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जलवायु परिवर्तन से बोतल में मिलेगी ऑक्सीजन, इससे बचना है तो अधिकाधिक पीपल के पौधे लगाएं : डॉ. आर्य

भास्कर संवाददाता| नागौर/गोगेलाव श्रीकृष्ण गौशाला अलाय में सुथार समाज चैरिटेबल ट्रस्ट सूरत की ओर से पीपल...

Dainik Bhaskar

Aug 06, 2018, 05:51 AM IST
जलवायु परिवर्तन से बोतल में मिलेगी ऑक्सीजन, इससे बचना है तो अधिकाधिक पीपल के पौधे लगाएं : डॉ. आर्य
भास्कर संवाददाता| नागौर/गोगेलाव

श्रीकृष्ण गौशाला अलाय में सुथार समाज चैरिटेबल ट्रस्ट सूरत की ओर से पीपल परियोजना के तहत तीसरा वार्षिक समारोह रविवार को आयोजित हुआ। इस मौके पर जलवायु परिवर्तन एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य में पीपल और अन्य वृक्षों का योगदान विषय पर संगोष्ठी भी हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा शहर इकाई जिलाध्यक्ष रामचंद्र उत्ता ने कहा कि पीपल कुटुंब वृक्ष है। जो जलवायु का शुद्धिकरण करता है। मुख्य अतिथि शुष्क वन एवं अनुसंधान केंद्र जोधपुर के निदेशक डॉ. आईडी आर्य ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण आने वाले समय में शुद्ध ऑक्सीजन की कमी होने वाली है। इसके चलते ऑक्सीजन बोतल में मिलने लगेगी। ऐसी स्थिति से बचने के लिए पीपल के पौधे लगाना सबसे अच्छा उपाय है। क्योंकि पीपल ही सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देता है। इसलिए पीपल के पेड़ का अधिकाधिक संरक्षण व प्रसार करने की जरूरत है। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से बारिश के मौसम में पौधे लगाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि दुबई प्रवासी हनुमंत बुढड़, सेवानिवृत्त डीआईजी सवाई सिंह चौधरी, उप वन संरक्षक मोहित गुप्ता, आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. वासुदेव सिखवाल, पर्यावरण संरक्षक हिम्मताराम भांभू, रामरतन बिश्नोई, वैज्ञानिक डॉ. सरिता आर्य, जांगिड़ ब्राह्मण महासभा जिलाध्यक्ष तुलसीराम कुलरिया, देवकिशन कुलरिया, पूर्व सरपंच अनोप गिला, अलाय सरपंच सुमन विश्नोई, हीरालाल डेलू, हनुमान चौधरी ने भी विचार व्यक्त किए। व्यवसायी हनुमंत बुढड़ ने गोगेलाव की कृष्ण गौशाला को एक लाख रुपए देने की घोषणा की। अपना संस्थान नागौर के जिला मंत्री और सुथार समाज चैरिटेबल ट्रस्ट सूरत के मोहनराम सुथार ने ट्रस्ट की गतिविधियों की जानकारी दी। ट्रस्ट की ओर से इस साल पीपल के 2500 पौधे लगाए हैं। उन्होंने बताया कि तीन साल में पीपल के 4500 पौधे लगाए जा चुके हैं। इस कार्यक्रम में अलाय और आसपास के गांवों के साथ ही दूर-दराज के गांवों से भी लोग आए।

भास्कर संवाददाता| नागौर/गोगेलाव

श्रीकृष्ण गौशाला अलाय में सुथार समाज चैरिटेबल ट्रस्ट सूरत की ओर से पीपल परियोजना के तहत तीसरा वार्षिक समारोह रविवार को आयोजित हुआ। इस मौके पर जलवायु परिवर्तन एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य में पीपल और अन्य वृक्षों का योगदान विषय पर संगोष्ठी भी हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा शहर इकाई जिलाध्यक्ष रामचंद्र उत्ता ने कहा कि पीपल कुटुंब वृक्ष है। जो जलवायु का शुद्धिकरण करता है। मुख्य अतिथि शुष्क वन एवं अनुसंधान केंद्र जोधपुर के निदेशक डॉ. आईडी आर्य ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण आने वाले समय में शुद्ध ऑक्सीजन की कमी होने वाली है। इसके चलते ऑक्सीजन बोतल में मिलने लगेगी। ऐसी स्थिति से बचने के लिए पीपल के पौधे लगाना सबसे अच्छा उपाय है। क्योंकि पीपल ही सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देता है। इसलिए पीपल के पेड़ का अधिकाधिक संरक्षण व प्रसार करने की जरूरत है। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से बारिश के मौसम में पौधे लगाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि दुबई प्रवासी हनुमंत बुढड़, सेवानिवृत्त डीआईजी सवाई सिंह चौधरी, उप वन संरक्षक मोहित गुप्ता, आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. वासुदेव सिखवाल, पर्यावरण संरक्षक हिम्मताराम भांभू, रामरतन बिश्नोई, वैज्ञानिक डॉ. सरिता आर्य, जांगिड़ ब्राह्मण महासभा जिलाध्यक्ष तुलसीराम कुलरिया, देवकिशन कुलरिया, पूर्व सरपंच अनोप गिला, अलाय सरपंच सुमन विश्नोई, हीरालाल डेलू, हनुमान चौधरी ने भी विचार व्यक्त किए। व्यवसायी हनुमंत बुढड़ ने गोगेलाव की कृष्ण गौशाला को एक लाख रुपए देने की घोषणा की। अपना संस्थान नागौर के जिला मंत्री और सुथार समाज चैरिटेबल ट्रस्ट सूरत के मोहनराम सुथार ने ट्रस्ट की गतिविधियों की जानकारी दी। ट्रस्ट की ओर से इस साल पीपल के 2500 पौधे लगाए हैं। उन्होंने बताया कि तीन साल में पीपल के 4500 पौधे लगाए जा चुके हैं। इस कार्यक्रम में अलाय और आसपास के गांवों के साथ ही दूर-दराज के गांवों से भी लोग आए।

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