• Hindi News
  • Rajasthan
  • Nagour
  • शहर के 30% इलाकों में जल संकट, क्योंकि पानी की कमी नहीं, टूटी लाइनें ठीक नहीं हो रही
--Advertisement--

शहर के 30% इलाकों में जल संकट, क्योंकि पानी की कमी नहीं, टूटी लाइनें ठीक नहीं हो रही

Dainik Bhaskar

May 13, 2018, 05:40 AM IST

Nagour News - नहरी क्लोजर के नाम पर अब तक शहर के 30 प्रतिशत हिस्से में जो जल संकट हो रहा था। उसके पीछे का सच नगर परिषद की जलदाय विंग...

शहर के 30% इलाकों में जल संकट, क्योंकि पानी की कमी नहीं, टूटी लाइनें ठीक नहीं हो रही
नहरी क्लोजर के नाम पर अब तक शहर के 30 प्रतिशत हिस्से में जो जल संकट हो रहा था। उसके पीछे का सच नगर परिषद की जलदाय विंग की बड़ी लापरवाही रही। नहरी विभाग की तरफ से शहर में मांग 1.20 करोड़ लीटर की तुलना में 20 लाख लीटर यानि 1.40 करोड़ लीटर पानी दिया गया। इसके बावजूद लोग पानी के लिए भटक रहे हैं।

दैनिक भास्कर ने शहर में कृत्रिम जल संकट को लेकर पड़ताल की तो यह सच सामने आया है कि डेढ़ लाख आबादी वाले नागौर शहर को जरूरत से 30 लाख लीटर पानी ज्यादा मिल रहा है। इसके बावजूद शहर के 30 प्रतिशत क्षेत्रों में जल संकट के हालात बने हुए हैं। नहरी परियोजना से शहर को रोजाना 1.40 करोड़ लीटर पानी लिया जा रहा है जबकि नागौर शहर में दो दिन में एक बार 1 करोड़ लीटर पानी की आपूर्ति हो रही है। शहर का 70 लाख लीटर पानी कहां जा रहा है इसका हिसाब परिषद की जल सप्लाई विंग सेे जुड़े किसी अधिकारी कार्मिक के पास नहीं है। शहर के 25 प्रतिशत इलाकों में रोज जलापूर्ति की जाती है जबकि 65 प्रतिशत इलाके ऐसे हैं जहां पर दो दिन में एक बार पानी पहुंचाया जा रहा है। कभी कभी तो 3 तीन दिन में एक बार ही आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा 10 प्रतिशत ऐसे इलाके हैं जहां पर पानी सप्लाई के स्थाई साधन ही नहीं है। नगर परिषद के अधीन काम करने वाले जलदाय विभाग के अधिकारियों कार्मिकों की लापरवाही सामने आई है।

X
शहर के 30% इलाकों में जल संकट, क्योंकि पानी की कमी नहीं, टूटी लाइनें ठीक नहीं हो रही
Astrology

Recommended

Click to listen..