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बेरोजगारों को कम्प्यूटर ट्रेनिंग देने का झांसा

देश भर में बेरोजगारों को कम्प्यूटर ट्रेनिंग दिलाने के नाम पर करीब सौ करोड़ की ठगी करने वाली आईटी सोल्यूशन कंपनी के...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 06:20 AM IST

देश भर में बेरोजगारों को कम्प्यूटर ट्रेनिंग दिलाने के नाम पर करीब सौ करोड़ की ठगी करने वाली आईटी सोल्यूशन कंपनी के जाल में अजमेर के भी बेरोजगार फंसे हैं। कंपनी ने अजमेर के बेरोजगारों के करीब बीस लाख रुपए हड़पे।

इस बारे में पीड़ितों ने आईजी मालिनी अग्रवाल को शिकायत देकर न्याय दिलाने की गुहार की है। ठगी का शातिराना तरीका यह था कि कंपनी ने देश भर में अलग-अलग संस्थाओं के माध्यम से शिक्षित बेरोजगारों को कम्पूटर ट्रेनिंग कराने के एवज में प्रत्येक अभ्यर्थी से 1200 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर जमा किए।

कंपनी ने वादा किया था कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को 10 से 12 हजार प्रत्येक को प्रोत्साहन राशि के तौर पर दी जाएगी। कंपनी ने अजमेर से सैंकड़ों बेरोजगारों से रजिस्ट्रेशन फीस तो वसूली, लेकिन उन्हें भुगतान की जाने वाली राशि के चेक बाउंस हो गए। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।

देशभर में सौ करोड़ की ठगी करने वाली कंपनी ने अजमेर में भी बेरोजगारों के बीस लाख रुपए डकारे

प्रत्येक अभ्यर्थी कोे 2500 रुपए जमा कराने थे...

पुलिस के अनुसार मामले में मैसर्स जूनिया हाथ करघा उत्पादक सहकारी समिति के संचालक कालूराम ने आईजी मालिनी अग्रवाल को दी शिकायत में बताया कि संस्था का प्रशिक्षण केन्द्र भजनगंज में स्थित है। संस्था सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं को हथकरघा वस्त्र और अन्य सामान सप्लाई करने के अलावा स्वरोजगार प्रशिक्षण भी बेरोजगारों और महिलाओं को मुहैया कराती है। जयपुर की सहकारी समिति कोमल एसोसिएट के संचालकों ने उससे संपर्क कर जानकारी दी थी कि ओडिशा की कंपनी आईटी साल्यूशन के माध्यम से वह बेरोजगारों को कम्प्यूटर शिक्षा और अन्य प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके तहत प्रत्येक अभ्यर्थी से 2500 रुपए जमा कराने होंगे। प्रशिक्षण के बाद संस्था को यह राशि वापस मिल जाएगी और प्रत्येक अभ्यर्थी को भी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस आधार पर अजमेर से सौ अभ्यर्थियों के करीब ढाई लाख रुपए की राशि का भुगतान कर रसीद प्राप्त की थी। कंपनी ने वादा किया था कि प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रत्येक अभ्यर्थी को 12 हजार 500 रुपए के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। आरोपी फर्म ने उसे प्रारंभ में 45 हजार रुपए का चेक दिया, लेकिन यह चेक बाउंस हो गया। बाद में आरोपी कोमल एसोसिएट कंपनी ने अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र भेजे। प्रमाण पत्र आईटीएसपीएल कंपनी के नाम पर जारी किए गए थे। उल्लेखनीय है कि आईटीएसपीएल कंपनी पर देश भर में बेरोजगारों से करीब सौ करोड़ रुपए की ठगी का आरोप है। रायपुर में पुलिस ने आरोपी फर्म के संचालकों को भी पिछले महीने गिरफ्तार किया था।

ठगी का शातिराना तरीका

जानकारी के अनुसार ओडिशा की कंपनी आईटी साल्यूशन कंपनी बड़ी कंपनियों के सीएमआर मैनेजमेंट का काम करती है। कंपनी बेरोजगारों को कंम्प्यूटर ट्रेनिंग, मोबाइल इंजीनियर और अन्य रोजगार परक प्रशिक्षण देने के एवज में उन्हें आकर्षक प्रोत्साहन राशि देने का वादा करती थी। कंपनी के जाल में देश भर के ट्रेनिंग सेंटर के संचालक फंसे और इनके माध्यम से बड़ी संख्या में बेरोजगार ठगी का शिकार हुए थे।

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