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जिले की तीन जेलों में बंद महिला बंदियों की दशा सुधारने के होंगे प्रयास

भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद महिला बंदियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने तथा...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 16, 2018, 05:30 AM IST

भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी

प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद महिला बंदियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने तथा उनकी रिहाई के पश्चात पुनर्वास आदि सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए जिले में कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी विभिन्न जेलों का निरीक्षण कर वहां बंद महिलाओं की दशा के बारे में जानकारियां जुटाएगी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। नागौर जिले के पूर्णकालिक सचिव न्यायाधीश दीपक पाराशर ने बताया कि नागौर जिले के विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष के दिशा निर्देशन में कमेटियों का गठन किया जा चुका है। जिला मुख्यालय पर जिला कारागृह है तथा मेड़ता व परबतसर में सब-जेल मौजूद है। इन तीनों जेलों में 10 महिलाएं विभिन्न मामलों में विचाराधीन बंदी है। उन्होंने बताया कि जिला जेल में 5, मेड़ता में 2 तथा परबतसर जेल में 3 महिलाएं बंदी है। इन महिला बंदियों की वास्तविक स्थिति ज्ञात करने के लिए कमेटी का गठन किया। कमेटी जल्द ही सभी जेलों का निरीक्षण करेगी। उन्होंने बताया कि 20 मई को यह कमेटी परबतसर सब जेल का, 22 मई को मेड़ता सब जेल का तथा 24 मई को नागौर जिला जेल का निरीक्षण करेंगी।

ये जानकारियां जुटाएगी कमेटी

जेलों में बंद महिला कैदियां के साथ रहने वाले बच्चों की संख्या, महिलाओं की उम्र, संबंधित महिला किस अपराध में विचाराधीन है सहित अनेक जानकारियां जुटाने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। न्यायाधीश पाराशर ने बताया कि जेलों में महिलाओं को विधिक सहायता सहित रिहाई के बाद उसके पुनर्वास व सामाजिक मान्यता को लेकर भी अभी से जानकारियां जुटाई जाएगी। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अनवान आरडी उपाध्याय बनाम आंधप्रदेश सरकार के प्रकरण में इस आशय के आदेश दिए थे। जिसकी अब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिलों में पालना शुरू हो गई है। इसके अलावा कमेटी के सदस्य इन बंदियों को मिलने वाली कानूनी सुविधाओं की जानकारी देंगे। उनके हक अधिकारों के बारें में बताएंगे। यदि महिला बंदी गर्भवती है जो मिलने वाली विधिक सहायता की जानकारी भी देंगे। जेल से रिहाई के बाद उनके पुनर्वास की व्यवस्थाओं की भी जानकारी देंगे।

कमेटी में होंेगे कुल 10 सदस्य

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव न्यायाधीश दीपक पाराशर ने बताया कि जेलों में बंद महिला बंदियों की स्थिति ज्ञात करने के लिए 10 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में एक मनो चिकित्सक, एक महिला डॉक्टर, एक महिला एवं बाल विकास विभाग का अधिकारी, एक संबंधित जेल का जेलर, एक शिक्षा विभाग का प्रतिनिधि, एक एनजीओ का कर्मचारी तथा दो पैनल अधिवक्ता शामिल रहेंगे। वहीं उन्होंने बताया कि इन 10 सदस्यों को मंगलवार सुबह 9 बजे से 11 बजे तक शहर के न्यायालय परिसर में स्थित एडीआर भवन में प्रशिक्षण भी दिया गया।

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