नागौर

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गुण के बिना पुरुष, गंध के बिना पुष्प का कोई महत्व नहीं

नागौर. अखिल भारतीय श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ शाखा नागौर के तत्वावधान में चल रहे चातुर्मास के तहत...

Dainik Bhaskar

Aug 12, 2018, 05:46 AM IST
गुण के बिना पुरुष, गंध के बिना पुष्प का कोई महत्व नहीं
नागौर. अखिल भारतीय श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ शाखा नागौर के तत्वावधान में चल रहे चातुर्मास के तहत समणी निर्देशिका डॉ. सुयशनिधि, समणी सुगमनिधि, समणी सुधननिधि, समणी सुयोगनिधि, समणी श्रद्धानिधि आदि के सान्निध्य में 16 सती आराधना तप चल रहा है। जिसमें शनिवार को आयंबिल का आयोजन किया गया। इस दौरान 26 भक्तों ने आयंबिल करके आत्मा को शुद्ध बनाया। डॉ. सुयशनिधि ने कहा कि यह संसार बाहर से मोहक और अंदर से भयानक है। जिस तरह पर्वत दूर से रमणीय लगता है। लेकिन पास जाने पर संकटदायी होता है। उसी तरह संसार काम और भोग का दलदल है। जैन समणी सुगमनिधि ने कहा कि गुणहीन पुरुष, गंधहीन पुष्प, संतानहीन नारी, फलहीन वृक्ष, स्नेह हीन मित्र और आचार हीन संत किसी काम के नहीं हैं। जहां गुण है, जिस व्यक्तित्व में प्रभावशीलता है, आकर्षण है। उसमें चाहे सुंदरता हो या नहीं, विशेष फर्क नहीं पड़ता है। मंच का संचालन संजय पींचा ने किया। इस मौके पर एन. सुनील ललवानी ने बताया कि प्रवचन में पूछे गए 3 प्रश्नों के उत्तर विनीता पींचा, मुदित पींचा, गजल भुरट ने दिए। उनको डूंगरवाल परिवार की तरफ से चांदी के सिक्के दिए गए। इस मौके पर अमराव बाई चौरडिय़ा, संगीता चौरडिय़ा, लीला देवी बैद, संगीता भुरट, लालचंद, राजेंद्र, निर्मल ललवानी, धनराज और मनोज कुमार सुराणा आदि मौजूद थे।

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