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आईटी विभाग ने मारा छापा, बीडीओ, सरपंच सहित कई अधिकारियों की अवैध मोहरें भी मिली ई-मित्र केंद्र पर

कस्बे में स्थित एक ई मित्र धारक की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर ब्लॉक आईटी प्रोग्रामर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 11, 2018, 06:26 AM IST

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    कस्बे में स्थित एक ई मित्र धारक की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर ब्लॉक आईटी प्रोग्रामर करण सिंह के नेतृत्व में आईटी विभाग के जांच दल ने शुक्रवार को तहसील मुख्यालय के सामने चल रहे ई-मित्र केंद्र धारक सुरेश चंद सांखला के ई-मित्र केंद्र पर छापा मारा। छापे की कार्रवाई के बाद यहां बरामद हुए दस्तावेजों व कई सरकारी कार्यालयों व जनसेवकों की मोहरों को देखकर जांच दल भी हैरान रह गया।

    इस दौरान सामने आया कि यहां जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, श्रमिक कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र व अन्य कई सरकारी दस्तावेजों के लिए जरुरी सरकारी अधिकारियों की मोहरें व फर्जी हस्ताक्षर कर फर्जी दस्तावेज बनाए जा रहे थे, इतना ही नहीं यहां उन कामों के लिए भी पैसे वसूले जा रहे थे, जिन्हें सरकार ने मुफ्त किया हुआ है। जाति प्रमाण पत्र व मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए भी 100-100 रुपए वसूले जा रहे थे। इस पर निरीक्षण टीम ने कलेक्टर से इस ई-मित्र केंद्र को निष्क्रिय करने व एसडीएम गौरीशंकर शर्मा से ई-मित्र धारक सुरेश चंद सांखला पर राजपत्रित अधिकारियों व सरकारी कार्यालयों की अवैध मोहरें रखने व राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दरों से अधिक राशि आमजन से वसूलने के चलते एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की है। इधर, आईटी विभाग द्वारा अचानक हुई छापामार कार्रवाई से उपखंड मुख्यालय के दूसरे ई-मित्र केंद्रों पर भी हड़कंप मच गया व डर के मारे वो अपनी अपनी दुकानें बंद करके भाग गए। गौरतलब है कि कई ई-मित्र केंद्रों पर आमजन के कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूली जातीं है व साथ ही यहां अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की अवैध मोहरे रख कार्य किए जाते है। इसे लेकर लंबे समय से जिला प्रशासन को शिकायतें भी मिल रही थी। प्रशासन को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद टीम की ओर से इस संबंध में कार्रवाई की गई। जिसमें टीम ने भी कार्रवाई के बाद मौके से मिली कई अधिकारियों की अवैध मोहरें मिलने पर आश्चर्य जताया। इसके अलावा बताया जा रहा है कि इस केंद्र पर कई सेवाओं के तय शुल्क से भी अधिक राशि वसूली जा रही थी। जबकि पूर्व में कलेक्टर की ओर से सभी स्थानीय अधिकारियों को ई मित्र केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण करने और ई मित्र केंद्र पर तय दरों का बोर्ड लगाए जाने और सेवाओं के बदले तय शुल्क लिए जाने की व्यवस्था कराए जाने के भी निर्देश दिए थे।

    इन अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की मोहरें हुई बरामद

    निरीक्षक दल को यहां विकास अधिकारी रियां बड़ी, रजिस्ट्रार जन्म- मृत्यु पंजीयन प्रमाण पत्र रियां बड़ी, सरपंच रियां बड़ी, ग्रामसेवक रियां बड़ी, पंचायत समिति सदस्य रियां बड़ी, रियां बड़ी एजीएम कोर्ट के ओथ कमिश्नर सहित अनेक कंस्ट्रक्शन कंपनियों की मोहरें भी बरामद हुई है।

    एसडीएम को सिफारिश भेज दी है

    ई-मित्र केंद्र धारक सुरेश चंद सांखला के खिलाफ अवैध रूप से राजपत्रित अधिकारियों, सरकारी कार्यालयों व ठेकेदारों की मोहरें रखने व राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दरों से अधिक राशि आमजन से वसूलने के चलते एफआईआर दर्ज कराने की उपखंड अधिकारी को सिफारिश भेज दी है व जिला कलेक्टर नागौर से इस ई-मित्र केंद्र को निष्क्रिय किए जाने के लिए भी सिफारिश की गई है। साथ ही आवश्यक कार्रवाई के लिए आग्रह किया है। करण सिंह, प्रोग्रामर रियां बड़ी

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