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बजट: सोने पर घट सकती है इम्पोर्ट ड्यूटी, वाणिज्य मंत्रालय भी पक्ष में

गुरुवार को पेश होने वाले आम बजट में सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी कम हो सकती है। इसकी वजह यह है कि उद्योग संगठनों के साथ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:40 PM IST

गुरुवार को पेश होने वाले आम बजट में सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी कम हो सकती है। इसकी वजह यह है कि उद्योग संगठनों के साथ वाणिज्य मंत्रालय भी इसकी जरूरत बता चुका है। दरअसल, ज्वैलरी उद्योग लंबे समय सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 10 से घटाकर 4 फीसदी करने की मांग कर रहा है। वहीं, पिछले महीने एक कार्यक्रम में वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु तथा वाणिज्य सचिव रीता तेवतिया भी इसकी जरूरत बता चुके हैं। इसके चलते सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी कम होने की उम्मीद की जा रही है।

जैम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल का कहना है कि सरकार से सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी कम करने की मांग की गई है, ताकि निर्यातकों को राहत मिल सके। अभी सोने पर दस फीसदी ड्यूटी होने से गोल्ड ज्यूलरी निर्यातकों का काफी पैसा फंस जाता है। निर्यातक ड्यूटी चुकाकर सोना खरीदते हैं। फिर ज्वैलरी निर्यात के बाद चुकाई गई ड्यूटी के लिए रिफंड क्लेम करते हैं। इस प्रक्रिया में 90 से 120 दिन के लिए निर्यातकों की कार्यशील पूंजी फंसी रहती है और लागत में इजाफा होता है।

जीजेईपीसी के पूर्व चेयरमैन राजीव जैन का कहना है कि सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी कम करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इम्पोर्ट ड्यूटी ज्यादा होने से निर्यातकों के साथ लोकल इंडस्ट्री को भी नुकसान हो रहा है। सोने की तस्करी भी बढ़ी है। इसके मद्देनजर इस बार बजट में सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी में कमी की घोषणा हो सकती है। उन्होंंने कहा कि सरकार दक्षिण कोरिया से गोल्ड ज्यूलरी व अन्य आयटम के आयात पर पाबंदी को हटाने पर विचार हो रहा है। इसके मद्देनजर भी इम्पोर्ट ड्यूटी कम करने की जरूरत है। यदि दक्षिण कोरिया से ड्यूटी फ्री गोल्ड ज्यूलरी आयात को मंजूरी मिलती है तो इसका लोकल इंडस्ट्री को काफी नुकसान होगा। दूसरी तरफ बुलियन ट्रेडर मनीष खूंटेटा का कहना है कि अभी बुलियन व ज्वैलरी कारोबार कमजोर है। इसके मद्देनजर ड्यूटी में कमी की जाती है, तो इसका फायदा ग्राहकों के साथ ज्वैलर्स व निर्यातकों को भी मिलेगा।

यह कहा था वाणिज्य सचिव ने

वाणिज्य सचिव रीता तेवतिया ने सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी में कमी की जरूरत बताते हुए कहा था कि मुक्त व्यापार समझौते से कुछ देशों से आयात सस्ता, तो कुछ से महंगा पड़ता है। जब तक ऐसा रहेगा, लोग इसका फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। इसे खत्म करने के लिए आयात शुल्क की समीक्षा की जरूरत है।

प्रभु कह चुके, कम हो सकती है ड्यूटी

पिछले महीने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने भी कहा था कि सरकार सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी घटा सकती है। इसे 10 से घटाकर 4 फीसदी किया जा सकता है।

मौजूदा वित्त वर्ष में सोना आयात 650 से 750 टन के बीच रहने का अनुमान

चीन के बाद सोने की सबसे ज्यादा खपत भारत में ही होती है। वर्ष 2016 में यहां 674 टन सोना आयात हुआ था। इस साल यह 650-750 टन रहने और 2020 तक 850-950 टन तक पहुंचने का अनुमान है।

ग्लोबल बाजार में तेजी से सोना 125, चांदी 300 रुपए चढ़ी

जयपुर| ग्लोबल मांग से बुधवार को जयपुर सर्राफा बाजार में सोना स्टैंडर्ड 125 तथा 22 कैरेट जेवराती सोना 100 रुपए प्रति दस ग्राम चढ़ गया। चांदी में 300 रुपए प्रति किलोग्राम की तेजी रही। चांदी कलदार के भावों में बदलाव देखने को नहीं मिला। वहीं, अमेरिकी वायदा एक्सचेंज कॉमेक्स में फरवरी डिलीवरी सोना 4.80 डॉलर बढ़कर 1,342.90 डॉलर तथा मार्च डिलीवरी चांदी 0.09 डॉलर की तेजी से 17.19 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक डॉलर में गिरावट से ग्लोबल बाजार में सोना महंगा हो गया। इसके चलते स्थानीय बाजार में सोना और चांदी दोनों में सुधार देखने को मिला। हालांकि ऊंचे भावों पर सोना-चांदी की मांग कमजोर रही। दूसरी तरफ डॉलर में दो महीनेे की सबसे बड़ी गिरावट के मद्देनजर निवेशकों ने सोने-चांदी की खरीद की। लेकिन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में बड़ी तेजी की संभावना कम है।

जयपुर सर्राफा बाजार भाव: चांदी (999) 40,300, चांदी रिफाइनरी 39,800 रुपए प्रति किलो। चांदी कलदार 68,000 रुपए प्रति सैकड़ा। सोना स्टैंडर्ड 31,150 रुपए, सोना जेवराती 29,600 रुपए तथा वापसी 28,700 रुपए प्रति दस ग्राम।

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