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15 अगस्त बाद जिले में 4 की जगह 18 डीईओ, प्राइमरी-माध्यमिक स्कूलों का काम एक जगह

भास्कर संवाददाता | कुचामन सिटी/ नागौर 15 अगस्त के बाद नागौर जिले की प्रारंभिक व माध्यमिक की 2893 स्कूलों की कमान 18...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 11, 2018, 06:35 AM IST

भास्कर संवाददाता | कुचामन सिटी/ नागौर

15 अगस्त के बाद नागौर जिले की प्रारंभिक व माध्यमिक की 2893 स्कूलों की कमान 18 डीईओ के हाथों में होगी। जिला मुख्यालय पर पूरी मॉनिटरिंग व शिक्षण व्यवस्था की देखरेख उपनिदेशक करेंगे। राज्य सरकार ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। अब जिले के प्रत्येक ब्लॉक में बीईईओ की जगह जिला शिक्षा अधिकारी बैठेंगे। जिला मुख्यालय पर तीन डीईअो जिनमें मा., प्रा. एवं रमसा का डीईओ होगा। एेसे में नागौर जिले में अब 14 ब्लॉक, तीन जिला स्तर व एक डाइट सहित कुल-18 डीईओ सरकारी स्कूलों की कमान संभालेंगे। नए डीईओ के पद सृजित करने के शिक्षा विभाग ने आदेश भी जारी कर दिए है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षा विभाग में अफसरों की तादाद तो बढेग़ी ही, साथ ही सरकारी स्कूलों की मॉनिटरिंग पुख्ता होने के साथ पदोन्नति के अवसर भी बढ़ जाएंगे। ब्लॉक व जिला स्तर पर डीईओ लगाने काे लेकर शुक्रवार को विभाग द्वारा पहली डीपीसी की अस्थाई सूची भी जारी कर दी गई है। 15 अगस्त के बाद उपनिदेशक जिले की शिक्षा व्यवस्था और डीईओ ब्लॉक की शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इससे स्कूलों के मैनेजमेंट संबंधी काम आसान होंगे। प्रधानाचार्यों को कई छोटे कामों के लिए जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा।

प्रदेश में: डीईओ 142 हैं, अब हो जाएंगे 400

प्रदेश में ब्लॉक लेवल पर 5418 पद, जिला लेवल पर 2079 पद और मंडल स्तर पर 216 पद हो जाएंगे। प्रदेश में वर्तमान में उपनिदेशकों की संख्या 16, डीईओ की संख्या 142 और बीईईओ की संख्या 301 है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपनिदेशकों की संख्या 33, डीईओ की संख्या 400 और बीईईओ कैडर के अधिकारियों की संख्या 602 हो जाएगी।

जिले में: डीईओ कहलाएंगे सीडीईओ, कैडर उपनिदेशक का

प्रदेश में वर्तमान में अलग-अलग जिलों में प्रारंभिक के 42 और माध्यमिक के 42 यानी कुल 84 जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय संचालित हैं। जबकि प्रदेश में डीईओ के कुल पद 142 है। अब इन कार्यालयों के स्थान पर सभी जिलों में एक यानी कुल 33 चीफ डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (सीडीईओ) होंगे। यह सीडीईओ उपनिदेशक कैडर के अधिकारी होंगे। इनके अधीन डीईओ स्तर के तीन अफसर लगेंगे। जिनमें एक डीईओ माध्यमिक मुख्यालय, एक डीईओ प्रारंभिक मुख्यालय और एक अतिरिक्त जिला परियोजना समन्यवक होगा। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मात्र 12 कर्मचारियों के पद होंगे। डीईआे मा. में 15, डीईओ प्रा. में 14 एवं अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, रमसा डीईओ में 22 पद होंगे।

ये पद स्वीकृत

1. संभाग स्तरीय कार्यालय : प्रभारी-संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा, पद का कैडर-संयुक्त निदेशक स्तर का

संभाग कार्यालय में कुल पद-24

2. मुख्य जिशिअ एवं पदेन एडीपीसी समग्र शिक्षा अभियान : प्रभारी-मुख्य जिशिअ एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक, पद का स्तर-उपनिदेशक

3. मुख्य जिशिअ कार्यालय : कुल पद-12

-जिशिअ माध्यमिक शिक्षा : प्रभारी- डीईओ, कार्यालय में कुल पद-15

4. जिशिअ (मुख्यालय) प्रारंभिक शिक्षा : प्रभारी डीईओ स्तर का, कुल पद-14

5. अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा अभियान : प्रभारी-जिशिअ स्तर का अधिकारी, कुल पद-22

6. ब्लॉक : प्रभारी- मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी

फायदा: शैक्षिक स्तर सुधरेगा, मॉनिटरिंग होगी आसान

शिक्षा विभाग में इस बड़े बदलाव का फायदा शिक्षा का स्तर ग्रामीण स्तर पर सुधारने का मौका मिलेगा। प्रारंभिक व माध्यमिक स्कूलों के काम एक जगह होंगे। स्कूलों में आ रही छोटी छोटी समस्याओं का जल्द निपटारा होगा। इसके अलावा अधिकारी मॉनिटरिंग भी ज्यादा कर सकेंगे, समस्याएं निपटाने के अधिकार भी बढ़ेंगे।

यह भी: अधिकारी बढ़ेंगे, मंत्रालय कर्मचारी कम होंगे

विभागीय अधिकारियों के अनुसार पुनर्गठन के बाद विभाग एक नए सिस्टम में नजर आएगा। उपनिदेशक, डीईओ कार्यालयों में मंत्रालय कर्मचारियों के पद कम हो जाएंगे। अधिकारियों की संख्या बढ़ने से मॉनिटरिंग का काम भी आसान हा़े जाएगा। ब्लॉक स्तर पर डीईओ का पदस्थापन जल्द होगा। वर्तमान में प्रदेश में 16 उपनिदेशक कार्यालय संचालित हैं। इनमें 9 माध्यमिक शिक्षा में और 7 प्रारंभिक शिक्षा में। कार्यालयों में कर्मचारियों की कुल संख्या 216 रहेगी। पुनर्गठन के बाद विभाग एक नए सिस्टम में नजर आएगा। पीईईओ और बीईईओ दोनों ही प्रिंसिपल रैंक के अधिकारी थे। इससे गफलत हो रही थी। ब्लॉक में डीईओ लगाने से यह गफलत दूर होगी।

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