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तीन तरीकों से लोक प्रशासन को लोक सेवा में बदलें

करंट अफेयर्स पर 30 से कम उम्र के युवाओं की सोच दिवाकर झुरानी, 27 द फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी टफ्ट...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 15, 2018, 05:40 AM IST

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    करंट अफेयर्स पर 30 से कम उम्र के युवाओं की सोच

    दिवाकर झुरानी, 27

    द फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी

    टफ्ट यूनिवर्सिटी, अमेरिका

    linkedin.com/in/diwakar-jhurani-14452717

    हाल ही 980 पदों के लिए यूपीएससी के नतीजे घोषित हुए। 10 लाख छात्र परीक्षा में बैठे थे। मोटेतौर पर हर हजार आवेदकों में एक सफल हुआ। हर छात्र परीक्षा के प्रति गंभीर नहीं रहा होगा पर मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए 13 हजार युवा तो गंभीर व बुद्धिमान माने जा सकते हैं। कड़ी चयन प्रक्रिया के बावजूद भारतीय नौकरशाही को प्राय: अक्षम माना जाता है। मुख्य कारण यह लगता है कि एक बार यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद पद पर रहने का आजीवन लाइसेंस मिल जाता है। कमजोर प्रदर्शन को ज्यादा तवज्जो नहीं मिलती। पदोन्नति भी अनुभव के साथ जुड़ी है। सबसे खराब स्थिति में अधिकारी ऐसे विभाग में भेज दिया जाता है, जिसे महत्वपूर्ण नहीं माना जाता। कमजोर छात्र को उसी कक्षा में रहना पड़ता है और लगातार परीक्षा में फेल होता रहे तो स्कूल से निकाल भी दिया जाता है, क्या यही तरीका सिविल सेवा के अधिकारी पर भी लागू नहीं होना चाहिए?

    तीन सुधारों से मदद मिल सकती है। एक, अभी यूपीएससी से सालाना एक हजार प्रत्याशी लिए जाते हैं, जिसे पांच हजार तक बढ़ाया जाए। दो, चयन के 2 साल के बाद सारे स्तरों पर कमजोर प्रदर्शन करने वाले 20 फीसदी अधिकारियों को हटाना शुरू किया जाए। यदि किसी स्तर पर कमी महसूस हो तो खुले विज्ञापन के जरिये बाहर से लोगों को लिया जा सकता है। तीन, हर सिविल अधिकारी को एक ही विभाग में न्यूनमत चार साल रहने दिया जाए ताकि उसके प्रदर्शन का उचित आकलन हो सके। इससे राजनेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत भी टूटेगी। अधिकारी प्राय: नेताओं से वांछित विभागों में तबादले का अनुरोध करते हैं, बदले में उनके काम करते हैं।

    सिविल सेवा व्यवस्था ब्रिटिश शासकों ने भारत पर शासन करने के लिए बनाई थी, सेवा देने के लिए नहीं। इस व्यवस्था को अब अपना फोकस लोक प्रशासन से बदलकर लोक सेवा करना होगा। सारे ही सिविल सेवा अधिकारी खराब काम नहीं करते, कुछ तो असाधारण हैं और बहुत अच्छी लोकसेवा को अंजाम दे रहे हैं। लेकिन, खराब अधिकारियों को सिस्टम से नहीं निकाला गया, तो हम राष्ट्र के प्रति बहुत गलत कर रहे होंगे।

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