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हर विधानसभा क्षेत्र में 10-10 ईवीएम मशीनों से होगा मॉक पोल, आमजन को देंगे इससे मतदान प्रक्रिया की जानकारी

जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर कुमारपाल गौतम ने एसडीएम, तहसीलदारों और बीडीओ को निर्देश दिए कि विधानसभा चुनाव के...

Dainik Bhaskar

Aug 09, 2018, 06:20 AM IST
हर विधानसभा क्षेत्र में 10-10 ईवीएम मशीनों से होगा मॉक पोल, आमजन को देंगे इससे मतदान प्रक्रिया की जानकारी
जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर कुमारपाल गौतम ने एसडीएम, तहसीलदारों और बीडीओ को निर्देश दिए कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतदान केंद्रों का निरीक्षण व्यक्तिगत रूप से एक महीने में करें। केंद्र पर प्रकाश की व्यवस्था और दोतरफा रास्ता सुचारू रूप से रहे। ऐसी व्यवस्था हो कि दिव्यांग व्यक्ति भी मताधिकार का प्रयोग कर सके। वे बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार और बीडीओ की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में किसी मतदान केंद्र में किसी तरह की परेशानी हुई हो तो उसकी जानकारी लेकर उसके निदान का भी प्रयास करें। अगर जानकारी मिलती है कि कुछ असामाजिक तत्व अव्यवस्था कर सकते हैं तो ऐसे लोगों को चिह्नित कर उन्हें पाबंद किया जाए। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे चुनाव कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिलवाएं। जरूरत होने पर वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की जाएगी। हर विधानसभा क्षेत्र के लिए 10-10 ईवीएम मशीनें माॅक पाेल के लिए दी जाएंगे। इनके माध्यम से मतदान प्रक्रिया की जानकारी आमजन को दी जाएगी। बैठक में नागौर एडीएम ब्रजेश कुमार चंदोलिया, जिला परिषद सीईओ रामनिवास जाट, डीडवाना एडीएम बिहारी लाल मीणा सहित जिलेभर के एसडीएम, तहसीलदार और बीडीओ उपस्थित थे।

कम और ज्यादा मतदान वाले केंद्रों को चिह्नित किया जाए

कलेक्टर ने कहा कि अधिकारी अपने क्षेत्र में ऐसे मतदान केंद्रों को भी चिह्नित करें। जहां गत विधानसभा चुनाव में शत-प्रतिशत और जिले के मतदान औसत से भी कम प्रतिशत मतदान हुआ था। संभव हो तो एसडीएम और वृत्ताधिकारी संयुक्त रूप से ऐसे मतदान केंद्रों का निरीक्षण करें। वहां लोगों से बातचीत कर वास्तविकता पता की जाए। कोई गड़बड़ी सामने आए तो दुरुस्त किया जाए। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनरीक्षण अभियान में अनुपस्थित, स्थानांतरित या निधन हुए मतदाताओं का नाम सूची से हटाया जाए। पात्र लोगों का नाम जोड़ने के भी विशेष प्रयास किए जाएं।

1 जनवरी 2018 के क्रम में फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन किया गया है। इन पर दावे एवं आपत्तियां 21 अगस्त 2018 तक प्राप्त की जा सकेगी। ग्राम सभा, स्थानीय निकाय एवं आवासीय वेलफेयर सोसायटी के साथ 11 एवं 18 अगस्त तक बैठक कर इन सूचियों का प्रकाशन किया जाए। राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं के साथ दावे एवं आपत्तियों के आवेदन पत्र प्राप्त करने की विशेष तिथियां 12 एवं 19 अगस्त है। मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 27 सितम्बर 2018 को किया जाएगा।

कम और ज्यादा मतदान वाले केंद्रों को चिह्नित किया जाए

कलेक्टर ने कहा कि अधिकारी अपने क्षेत्र में ऐसे मतदान केंद्रों को भी चिह्नित करें। जहां गत विधानसभा चुनाव में शत-प्रतिशत और जिले के मतदान औसत से भी कम प्रतिशत मतदान हुआ था। संभव हो तो एसडीएम और वृत्ताधिकारी संयुक्त रूप से ऐसे मतदान केंद्रों का निरीक्षण करें। वहां लोगों से बातचीत कर वास्तविकता पता की जाए। कोई गड़बड़ी सामने आए तो दुरुस्त किया जाए। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनरीक्षण अभियान में अनुपस्थित, स्थानांतरित या निधन हुए मतदाताओं का नाम सूची से हटाया जाए। पात्र लोगों का नाम जोड़ने के भी विशेष प्रयास किए जाएं।

1 जनवरी 2018 के क्रम में फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन किया गया है। इन पर दावे एवं आपत्तियां 21 अगस्त 2018 तक प्राप्त की जा सकेगी। ग्राम सभा, स्थानीय निकाय एवं आवासीय वेलफेयर सोसायटी के साथ 11 एवं 18 अगस्त तक बैठक कर इन सूचियों का प्रकाशन किया जाए। राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं के साथ दावे एवं आपत्तियों के आवेदन पत्र प्राप्त करने की विशेष तिथियां 12 एवं 19 अगस्त है। मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 27 सितम्बर 2018 को किया जाएगा।

हथियार जमा करवाने की कार्रवाई जल्द की जाए

जिला निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने क्षेत्र में जिन व्यक्तियों के पास लाइसेंसशुदा हथियार हैं। उनके लाइसेंस संबंधित थानों में जमा करवाने की कार्रवाई शुरू कर दें। ताकि समय रहते संबंधित सभी लोगों के हथियार सुरक्षित रूप से थाने में जमा हो सके। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मतदान के दौरान उन्हें सुरक्षा के लिए कितने सुरक्षाकर्मियों की जरूरत रहेगी। ताकि मांग के अनुसार सुरक्षाकर्मी उपलब्ध करवाई जा सके।

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