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मौजूदा वित्त वर्ष में 8,000 टन हो सकता है चांदी आयात

ग्लोबल बाजार में घटती कीमतों और ग्रामीण इलाकों में आभूषणों की मांग के चलते मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान गरीब का सोना...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 02, 2018, 05:55 AM IST

मौजूदा वित्त वर्ष में 8,000 टन हो सकता है चांदी आयात
ग्लोबल बाजार में घटती कीमतों और ग्रामीण इलाकों में आभूषणों की मांग के चलते मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान गरीब का सोना यानि चांदी के आयात में 10 फीसदी की बढ़ोतरी होने की उम्मीद की जा रही है।

वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान लगभग 7,100 टन चांदी का आयात किया गया। एक साल में कीमतों में तीन फीसदी से अधिक की कमी की वजह से पिछले वित्त वर्ष के दौरान चांदी के आयात में वृद्धि देखने को मिली। मौजूदा वित्त वर्ष में चांदी आयात 8,000 टन तक पहुंच सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बेस मेटल की तरह चांदी की कीमतों में भी तेजी आने की उम्मीद है। इसके चलते ग्रामीण इलाकों में चांदी की मांग में इजाफा होने की संभावना है। देशभर के सर्राफा बाजारों में अभी चांदी के भाव 40,000 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास बने हुए है। विशेषज्ञों के मुताबिक चांदी की कीमत अभी सोने की तुलना में कम है। इसके चलते सोने के मुकाबले चांदी में ज्यादा तेजी आने की संभावना है। कार्वी कमोडिटीज के महाप्रबंधक (रिसर्च) हिमांशु गुप्ता के मुताबिक लघु अवधि में चांदी प्रति औंस 16 डॉलर के साथ इसकी कीमतों में मजबूती बनी रहेगी। यह आने वाले महीनों में प्रति औंस 17-17.5 डॉलर तक जा सकती है। इसका मतलब है कि चांदी में 2000 से 3000 रुपए प्रति किलोग्राम की तेजी आ सकती है।

चांदी हो सकती है 47,000 के पार

विशेषज्ञों के मुताबिक गोल्ड-टू-सिल्वर रेशो का 30 वर्ष का हिस्टोरिकल एवरेज लगभग 66 है। जबकि अभी यह करीब 80 है। ग्लोबल बाजार में अभी चांदी का भाव 16.20 डॉलर प्रति औंस और सोने का भाव 1,307 डॉलर प्रति औंस के आसपास है। यदि गोल्ड-टू-सिल्वर रेशो के 66 के हिस्टोरिकल एवरेज को लें तो सिल्वर का रेट लगभग 20 डॉलर प्रति औंस होना चाहिए। इस वजह से सिल्वर के 47,000 रुपये प्रति किलोग्राम को पार करने की संभावना है। गोल्ड-टू-सिल्वर रेशो चांदी की वह रकम होती है, जो सोना का एक औंस खरीदने में लगती है। निवेशक सोना और चांदी खरीदने के उपयुक्त समय को जानने के लिए इस रेशो पर नजर रखते हैं। जब रेशो अधिक होता है तो ऐसा माना जाता है कि यह सिल्वर के पक्ष में है। लेकिन कम होने पर सोने पर फोकस बढ़ जाता है।

खरीफ फसल अच्छी होने से जागी उम्मीद :खरीफ फसल अच्छी होने से ग्रामीण इलाकों में चांदी मांग बढ़ी है। सोना महंगा होने से भी चांदी के खरीदारों की तादाद में इजाफा हुआ है। मौसम विभाग ने इस साल मानसून सामान्य रहने का पूर्वानुमान लगाया है। इसके मद्देनजर खरीफ उत्पादन बेहतर होने की संभावना है। इसके चलते आने वाले दीपावली व वेडिंग सीजन के दौरान चांदी की मांग में और तेजी संभव है।

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Web Title: मौजूदा वित्त वर्ष में 8,000 टन हो सकता है चांदी आयात
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