नागौर

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प्रदेश में खातेदारी जमीन पर बजरी की 55 खानें बंद

प्रदेश में नदी-नालों के बाद अब खातेदारी जमीन पर बजरी की 55 खानें बंद कर दी गई हैं। इससे बजरी का बड़ा संकट खड़ा हो गया...

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 05:55 AM IST
प्रदेश में नदी-नालों के बाद अब खातेदारी जमीन पर बजरी की 55 खानें बंद कर दी गई हैं। इससे बजरी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर ने तीन मार्च, 18 को आदेश जारी कर कृषि भूमि से बजरी खनन रोकने के लिए कहा था और राज्य सरकार से तीन सप्ताह का समय मांगा था। हाईकोर्ट के आदेश की अनुपालना में सरकार ने राज्य में खातेदारी भूमि पर बजरी की खानों से खनन करने पर पूर्णतया रोक लगा दी है। राज्य के बीकानेर जिले में बजरी की 62 खानें हैं। इनमें से 49 खानें खातेदारी जमीन पर हैं। इसके अलावा नागौर जिले में भी छह खानें खातेदारी जमीन पर है। खान विभाग के अधिकारियों ने दोनों जिलों में खातेदारी जमीन पर स्थित बजरी की खानों में खनन रोक दिया है। इस संबंध में विभाग के अधिकारी-कर्मचारी खान मालिकों को अवगत करवा रहे हैं। पूर्व में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में नदी-नालों से निकलने वाली बजरी के खनन पर रोक लगाई थी जिससे 82 ब्लॉक्स बंद कर दिए गए थे। अब संजय कुमार गर्ग की ओर से जयपुर हाईकोर्ट में पेश याचिका पर निर्णय के अनुसार खातेदारी भूमि पर बजरी की खानों को भी बंद करने से निर्माण कार्यों पर संकट खड़ा हो गया है।



‌प्रतिवर्ष Rs.54 करोड़ का राजस्व : राज्य में बजरी की 62 खानें बीकानेर और छह नागौर जिलों में हैं। सरकार ने हाल ही में एक अप्रैल से बीकानेर जिले में बजरी की रायल्टी वसूली का ठेका दिया है। दो साल के इस ठेके से सरकार को प्रतिवर्ष 54 करोड़ रुपए का राजस्व मिलना है।



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