक्टरों का कहना है कि गर्भवती को विशेष रखने की जरूरत है। बदले हुए स्टेन के चलते मरीजों का कैटेगराइज भी चेंज हुआ है। फ्लू गर्भवती को ज्यादा प्रभावित करता है। फ्लू गर्भवती को ज्यादा प्रभावित करता है। इसका कारण यह है कि गर्भ के समय महिलाओं में इम्यूनिटी कम हो जाती है। गर्भवती का प्रतिरोधक तंत्र (इम्यून सिस्टम) शरीर में होने वाले हॉर्मोन संबंधी बदलावों के कारण कमजोर होता है। खासतौर पर गर्भावस्था के तीसरे चरण यानी 27वें से 40वें सप्ताह के बीच उन्हें ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है।

कारण : खांसने-छींकने से फैल रहा वायरस

खांसने और छींकने से वायरस फैल सकता है। यह हवा से हवा में फैलता है।

मुंह या नाक के जरिए वायरस प्रवेश करता है। हर जगह न थूकें ।

दरवाजे, फोन, की-बोर्ड या रिमोट कंट्रोल के जरिए भी वायरल फैल सकता है। अगर संक्रमित व्यक्ति इनका उपयोग कर रहा है तो इनका इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

लक्षण : बुखार, तेज सिर दर्द, नाक बहना

नाक का लगातार बहना।

छींक आना, नाक जाम होना।

मांसपेशियों में दर्द या जकड़न होना।

सिर में भयानक दर्द।

कफ और कोल्ड की शिकायत।

लगातार खांसी आना।

बहुत ज्यादा थकान महसूस होना।

बचाव : मास्क पहन मिले, टीका लगाएं

हाथों को हमेशा साबुन और पानी से करीब 20 सेकंड तक अच्छी तरह से धोएं। पीड़ित से 3 फीट की दूरी रखें। जरूरत पड़े तो मास्क पहनें।

अगर किसी व्यक्ति में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखें तो उससे हाथ न मिलाएं और गले मिलने से भी बचें।

स्वाइन फ्लू से बचने का टीका अवश्य लगवाएं। टीका एच1एन1 संक्रमण से बचाव का अच्छा जरिया है।

घबराए नहीं, बच्चे, बुजुर्ग व गर्भवती सावचेत रहें, जिन्हें पहले से बीमारियां है, उन्हें जागरूक रहने की जरूरत

इम्युनिटी कमजोर तो खतरा ज्यादा

महिलाओं में इम्युनिटी कम होती है। इससे वायरस जल्दी प्रभावित करता है। स्वाइन फ्लू का कैटेगराइज बदला है। एक दो दिन तक खांसी जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाकर दवा लें। अस्थमा, डायबिटीज वाले मरीज व गर्भवती जल्दी चपेट में आ सकते हैं। -डॉ. स्वाति शिंदे, बीसीएमएचओ, किशनगढ़

गर्भवती और इसके अलावा बुजुर्ग महिलाओं में इम्युनिटी कम हाेती है। इसलिए यह बीमारी जल्दी फैलती है। इसके लिए अच्छा है, अच्छी डाइट लें और इम्युनिटी बढ़ाएं। स्वाइन फ्लू नियंत्रण में है। -डॉ. लाल थदानी, डिप्टी सीएमएचओ हैल्थ

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