नागौर

--Advertisement--

कथा में गाय और धर्म की रक्षा का किया अाह्वान

मां बालक की प्रथम गुरु है। वह अपनी शिक्षा व संस्कार से चाहे जिस किसी स्वरूप या पद का उसमें निर्माण कर सकती है वह...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 05:55 AM IST
कथा में गाय और धर्म की रक्षा का किया अाह्वान
मां बालक की प्रथम गुरु है। वह अपनी शिक्षा व संस्कार से चाहे जिस किसी स्वरूप या पद का उसमें निर्माण कर सकती है वह पक्ष चाहे सकारात्मक हो या नकारात्मक। यह प्रवचन श्रीबालाजी सेवा धाम श्रीबालाजी के महंत स्वामी बजरंगदास महाराज ने जिला मुख्यालय के निकटवर्ती चेनार गांव के बड़की बस्ती में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ में द्वितीय दिवस के अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने मोर पंख का मुकुट लगा रखा हो। जो निष्काम हो वह भगवान के सिर पर मोरपंखी के समान विराजमान होते हैं।

मानव मुरली के समान हों। जो कुछ है सामने है। मुरली कुछ नहीं छिपाती। छिद्र है जो दोष बताते हैं पर स्पष्ट दिखते हैं। वैसे ही आदमी अन्दर व बाहर एक समान हो। भगवान अवगुण को नहीं देखते हैं। प्रभुजी मोरे अवगुण चित्त न धरो सूरदासजी जैसी इन भावों वाली भक्ति जरूरी है। भागवत सुनने का अधिकारी वह है जो काम, क्रोध, मद, लोभ से परे हो। कुन्ती प्रसंग का प्रवचन देते हुए महाराज ने कहा कि ऐसा सुख किस काम का जो प्रभु का विस्मरण करा दे। इसकी अपेक्षा वह दुख अच्छा जो भगवान को हृदय से न निकलने दे। अतः कुन्ती ने ही भगवान से यही आग्रह किया कि ऐसा सुख लेकर क्या करुंगी जो प्रभु को भूला दे। गोस्वामी तुलसीदास ने भी कहा है एक क्षण भी भगवद् विस्मरण वाला न निकले। हर श्वास प्रश्वास में भजन होता रहे वही श्रेष्ठ संत व गृहस्थ है। गृहस्थ को कठोर परिश्रम करके धन कमाना चाहिए। तन पवित्र सेवा से ,मन पवित्र भजन से, धन पवित्र दान से होता है। दान वहां देना चाहिए जहां सार्थक हो। पड़ौस में कोई भूखा न सोये। किसी जरुरतमन्द की गुड़िया को पढ़ाओ यह भी दान है।

उन्होंने कहा कि भारत में एक घण्टे में 28 हजार गाएं कत्लखानों में मारी जाती है । गाय मात्र गाय नहीं, हमारी माता है। हर हिन्दु के घर में एक गाय होगी तभी इसकी रक्षा संभव होगी। आयोजक परिवार के श्यामसुन्दर सोलंकी ने बताया कि इस अवसर पर आयोजक परिवार के सुखराम सोलंकी, नगर सभापति कृपाराम सोलंकी तथा रिछपाल मिर्धा, पदमाराम कुलरिया, गरीबाराम मंडा, रामस्वरूप पंवार, भोजराज सारस्वत, हरिराम धारणिया, किशोर टाक जयपुर, पूनाराम मेघवाल, गायक सतीश देहरा, दिव्या रानी, वीरेन्द्र कड़ेला, राजस्थानी अभिनेता राज जांगिड़, गोविन्दराम कुलरिया, माणकचन्द सांखला, भागीरथ भाटी, सुखराम फिड़ौदा ,भंवरलाल तंवर, बंशीलाल भाटी, नवरतन बोथरा, हरीशचन्द्र देवड़ा, नथमल गहलोत, श्रीकृष्ण जोशी, ताराचन्द सोलंकी मौजूद थे।

जैन मुनि ने दिया प्रवचन

नागौर। भारत भ्रमण के दौरान दिगंबर जैन मुनि संबुद्ध सागर एवं सक्षम सागर महाराज ने विहार करते यहां नागौर- जोधपुर नेशनल हाईवे से गुजरते समय गुरूवार को श्रीकृष्ण गोपाल गौसेवा समिति के गौ चिकित्सालय में गो भक्तों ने श्रद्धापूर्वक स्वागत सम्मान किया। महामण्डलेश्वर कुशाल गिरि महाराज के सानिध्य में गो चिकित्सालय के मुख्य इंचार्ज, कम्पाउण्डर, गोपालक, ड्राइवर, सहित समस्त कार्यकर्ताओं ने जैन मुनियों का स्वागत किया। इस समारोह में नागौर व आसपास के कई गांवों के अनेक गौभक्त भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति त्याग, सेवा, तपस्या और बलिदान की संस्कृति है। गौमाता की सेवा सर्वश्रेष्ठ सेवा है। इस बीच जैन मुनियों ने गौ चिकित्सालय के सभी विभागों और प्रकल्पों का गहन रूप से अवलोकन किया और यहां की जा रही गोवंश की सेवा पर संतोष व्यक्त करते हुए सराहना की। अन्त में गो चिकित्सालय की व्यवस्थापिका प्रवीणा सोलंकी ने जैन मुनियों सहित सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया।

कथा में गाय और धर्म की रक्षा का किया अाह्वान
कथा में गाय और धर्म की रक्षा का किया अाह्वान
X
कथा में गाय और धर्म की रक्षा का किया अाह्वान
कथा में गाय और धर्म की रक्षा का किया अाह्वान
कथा में गाय और धर्म की रक्षा का किया अाह्वान
Click to listen..