Hindi News »Rajasthan »Nagour» डीडवाना के रेलवे स्टेशन पर 4 दिन पहले मिली थी बालिका, समिति ने परिजनों को ढूंढ़ा, पिता को देख बोली- यही मेरे पापा

डीडवाना के रेलवे स्टेशन पर 4 दिन पहले मिली थी बालिका, समिति ने परिजनों को ढूंढ़ा, पिता को देख बोली- यही मेरे पापा

डीडवाना के रेलवे स्टेशन पर 2 अगस्त को मिली एक गुमशुदा बालिका को लेकर ग्रीनवेल चिल्ड्रन सोसाइटी नागौर चाइल्ड...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 07, 2018, 06:25 AM IST

डीडवाना के रेलवे स्टेशन पर 2 अगस्त को मिली एक गुमशुदा बालिका को लेकर ग्रीनवेल चिल्ड्रन सोसाइटी नागौर चाइल्ड हेल्पलाइन और सोशल मीडिया के जरिए उसके माता-पिता तक पहुंचने में सफलता हासिल की है। सोमवार को पिता जैसे ही बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश हुए तो यहां बालिका ने कहा कि यही मेरे पापा हैं।

वह रोते हुए उनके लिपट गई। जिला बाल कल्याण समिति अध्यक्ष कुंदन सिंह आचीणा ने बताया कि 2 अगस्त को एक बालिका डीडवाना रेलवे स्टेशन पर मिली थी। इसके बाद उन्हें समिति के समक्ष पेश किया गया था। समिति ने उससे पूछताछ की। उससे मिली जानकारी के आधार पर समिति ने बालिका के आवास संबंध में जानकारी पता करने के लिए फेसबुक व वाट्सएप और चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 के सहारे परिवार तक पहुंचने में सफलता हासिल की है। इसी आधार पर सोमवार को बालिका के पिता समिति के समक्ष पेश हुए।

समिति ने बालिका को पिता को सुपुर्द कर दिया। पिता को सामने देखकर दोनों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं इस दौरान चाइल्ड हेल्प लाइन कोऑर्डिनेटर प्रेमसुख टाक, सदस्य हेम सिंह, छगन सिंधी, रेवंत राम भादू, परामर्शदाता सपना टाक ने बालिका को परिजनों से मिलवाने में अपनी ओर से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रयास

चाइल्ड हेल्प लाइन और सोशल मीडिया का बाल कल्याण समिति ने लिया सहारा, परिजनों की जुटाई जानकारी

5 नाबालिग बालिकाओं का पुनर्वास

इस दौरान बाल कल्याण समिति की ओर से सोमवार को राजकीय बालिका गृह अजमेर की ओर से दो बालिकाओं को, पुलिस थाना लाडनूं, पुलिस थाना नावां तथा थांवला की ओर से एक-एक कुल तीन नाबालिग बालिका को समिति के समक्ष पेश किया गया। इस पर समिति ने बालिकाओं को अपने संरक्षण में लेकर पत्रावली का अवलोकन कर समिति अध्यक्ष कुंदन सिंह, सदस्य भरत ओझा, राजवीर ताडा, मुन्नियां जांगिड़, जगदीश जांगू ने बालिकाओं व उनके माता-पिता के मध्य समझाइश की। बालिकाओं के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए देखरेख एवं संरक्षण के लिए बालिकाओं को उनके माता-पिता को सुपुर्द किया। एक बालिका को 18 वर्ष पूर्ण होने पर स्वतंत्र किया गया। वहीं सोमवार को जब गत दिनों 2 अगस्त को डीडवाना के रेलवे स्टेशन पर मिली बालिका को उसके पिता के सुपुर्द किया गया तो दोनों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। इसके बाद बच्ची ने उसके यहां तक पहुंचने के बारे में जानकारी दी। साथ ही बालिका के पिता ने समिति के प्रयासों से उनकी बच्ची के वापस मिलने पर खुशी जताई और समिति अध्यक्ष सहित अन्य सदस्याें का भी आभार प्रकट किया। इस दौरान समिति के पदाधिकारी सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Nagour

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×