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लेखिका ने साढ़े तीन मिनट में समझा दी दुनिया में महिलाओं की स्थिति

लिली मेयर्स अमेरिका की युवा लेखिका और कवि हैं। वेस्लीन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान ही उन्हें कविताएं लिखने का...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 12, 2018, 06:20 AM IST

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    लिली मेयर्स अमेरिका की युवा लेखिका और कवि हैं। वेस्लीन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान ही उन्हें कविताएं लिखने का शौक बढ़ा और उन्होंने आज के दौर की बातों के साथ कविताएं लिखना शुरू किया। लिली का हाल ही एक वीडियो यूट्यूब पर अपलोड हुआ है। उस मात्र साढ़े तीन मिनट के वीडियो में उन्होंने कविता के माध्यम से दुनियाभर की महिलाओं की स्थिति बता दी है। कविता का नाम ‘श्रिन्किंग वीमैन’ है।

    लिली के अनुसार घर में खाने, बैठने, घूमने, मनोरंजन करने, अधिकार पाने तक में महिलाओं की स्थिति लड़कों या पुरुषों से अलग होती है। उन्होंने अपने भाई का उदाहरण दिया कि वह बिना सोचे-समझे कुछ भी बोल जाता है, लेकिन हम लड़कियों को हर शब्द सोच-समझकर बोलना पड़ता है। लिली के इस वीडियो को दुनिया की मशहूर वेबसाइटों ने अपने पोर्टल पर दिखाया है। लिली ने यह कविता कॉलेज यूनियन के कार्यक्रम में कही थी।

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    लाख से अधिक व्यू एवं 70 हजार से अधिक लाइक्स इस वीडियो को मिले हैं।



    युद्ध घोषित करने के लिए जनमत संग्रह कराने की बात पर छिड़ी बहस

    अमेरिका को सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप करना चाहिए या नहीं। इस पर अमेरिका में कभी सहमति नहीं बनी। ऐसा इसलिए क्योंकि संसद सदस्य देश की प्रतिक्रिया जानने की बात करते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते। इसी मुद्‌दे पर करीब एक सदी पुराने उस संविधान संशोधन की बात निकल आई, जो विफल रहा था।

    यह पोस्ट 2013 की है, लेकिन यह इन दिनों फिर चर्चित है क्योंकि सीरिया में शांति नहीं हुई है। इसमें बताया है कि 1916 में प्रथम विश्वयुद्ध का दौर था, तब नेब्रास्का के लोगों ने संसद में अपनी याचिका लगाकर मांग रखी थी। उसमें उल्लेख था कि जब भी संसद को कोई युद्ध घोषित करना हो तो वह पहले जनमतसंग्रह कराए। उसे ‘नेशनल वोट’ कहा गया था। उसमें जो व्यक्ति युद्ध के पक्ष में वोट डालता, उसे सेना में भी वाॅलेंटियर सेवा देनी पड़ती। परन्तु वह संशोधन नहीं हो पाया था। इसी विषय पर इन दिनों फिर बहस शुरू हो गई है।

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    ट्रेन्डिंग पॉइन्ट एवं 88 फीसदी अपवोटिंग के साथ यह पोस्ट शीर्ष 5 में शामिल है।

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