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हिंसा की तस्वीरें... राज्य के 23 में से 15 जिलों में हिंसा हुई, चुनाव आयोग को दोपहर तक 500 जगहों से शिकायतें मिलीं

Dainik Bhaskar

May 15, 2018, 05:45 AM IST

Nagour News - पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर भाजपा और सीपीएम कार्यकर्ताओं से मारपीट की।...

हिंसा की तस्वीरें... राज्य के 23 में से 15 जिलों में हिंसा हुई, चुनाव आयोग को दोपहर तक 500 जगहों से शिकायतें मिलीं
पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर भाजपा और सीपीएम कार्यकर्ताओं से मारपीट की। एक स्थानीय टीवी चैनल ने टीएमसी कार्यकर्ताओं के बंदूक लहराते हुए फुटेज भी दिखाए। पर टीएमसी ने उन्हें अपना कार्यकता नहीं माना।

देश में 5 साल में सबसे बड़ी चुनावी हिंसा, टीएमसी के 34% प्रत्याशी निर्विरोध जीते हैं


एजेंसी | कोलकाता

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है। इनमें 11 लोगों की मौत हुई है। सोमवार सुबह मतदान शुरू होते ही अलग-अलग हिस्सों से हिंसा की खबरें आने लगीं, जो दिनभर चलीं। इनमें 50 से ज्यादा घायल हुए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग को दोपहर तक ही हिंसा से जुड़ी 500 ज्यादा शिकायतें मिल चुकी थीं। राज्य में हिंसा की ये स्थिति तब है, जब सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस 34% सीटें पहले ही निर्विरोध जीत चुकी है। राजनीतिक पर्यवेक्षक इस पंचायत चुनाव को हाल के सालों का सबसे हिंसक चुनाव करार दे रहे हैं। पिछले 5 साल में देश में किसी राज्य में चुनाव में ऐसी हिंसा नहीं देखने को मिली। इससे पहले बंगाल में ही 2013 में पंचायत चुनावों के दौरान 21 लोग मारे गए थे।

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है। इनमें 11 की मौत और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। गृह मंत्रालय ने हिंसा के संबंध में ममता सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

तृणमूल कांग्रेस का अभी राज्य की 90 फीसदी पंचायत सीटों पर कब्जा है

16, 814 पंचायतों में टीएमसी प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए हैं

राज्य में 622 जिला परिषद, 6158 पंचायत समिति और 31,836 ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इनमें 203 तीन जिला परिषद, 3059 पंचायत समित और 16,814 ग्रांम पंचायतों में सिर्फ टीएमसी प्रत्याशी मैदान में थे। इसके चलते इन्हें पहले ही निर्विरोध घोषित किया जा चुका है।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान 12 लोगों की मौत हुई थी

राज्य में चुनाव से पहले नामंकन दाखिल करने की प्रक्रिया के दौरान भी हिंसा की व्यापक घटनाएं हुई थीं। इसमें भाजपा, माकपा, कांग्रेस, टीएमसी के कम से कम 12 कार्यकर्ता और समर्थक मारे गए थे। इसके अलावा सैकड़ों घायल भी हुए थे।

हिंसा की वजह | टीएमसी 2019 से पहले दिखाना चाहती है दम

राज्य में टीएमसी का करीब 90% पंचायत, जिला परिषद सीटों पर कब्जा है। वह 2019 चुनाव के पहले इस रुतबे को हासिल करना चाहती है। इसी मकसद में पार्टी कार्यकर्ताओं को खुली छूट दे रखी है। सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी भी उतारे हैं।

ये 15 जिले सबसे ज्यादा रहे प्रभावित

राज्य के दक्षिण दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद, नदिया, उत्तर चौबीस परगना, कूचबिहार, दक्षिण 24-परगना, दुर्गापुर जिलों में हिंसा, बैलट बॉक्सों को लूटने की सबसे ज्यादा घटनाएं हुई हैं। कई जिलों में बैलेट बॉक्स तालाबों में पाए गए। राज्य में चार राज्यों की पुलिस फोर्स तैनात थी।

राज्य में चार राजनीतिक दलों के बीच पिछले कई साल से वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। इनमें टीएमसी, भाजपा, कांग्रेस और सीपीआईएम शामिल हैं। भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद कई बार टकराव हुआ है।

जब उपद्रवियों ने लक्ष्मण रेखा खींच दी

बंगाल के बीरपाड़ा से एक वीडियो सामने आया है। इसमें टीएमसी कार्यकर्ता मतदाताओं को बूथ से पहले ही रोक रहे हैं। पहले उन्हें वोट डालने से मना करते हैं, जब वो नहीं मानते तो डंडे लिए टीएमसी समर्थक सड़क पर लाइन (लक्ष्मण रेखा की तरह) खींच देता है। आगे नहीं जाने की धमकी देता है।

राज्य में टीएमसी पर दूसरी पार्टी के उम्मीदवारों को नामांकन से रोकने के आरोप का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को कहा था कि चुनाव आयोग ऐसे उम्मीदवारों को विजयी घोषित न करें, जहां किसी और पार्टी के प्रत्याशी नामांकन न कर पाए हों।

इससे पहले पश्चिम बंगाल में ही 2013 में हुए पंचायत चुनाव में 21 लोगों की मौत हुई थी

राजनीति

सीपीएम: ये लोकतंत्र का विनाश है

सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि ये कुछ और नहीं बल्कि लोकतंत्र का विनाश है। चुनाव आयोग राजनीतिक प्रतिनिधियों को समय नहीं दे रहा है। हम इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। मीडिया ज्यादा नहीं दिखा रहा है। उन्होंने पत्रकारों की हिम्मत की प्रशंसा भी की।

टीएमसी: कोई बड़ी घटना नहीं हुई

टीएमसी नेता पार्थ चटर्जी ने कहा कि राज्य में छोटी घटनाएं हुई हैं। किसी भी बड़ी घटना की खबर नहीं आई। प्रशासन अपना काम कर रहा है। शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हो रहा है।

भाजपा: बंगाल सरकार बेशर्म हो गई

भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो ने कहा कि बंगाल में निर्दोष मारे जा रहे हैं। बंगाल सरकार बेशर्म हो गई है। इस सरकार से किसी भी संवैधानिक व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती। राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए।

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