• Home
  • Rajasthan News
  • Nagour News
  • चालक को वर्दी पहनने पर मिलेगा किराया, रेट से ज्यादा लिया तो जुर्माना
--Advertisement--

चालक को वर्दी पहनने पर मिलेगा किराया, रेट से ज्यादा लिया तो जुर्माना

ऑटो चालकों द्वारा सवारियों से मनचाहा किराया वसूलने के मामले में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस भले ही कार्रवाई...

Danik Bhaskar | Aug 12, 2018, 05:45 AM IST
ऑटो चालकों द्वारा सवारियों से मनचाहा किराया वसूलने के मामले में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस भले ही कार्रवाई करने में अब तक नाकाम रहा हो। लेकिन ऑटो रिक्शा चालक यूनियन ने अब सख्ती दिखाई है। यूनियन के अध्यक्ष रूपसिंह पंवार ने सदस्यों की सर्वसम्मति से दूरी के हिसाब से किराया तय कर नई सूची जारी की है। इसके अनुसार शहर के भीतरी क्षेत्रों के लिए 10 रुपए और लंबी दूसरी के लिए 15 से 20 रुपए किराया तय किया है। सिटी बुक किराया 70 रुपए प्रति सवारी निर्धारित किया है। अध्यक्ष पंवार ने बताया कि ऑटो चालक किराया कम या ज्यादा लेता पाया गया तो उस पर कार्रवाई होगी। चालक को ऑरिजनल कार्ड रखना होगा। बिना वर्दी ऑटो चलाने की भी अनुमति नहीं होगी। यूनियन द्वारा निर्धारित किराया की अपडेट सूची के नियम 7 अगस्त से लागू कर दिए गए हैं। अध्यक्ष पंवार ने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से उन्हें अभी तक कोई किराया सूची नहीं मिली है। यूनियन ने आमजन के हित में किराया तय कर सूची जारी की है।








Rs.10

प्रति सवारी

किराया सूची



Rs.15

प्रति सवारी


Rs.20

प्रति सवारी

रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किराया 20 प्रतिशत अतिरिक्त लगेगा।

आगे क्या

शिकायत मिलने पर लाइसेंस रद्द करवाएंगे

अध्यक्ष पंवार ने बताया कि आने वाले दिनों में पुलिस व यूनियन दोनों मिलकर शिकायत मिलने वाले संबंधित ऑटो चालक का सबसे पहले लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। उसके बाद रेलवे स्टेशन स्थित ऑटोरिक्शा स्टैंड पर उस चालक की फोटो जारी कर ऑटो में नहीं बैठने की आमजन से अपील भी की जाएगी।

व्यवस्था में सुधार करना हमारा मकसद: पंवार


इधर, लापरवाही

नहीं हो पाई कलेक्टर के आदेशों की पालना

डीटीओ व यातायात पुलिस ने ऑटो किराया सूची कब निर्धारित की। इस सवाल का जवाब नहीं है। कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने 12 अप्रैल और 13 जुलाई को हुई बैठकों में अधिकारियों से कहा था कि शहर में बस स्टैंड पर ऑटो किराया सूची चस्पा करें। इसमें पुलिस, परिवहन विभाग और नगर परिषद सहयोग करेंगे। ताकि आम आदमी से अधिक किराया वसूला न जा सके। लेकिन 5 माह बाद भी न सूची चस्पा हुई न ही कलेक्टर के आदेशों की पालना हो पाई।