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हरियाली और शनि अमावस्या 11 अगस्त को, शनिवार होने से बना है पूजा का खास योग

11 अगस्त को हरियाली अमावस्या और शनि अमावस्या एक ही दिन होगी। इस दिन शनिवार होने से अमावस्या का महत्व बढ़ गया है। इस...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 06, 2018, 05:51 AM IST

11 अगस्त को हरियाली अमावस्या और शनि अमावस्या एक ही दिन होगी। इस दिन शनिवार होने से अमावस्या का महत्व बढ़ गया है। इस दिन पूजा-पाठ का विशेष महत्व रहेगा। जो जातक वर्तमान में शनि की चाल से नकारात्मक रूप से प्रभावित हैं। विशेषकर, जिन जातकों की कुंडली में शनि की महादशा, अंतर्दशा या प्रत्यंतर दशा चल रही है या जिन पर शनि की साढ़ेसाती, शनि की ढैया चल रही है या जिन्हें किसी भी प्रकार का कष्ट शनि के कारण पहुंच रहा है। वो जातक इस शनि अमावस्या पर शिव, शनिदेव की साधना कर उनके प्रकोप से बच सकते हैं। पंडितों के अनुसार जीवन में कई तरह के संकट केवल शनि, राहु-केतु और कुंडली के अन्य अशुभ योगों के कारण आते हैं। और इन सब दोषों का एवं जीवन के संकटों का नाश करने के लिए शनिश्चरी अमावस्या मानी जाती है।

पंचांग

साढ़े साती और शनि की ढैया से प्रभावित लोगों को पूजा-पाठ से होगा लाभ

राशि के अनुसार लगाएं पौधा, इससे पर्यावरण और भाग्य दोनों सुधारें

इस साल बारिश में पौधा लगाने जा रहे हैं तो अपनी राशि के अनुसार पौधा लगाएं। इससे पर्यावरण और भाग्य दोनों सुधरेंगे। कुंडली में स्थित कोई खराब ग्रह असफलता या किसी काम में बाधा आ रही है तो वह दूर होगी। ज्योतिष शास्त्र में हर राशि, गृह व नक्षत्र के वृक्ष हैं। इन्हें लगाने से फायदा होता है। पंडितों अनुसार ज्योतिष में ग्रह की मजबूत करने व उसकी सकारात्मक उर्जा पाने के लिए ग्रह व राशि के अनुसार पेड़ लगाने का भी उपाय है। राशि के अनुसार पेड़ लगाने से न केवल वह ग्रह शांत होता है, बल्कि जैसे जैसे वृक्ष बढ़ता है, व्यक्ति उतना ही अधिक उसका लाभ मिलता है।

मीन राशि वाले व्यक्ति नीम या पीपल का पौधा लगाएं

मेघ : आंवला, वृष: जामुन, मिथुन: कटहल, कर्क: नागकेशर, सिंह : बेल, कन्या: आम, तुला : सफेद पलाश, वृश्चिक: केला, बरगद, धनु: पीपल, मकर: शीशम, कुंभ: खैर या शमी, मीन: नीम या पीपल

ग्रह के अनुसार लगाए जाएं यह पौधे

सूर्य ग्रह का अर्क, चंद्रमा को पलाश, मंगल का खैर, बुध का अपमार्ग, गुरु का पीपल, शुक्र का सफेद चंदन या गूलर, केतु का कुश वृक्ष माना गया है।

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