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दृष्टिहीन छात्रों को जोधपुर जाकर नहीं करनी पड़ेगी आगे की पढ़ाई

बीकानेर|बीकानेर के दृष्टिहीन छात्रों के स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को अब 10वीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 12, 2018, 06:35 AM IST

बीकानेर|बीकानेर के दृष्टिहीन छात्रों के स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को अब 10वीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए जोधपुर-अजमेर जाने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि छात्र बीकानेर के ही दृष्टिहीन छात्रों के स्कूल में 11वीं-12वीं की पढ़ाई कर कर सकेंगे। राज्य सरकार ने संभाग के एक मात्र राजकीय दृष्टिहीन छात्रावासित स्कूल को माध्यमिक से उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत कर दिया है। इस स्कूल को दो साल पहले उच्च प्राथमिक से माध्यमिक में क्रमोन्नत किया गया था। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स ने शिक्षा सत्र 2017-18 में 10वीं की परीक्षा दी है लेकिन स्कूल के माध्यमिक तक ही होने के कारण छात्रों के सामने आगे की पढ़ाई को लेकर समस्या खड़ी हो गई। दृष्टिहीन छात्रों की समस्या को ‘भास्कर’ ने 9 मई के अंक में ‘सरकार ने प्रदेश के 1016 सैकंडरी स्कूल अपग्रेड किए, बीकानेर का दृष्टिहीन छात्रों का स्कूल नजर नहीं आया’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद 9 मई को ही शिक्षा ग्रुप-एक विभाग के शासन उप सचिव-प्रथम आर.एस.झालानी ने दृष्टिहीन छात्रों के स्कूल को माध्यमिक से उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत करने की स्वीकृति जारी कर दी। इस स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को 11वीं कक्षा में प्रवेश शिक्षा सत्र 2018-19 से मिलेगा। वहीं दूसरे वर्ष 12वीं कक्षा शुरू होगी। गौरतलब है कि सीएम की वर्ष 2018-19 की बजट घोषणा के तहत राजकीय नेत्रहीन छात्रावासित स्कूल को उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत किया गया है। पदों का निर्धारण भी कर दिया गया है। इसी सत्र से 11वीं कक्षा में प्रवेश शुरू होंगे। नथमल डिडेल, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा * ‘भास्कर’ ने नेत्रहीन छात्रों की समस्या को उठाकर एक सराहनीय कार्य किया है। स्कूल के अपग्रेड होने से अब नेत्रहीन छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए जोधपुर जाने की जरूरत नहीं होगी। रामदयाल जाट, छात्र, राजकीय नेत्रहीन छात्रावासित स्कूल।

स्टूडेंट्स की रूचि के आधार पर संकाय का निर्धारण

नेत्रहीन स्कूल को क्रमोन्नत करने के साथ ही पदों का निर्धारण भी किया गया है। 12वीं तक के नेत्रहीन विद्यालय को तीन व्याख्याता और एक प्रिंसिपल तथा एक तृतीय श्रेणी लेवल-दो का एक पद दिया गया है। साथ एचएम और एक सैकंड ग्रेड का पद कम किया गया है। संकाय एवं संकाय के तहत ऐच्छिक विषयों का निर्धारण छात्रों की रूचि और सहमति से किया जाएगा।

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