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चांद दिखा तो रमजान 17 से, 15:33 घंटे का होगा पहला रोजा

भास्कर संवाददाता | बासनी/नागौर इस बार भी रोजेदारों के सब्र का इम्तिहान तेज गर्मी में होगा। रोजे लगातार दूसरी बार...

Dainik Bhaskar

May 13, 2018, 05:35 AM IST
भास्कर संवाददाता | बासनी/नागौर

इस बार भी रोजेदारों के सब्र का इम्तिहान तेज गर्मी में होगा। रोजे लगातार दूसरी बार मई में आ रहे हैं। रमजान में सबसे लम्बा रोजा 15:33 घंटे का होगा। तय समय पर चांद दिखाई देने पर बासनी में 17 मई से रोजे शुरू हो जाएंगे। बासनी के मुफ्ती वली मोहम्मद रिजवी के मुताबिक जगहों के हिसाब से समय में कुछ बदलाव हो सकता है। एक मई को शबे बरात के साथ ही बासनी में रमजान की तैयारियां शुरू हो गई है। मस्जिदों और इबादतगाहों क्षेत्र में तैयारियां शुरू हो गई है। साफ-सफाई की जा रही है। मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज पढ़ाने के लिए हाफिज-ए-कुरान की चयन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। बासनी और कुम्हारी से कई हाफिज तरावीह की नमाज पढ़ाने के लिए मुम्बई भी जाएंगे। जामा मस्जिद के नायब इमाम मौलाना नासिर अहमद ने बताया कि हर 36 साल बाद रमजान पुनः उसी मौसम में पहुंच जाता है। इस्लामी कैलेंडर और अंग्रेजी कैलेंडर में एक साल में 10 दिन का अंतर आता है। ये अंतर इसलिए आता है कि इस्लामी कैलेंडर में 29-30 दिन का महीना होता है, वहीं अंग्रेजी कैलेंडर में 30-31 दिन का महीना होता है। मौलाना नासिर ने बताया कि हर साल चांद के हिसाब से इस्लामी कैलेंडर में 10-11 दिन कम होते है। बासनी के डाॅ. मोहम्मद हुसैन ने बताया कि रोजेदार तेज गर्मी को देखते हुए चटपटे और मसालेदार खाना नहीं खाएं और सेहरी में पानी अधिक मात्रा में पीएं।

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