Hindi News »Rajasthan »Nagour» ट्रेन से ऊंटनी का पैर कटा, ट्रैक्टर में ले गए गौशाला

ट्रेन से ऊंटनी का पैर कटा, ट्रैक्टर में ले गए गौशाला

अलाय और छीला के बीच करीब नौ दिन पहले ट्रेन की चपेट में आने से एक ऊंटनी का पैर टूट गया था। जबकि ट्रेन से कटने के कारण...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 11, 2018, 06:30 AM IST

  • ट्रेन से ऊंटनी का पैर कटा, ट्रैक्टर में ले गए गौशाला
    +1और स्लाइड देखें
    अलाय और छीला के बीच करीब नौ दिन पहले ट्रेन की चपेट में आने से एक ऊंटनी का पैर टूट गया था। जबकि ट्रेन से कटने के कारण उसके बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रेन की टक्कर से ऊंटनी के घायल होने की पशुपालन विभाग के उच्चाधिकारियों तक को सूचना देने के बावजूद इलाज के लिए डॉक्टर नहीं पहुंचे। अब उसका पैर काटकर उपचार के लिए ट्रैक्टर में गौशाला पहुंचाया गया।

    पर्यावरण प्रेमी रामकुमार विश्नोई और विश्नोई महासभा के जिला सचिव ओमप्रकाश विश्नोई ने पशुपालन विभाग के राजसिंह को सूचना दी। दूसरे दिन अलाय से कंपाउडर पहुंचा। उपचार कर चला गया। कंपाउडर गुरुवार को फिर आया और घायल ऊंटनी का पैर काटकर ग्रामीणों के सहयोग से नागौर की महावीर गौशाला पहुंचाया। इस मौके पर रामस्वरूप गिला, आत्माराम पंवार, गोपीराम पंवार, बंशीलाल ज्याणी, मनोहर, रामस्वरूप ज्याणी, कैलाश पंवार, रामधन ज्याणी, सांवर मल ज्याणी, रामूराम पंवार और सीताराम आदि मौजूद थे।

    अलाय-छीला के बीच 9 दिन पहले हादसा, ग्रामीण बोले- समय पर डॉक्टर उपचार करने नहीं पहुंचे

    संयुक्त निदेशक से ग्रामीणों ने कहा- चारा और पानी की व्यवस्था कर दो, लेकिन नहीं माने

    ओमप्रकाश विश्नोई का आरोप है कि ऊंटनी के इलाज के लिए पशुपालन विभाग की तरफ से कोई सहायता नहीं मिली तो ग्रामीणों ने विभाग के सयुंक्त निदेशक सीआर मेहरड़ा से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि इलाज की समय पर व्यवस्था नहीं करवा रहे हो तो उसके लिए चारा-पानी की ही व्यवस्था करवा दो। इस पर उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। आप ऊंटनी को गौशाला या कांजी हाउस भिजवा दो।

    इस संबंध में ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग के नागौर और अजमेर में बैठने वाले अधिकारियों तक को सूचना दी। ग्रामीणों का आरोप है कि इतना सब कुछ होने के बाद भी पशुपालन विभाग का डॉक्टर उपचार करने नहीं पहुंचे। दो बार केवल कंपाउंडर ही आया। दूसरी बार अलाय से आकर कंपाउंडर ने देखा तो ऊंटनी के पैर का घाव सड़ चुका था। इसलिए उसका पैर काटना पड़ा। अब उसे गौशाला भेजा गया है।

  • ट्रेन से ऊंटनी का पैर कटा, ट्रैक्टर में ले गए गौशाला
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Nagour

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×